{"_id":"b86ddcf0ec96389d34fe4f08c4211f76","slug":"home-alpawas-warden-stopped-running-from-the-women-in-the-room-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वार्डन को कमरे में बंद कर अल्पावास गृह से भागी युवतियां ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वार्डन को कमरे में बंद कर अल्पावास गृह से भागी युवतियां
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Mon, 23 Feb 2015 12:16 AM IST
विज्ञापन
उन्नाव। अल्पावास गृह में रखी गईं सात युवतियां रविवार की शाम वार्डन को कमरे में बंद कर दीवार फांदकर भाग गईं। वार्डन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की लेकिन कहीं पता नहीं चला।
शहर के मोहल्ला सिविल लाइंस ‘संवेदना’ अल्पावास गृह में पुलिस द्वारा पकड़ी गई महिलाओं को सुरक्षा की दृष्टि से रखा जाता है। ये वे युवतियां होती हैं, जिनके खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं। यहां पर करीब तीस महिलाएं रखी गईं थीं। रविवार को छुट्टी के चलते वार्डन विष्णु प्रिया अकेली थीं।
उनके मुताबिक कुछ दिन पहले उन्होंने आंखों का आपरेशन कराया था। करीब तीन बजे आंख में दवा डालने के लिए कमरे में जा रही थीं। तभी पिंकी नाम की युवती ने कहा कि वह टीवी देखेगी। वार्डन ने टीवी चला दी और दवा डालकर आंख बंद कर ली।
विज्ञापन
पिंकी ने वार्डन के कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और सात युवतियां दीवार फांदकर भाग निकलीं। वार्डन के मुताबिक गेट बंद था। युवतियां दीवार फांदकर भागीं। कुछ देर बाद शोर मचाने पर अन्य युवतियों ने दरवाजा खोला। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को फोन से सूचना दी गई। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
वार्डन के मुताबिक इंचार्ज ममता यादव को उन्होंने सूचना दे दी है लेकिन वे शहर से बाहर होने के कारण पहुंच नहीं पाई हैं। भागी गई युवतियों में ज्यादातर बारासगवर और गंगाघाट थाना क्षेत्र की हैं।
कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र कुमार रघुवंशी ने बताया कि अल्पावास गृह से भागी युवतियों के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अभी उन्हें खोजने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
शहर के मोहल्ला सिविल लाइंस ‘संवेदना’ अल्पावास गृह में पुलिस द्वारा पकड़ी गई महिलाओं को सुरक्षा की दृष्टि से रखा जाता है। ये वे युवतियां होती हैं, जिनके खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं। यहां पर करीब तीस महिलाएं रखी गईं थीं। रविवार को छुट्टी के चलते वार्डन विष्णु प्रिया अकेली थीं।
विज्ञापन
उनके मुताबिक कुछ दिन पहले उन्होंने आंखों का आपरेशन कराया था। करीब तीन बजे आंख में दवा डालने के लिए कमरे में जा रही थीं। तभी पिंकी नाम की युवती ने कहा कि वह टीवी देखेगी। वार्डन ने टीवी चला दी और दवा डालकर आंख बंद कर ली।
विज्ञापन
पिंकी ने वार्डन के कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और सात युवतियां दीवार फांदकर भाग निकलीं। वार्डन के मुताबिक गेट बंद था। युवतियां दीवार फांदकर भागीं। कुछ देर बाद शोर मचाने पर अन्य युवतियों ने दरवाजा खोला। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को फोन से सूचना दी गई। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
वार्डन के मुताबिक इंचार्ज ममता यादव को उन्होंने सूचना दे दी है लेकिन वे शहर से बाहर होने के कारण पहुंच नहीं पाई हैं। भागी गई युवतियों में ज्यादातर बारासगवर और गंगाघाट थाना क्षेत्र की हैं।
कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र कुमार रघुवंशी ने बताया कि अल्पावास गृह से भागी युवतियों के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अभी उन्हें खोजने का प्रयास किया जा रहा है।