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आठ दिन बाद फिर मिला कोरोना संक्रमित
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उन्नाव। जिले में आठ दिन बाद फिर एक और व्यक्ति कोरोना संक्रमित निकला है। लखनऊ पीजीआई में हुई जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे नवाबगंज के सरस्वती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
औरास ब्लॉक के गांव रायपुर बसवाकोला निवासी 47 वर्षीय किसान बुद्धा को लीवर में दिक्कत होने पर परिजन लखनऊ पीजीआई ले गए थे। वहां डॉक्टर ने इलाज से पहले कोरोना जांच कराई तो कोरोना संक्रमण होने की पुष्टि हुई। सीएमओ कार्यालय रिपोर्ट आने पर स्वास्थ्य टीम मरीज के घर पहुंची और उसे सरस्वती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। उसके परिवार के पांच सदस्यों की कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं।
कोरोना जांच के लिए सीएमओ कार्यालय से लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज 1887 सैंपल एक सप्ताह पहले भेजे गए थे। इन सैंपल की अभी तक रिपोर्ट नहीं आ है। ऐसे में यदि इन सैंपल की रिपोर्ट में कोई पॉजिटिव होगा भी तो वह रिपोर्ट आने तक कई लोगों को संक्रमित कर देगा। इस बात से स्वास्थ्य अधिकारी परेशान हैं।
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शुक्लागंज के ठाकुरखेड़ा सीएचसी में पांच दिसंबर को मुख्यमंत्री ने आरटीपीसीआर मशीन का ऑनलाइन शुभारंभ तो कर दिया, लेकिन तीन दिन बाद भी जांच शुरू नहीं हो सकी। सैंपल लगाने के लिए मशीन में डीपवेल प्लेट लगाई जाती है। तीन दिन में यह आनी थी, लेकिन अब तक नहीं हो पाई। इससे जिले में जांच शुरू नहीं हो पाई है। सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे जा रहे हैं। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि प्रक्रिया चल रही है। एक-दो दिन में व्यवस्था हो जाएगी। उसके बाद जांच शुरू होगी।
जिले के 19 केंद्रों पर हुए कोविड टीकाकरण में सबसे अधिक फतेहपुर चौरासी में 1743 को टीका लगा। उसके बाद अचलगंज में 1398 व सफीपुर में 1331 को टीका लगाया गया। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि सभी केंद्रों पर 19488 को कोविशील्ड व 1157 को कोवैक्सीन लगाई गई। उधर, सफीपुर में टीकाकरण में ब्लॉक क्षेत्र में अस्सी फीसदी लक्ष्य पहुंचने के बाद अब शिक्षक, कर्मचारी व ग्राम प्रधान सहयोग नहीं कर रहे हैं। सीएचसी प्रभारी के काफी प्रयास के बाद भी टीकाकरण नहीं बढ़ रहा है। प्रभारी ने संबंधित कर्मचारियों के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है।
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औरास ब्लॉक के गांव रायपुर बसवाकोला निवासी 47 वर्षीय किसान बुद्धा को लीवर में दिक्कत होने पर परिजन लखनऊ पीजीआई ले गए थे। वहां डॉक्टर ने इलाज से पहले कोरोना जांच कराई तो कोरोना संक्रमण होने की पुष्टि हुई। सीएमओ कार्यालय रिपोर्ट आने पर स्वास्थ्य टीम मरीज के घर पहुंची और उसे सरस्वती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। उसके परिवार के पांच सदस्यों की कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं।
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कोरोना जांच के लिए सीएमओ कार्यालय से लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज 1887 सैंपल एक सप्ताह पहले भेजे गए थे। इन सैंपल की अभी तक रिपोर्ट नहीं आ है। ऐसे में यदि इन सैंपल की रिपोर्ट में कोई पॉजिटिव होगा भी तो वह रिपोर्ट आने तक कई लोगों को संक्रमित कर देगा। इस बात से स्वास्थ्य अधिकारी परेशान हैं।
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शुक्लागंज के ठाकुरखेड़ा सीएचसी में पांच दिसंबर को मुख्यमंत्री ने आरटीपीसीआर मशीन का ऑनलाइन शुभारंभ तो कर दिया, लेकिन तीन दिन बाद भी जांच शुरू नहीं हो सकी। सैंपल लगाने के लिए मशीन में डीपवेल प्लेट लगाई जाती है। तीन दिन में यह आनी थी, लेकिन अब तक नहीं हो पाई। इससे जिले में जांच शुरू नहीं हो पाई है। सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे जा रहे हैं। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि प्रक्रिया चल रही है। एक-दो दिन में व्यवस्था हो जाएगी। उसके बाद जांच शुरू होगी।
जिले के 19 केंद्रों पर हुए कोविड टीकाकरण में सबसे अधिक फतेहपुर चौरासी में 1743 को टीका लगा। उसके बाद अचलगंज में 1398 व सफीपुर में 1331 को टीका लगाया गया। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि सभी केंद्रों पर 19488 को कोविशील्ड व 1157 को कोवैक्सीन लगाई गई। उधर, सफीपुर में टीकाकरण में ब्लॉक क्षेत्र में अस्सी फीसदी लक्ष्य पहुंचने के बाद अब शिक्षक, कर्मचारी व ग्राम प्रधान सहयोग नहीं कर रहे हैं। सीएचसी प्रभारी के काफी प्रयास के बाद भी टीकाकरण नहीं बढ़ रहा है। प्रभारी ने संबंधित कर्मचारियों के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है।