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जोखिम भरा है हाईवे का सफर
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उन्नाव। चार दिन की बरसात ने लखनऊ-कानपुर हाईवे की मरम्मत की पोल खोल दी है। जगह-जगह सड़क उखड़ गई है और गहरे गड्ढे हो गए हैं। ऐसे में इन्हें पार कर निकलना किसी जोखिम से कम नहीं है। खस्ताहाल सड़क की वजह से लखनऊ से कानपुर के बीच 60 किमी की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे के बजाए करीब तीन घंटे लग रहे हैं। यही नहीं जर्जर सड़क पर कोई न कोई हादसा होना भी रोजाना की बात है। सोमवार को लखनऊ की ओर जा रही कार गड्ढों में अनियंत्रित होकर पलट गई। कार सवार दो युवक घायल हो गए।
खस्ताहाल लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सफर जोखिम भरा है। चार दिन की बारिश ने हाईवे की हालत इस कदर बिगाड़ दी है कि कानपुर जाजमऊ पुल से सई नदी बनी पुल के बीच करीब डेढ़ सौ गड्ढे हो गए हैं। इनमें बजेहरा, नवाबगंज, सोनिक, उन्नाव नवीन मंडी, गदनखेड़ा चौैराहा, नरी, गहिरा, आजाद मार्ग चौराहा के पास सहित दर्जनों स्थानों पर सड़क उखड़ चुकी है। वाहन चालक गड्ढों और सड़क पर फैली गिट्टी में फिसल कर हादसों का शिकार हो रहे हैं। मार्ग जर्जर होने से आए दिन वाहन फंसते हैं। सोमवार को कानपुर से लखनऊ की ओर जा रही कार के चालक ने सड़क के गड्ढों से बचने के लिए तेज ब्रेक लगाई, इससे अनियंत्रित होकर पलट गई। कार में सवार कानपुर किदवई नगर निवासी रोहन व उसके साथी को चोटें भी आईं। सूचना पर पहुंचने परिचितों ने दोनों की मरहम पट्टी कराई। कार को एक मेकेनिक के गैराज में छोड़कर दोनों को लेकर चले गए।
लाखों का टोल टैक्स फिर सड़क खस्ताहाल
हाईवे पर सुरक्षित सफर और रखरखाव के लिए एनएचएआई वाहनों से टोल टैक्स भी लेती है। नवाबगंज स्थित टोल बैरियर पर प्रतिदिन वाहनों से औसतन 15 लाख रुपये टोल टैक्स के रूप में लिया जाता है। इसके अलावा हाईवे पर सुरक्षा और यातायात की सुगमता के कार्य कराने के लिए एक साल पहले एनएचएआई ने 11.2 करोड़ रुपये अतिरिक्त जारी किए थे। लेकिन मरम्मत के नाम पर हुई खानापूर्ति से सुधार नहीं हो सका।
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हाईवे के दुर्घटना बाहुल्य स्थान
सदर कोतवाली क्षेत्र में शेखपुर नरी, गदनखेड़ा चौराहा, हुसैन नगर चौराहा, दही चौकी पुरवा मोड़। गंगाघाट थाना क्षेत्र में त्रिभुवन खेड़ा, कनोडिया पेट्रोल पंप के पास। अचलगंज थाना क्षेत्र में बदरका चौराहा, गहरा। अजगैन थाना क्षेत्र में नवाबगंज कस्बा, चमरौली व बशीरतगंज के बीच, मुतर्जानगर। सोहरामऊ थाना क्षेत्र में कस्बा सोहरामऊ व आशाखेड़ा।
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खस्ताहाल लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सफर जोखिम भरा है। चार दिन की बारिश ने हाईवे की हालत इस कदर बिगाड़ दी है कि कानपुर जाजमऊ पुल से सई नदी बनी पुल के बीच करीब डेढ़ सौ गड्ढे हो गए हैं। इनमें बजेहरा, नवाबगंज, सोनिक, उन्नाव नवीन मंडी, गदनखेड़ा चौैराहा, नरी, गहिरा, आजाद मार्ग चौराहा के पास सहित दर्जनों स्थानों पर सड़क उखड़ चुकी है। वाहन चालक गड्ढों और सड़क पर फैली गिट्टी में फिसल कर हादसों का शिकार हो रहे हैं। मार्ग जर्जर होने से आए दिन वाहन फंसते हैं। सोमवार को कानपुर से लखनऊ की ओर जा रही कार के चालक ने सड़क के गड्ढों से बचने के लिए तेज ब्रेक लगाई, इससे अनियंत्रित होकर पलट गई। कार में सवार कानपुर किदवई नगर निवासी रोहन व उसके साथी को चोटें भी आईं। सूचना पर पहुंचने परिचितों ने दोनों की मरहम पट्टी कराई। कार को एक मेकेनिक के गैराज में छोड़कर दोनों को लेकर चले गए।
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लाखों का टोल टैक्स फिर सड़क खस्ताहाल
हाईवे पर सुरक्षित सफर और रखरखाव के लिए एनएचएआई वाहनों से टोल टैक्स भी लेती है। नवाबगंज स्थित टोल बैरियर पर प्रतिदिन वाहनों से औसतन 15 लाख रुपये टोल टैक्स के रूप में लिया जाता है। इसके अलावा हाईवे पर सुरक्षा और यातायात की सुगमता के कार्य कराने के लिए एक साल पहले एनएचएआई ने 11.2 करोड़ रुपये अतिरिक्त जारी किए थे। लेकिन मरम्मत के नाम पर हुई खानापूर्ति से सुधार नहीं हो सका।
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हाईवे के दुर्घटना बाहुल्य स्थान
सदर कोतवाली क्षेत्र में शेखपुर नरी, गदनखेड़ा चौराहा, हुसैन नगर चौराहा, दही चौकी पुरवा मोड़। गंगाघाट थाना क्षेत्र में त्रिभुवन खेड़ा, कनोडिया पेट्रोल पंप के पास। अचलगंज थाना क्षेत्र में बदरका चौराहा, गहरा। अजगैन थाना क्षेत्र में नवाबगंज कस्बा, चमरौली व बशीरतगंज के बीच, मुतर्जानगर। सोहरामऊ थाना क्षेत्र में कस्बा सोहरामऊ व आशाखेड़ा।