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ऐसे तो ओमिक्रॉन से हो बचाव होगा मुश्किल
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रेलवे स्टेशन पर बनी कोविड हेल्प डेस्क पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मी व ट्रेन से जाने के लिए प्लेटफार्म
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। स्वास्थ्य विभाग के हालात देखकर लग रहा है कि ओमिक्रॉन से बचना मुश्किल होगा। बड़े-बड़े दावों के बीच तैयारियां अधर में हैं। बस और रेलवे स्टेशनों पर सैंपलिंग नहीं हो रही है। इससे संक्रमित व्यक्ति के लोगों के बीच संक्रमण की आशंका बढ़ रही हैं। लोग भी बेपरवाह बने हैं। बिना मास्क के भीड़ में शिरकत कर रहे हैं।
जिले में मौरावां में सौ बेड का अस्पताल, नवाबगंज के सरस्वती मेडिकल कॉलेज व बिछिया, औरास व बांगरमऊ में पीकू (पेडियॉट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड बनाए गए हैं। पीकू वार्ड के साथ अलग-अलग क्षमता के ऑक्सीजन प्लांटों को भी स्थापित किया गया है। पीकू वार्ड में वेंटीलेटर के साथ रेडियंट वार्मर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, इनफ्यूजन पंप, मल्टीपेरामीटर मॉनीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, लेरिंगो स्कोप होना अनिवार्य है। अभी पीकू वार्डों में यह सारी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हुई है। स्वास्थ्य अधिकारी जल्द ही व्यवस्था पूरी करने की बात कह रहे हैं। मॉकड्रिल को लेकर बांगरमऊ सीएचसी में बने 10 बेड के पीकू वार्ड में वायरिंग की गड़बड़ी को ठीक कराया गया। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि पीकू वार्डों में कुछ कमियां हैं। उन्हें दूर कराया जा रहा है।
बाहर से आने वाले यात्रियों की रेलवे व बस स्टेशन पर जांच के आदेश है। रेलवे स्टेशन पर डेस्क के सदस्य थर्मल मशीन व सैनिटाइजर लिए बैठे दिखे, लेकिन जांच नहीं हो रही थी। यात्री बेधड़क आ और जा रहे थे। बस स्टेशन पर पर दिखाने केे लिए सैनिटाइजर मशीन रखी थी। यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग करने वाला कोई नहीं था। सभी बेधड़क आ और जा रहे थे। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को यात्रियों की जांच कराने के आदेश हैं। जिले में दिल्ली, मुंबई व अन्य शहरों से आए 112 लोगों की निगरानी स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
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ओमिक्रॉन की चपेट से लोगों को बचने के लिए कोविड टीका के दोनों डोज लगना अनिवार्य है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य निदेशालय से जिले में हो रहे टीकाकरण की हर दो घंटे में रिपोर्ट मांगी जा रही है। शुक्रवार को हुए टीकाकरण में सबसे कम जिला महिला अस्पताल में 182 लोगों को टीका लगा। सुमेरपुर में 792, शुक्लागंज में 979 को ही टीका लग सका। सबसे अधिक फतेहपुर चौरासी में 1988 ने टीका लगवाया। जिले में 16 जनवरी 2020 से चले टीकाकरण अभियान में अब तक 12 लाख 37 हजार 448 पुरुष व 12 लाख नौ हजार 843 महिलाओं को कोविड से बचाव का टीका लगाया जा चुका है।
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जिले में मौरावां में सौ बेड का अस्पताल, नवाबगंज के सरस्वती मेडिकल कॉलेज व बिछिया, औरास व बांगरमऊ में पीकू (पेडियॉट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड बनाए गए हैं। पीकू वार्ड के साथ अलग-अलग क्षमता के ऑक्सीजन प्लांटों को भी स्थापित किया गया है। पीकू वार्ड में वेंटीलेटर के साथ रेडियंट वार्मर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, इनफ्यूजन पंप, मल्टीपेरामीटर मॉनीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, लेरिंगो स्कोप होना अनिवार्य है। अभी पीकू वार्डों में यह सारी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हुई है। स्वास्थ्य अधिकारी जल्द ही व्यवस्था पूरी करने की बात कह रहे हैं। मॉकड्रिल को लेकर बांगरमऊ सीएचसी में बने 10 बेड के पीकू वार्ड में वायरिंग की गड़बड़ी को ठीक कराया गया। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि पीकू वार्डों में कुछ कमियां हैं। उन्हें दूर कराया जा रहा है।
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बाहर से आने वाले यात्रियों की रेलवे व बस स्टेशन पर जांच के आदेश है। रेलवे स्टेशन पर डेस्क के सदस्य थर्मल मशीन व सैनिटाइजर लिए बैठे दिखे, लेकिन जांच नहीं हो रही थी। यात्री बेधड़क आ और जा रहे थे। बस स्टेशन पर पर दिखाने केे लिए सैनिटाइजर मशीन रखी थी। यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग करने वाला कोई नहीं था। सभी बेधड़क आ और जा रहे थे। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को यात्रियों की जांच कराने के आदेश हैं। जिले में दिल्ली, मुंबई व अन्य शहरों से आए 112 लोगों की निगरानी स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
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ओमिक्रॉन की चपेट से लोगों को बचने के लिए कोविड टीका के दोनों डोज लगना अनिवार्य है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य निदेशालय से जिले में हो रहे टीकाकरण की हर दो घंटे में रिपोर्ट मांगी जा रही है। शुक्रवार को हुए टीकाकरण में सबसे कम जिला महिला अस्पताल में 182 लोगों को टीका लगा। सुमेरपुर में 792, शुक्लागंज में 979 को ही टीका लग सका। सबसे अधिक फतेहपुर चौरासी में 1988 ने टीका लगवाया। जिले में 16 जनवरी 2020 से चले टीकाकरण अभियान में अब तक 12 लाख 37 हजार 448 पुरुष व 12 लाख नौ हजार 843 महिलाओं को कोविड से बचाव का टीका लगाया जा चुका है।