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छह मरीजों के डेंगू व जीका जांच के लिए सैंपल भेजे
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जिला अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक कक्ष में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। दिवाली के बाद सोमवार को तय समय से संचालित हुई ओपीडी में महिला व पुरुष अस्पताल दोनों जगह मरीजों की भीड़ रही। डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीजों को अपनी बारी का घंटों इंतजार करना पड़ा। फिजीशियन डॉक्टरों के पास बुखार के 60 मरीज पहुंचे। तीन को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। छह मरीजों के सैंपल जीका व डेंगू जांच के लिए भेजे गए।
जिला अस्पताल में सोमवार को पहले की तरह सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ओपीडी संचालित हुई। त्योहार के चलते दवा लेकर काम चला रहे मरीज डॉक्टरों को दिखाने पहुंचे। फिजीशियन डॉ. कौशलेंद्र प्रताप ने 20 व सीनियर फिजीशियन डॉ. आलोक पांडेय ने 40 बुखार पीड़ित मरीजों को देखा और दवा दी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजकुमार ने भी 80 बच्चों को देखा। बुखार पीड़ित मरीजों में बांरगमऊ प्रेमगंज की अंशिका (4) पुत्री संतोष, सदर तहसील के गांव थाना निवासी काजल (16) पुत्री नरेश व पटकापुर की राधा (55) पत्नी रतीपाल को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है। कई दिनों से बुखार के साथ ठंड लगने व चकत्ते पड़ने पर जीका वायरस की जांच के लिए अजगैन की रंजना सिंह (45) पत्नी धीरज, अचलगंज की जनकदुलारी (50) पत्नी अयोध्या प्रसाद व तालिब सराय की रुकसाना (60) पत्नी चुन्ना का सैंपल लिया गया।
एक सप्ताह से बुखार आने पर डेंगू जांच के लिए जुराखनखेड़ा की प्रजा (30) पुत्री सोबरनलाल, जेल कालोनी की शिवानी (18) पुत्री संजीव कुमार व अस्पताल कैंपस के हिमांशु (15) पुत्र सुरेंद्र कुमार का सैंपल लखनऊ के राममनोहर लोहिया अस्पताल जांच के लिए भेजा गया है।
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पड़ोसी जिला कानपुर में जीका वायरस की चपेट में आ रहे मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बुखार पीड़ित 54 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि दो दिन में बुखार पीड़ित मरीजों के सैंपल जीका वायरस जांच के लिए मांगे गए थे। यह सैंपल लखनऊ आरएमएल अस्पताल भेजे गए हैं। रिपोर्ट का इंतजार है।
जिला पुरुष व महिला अस्पताल में जांच कराने वालों की भीड़ रही। पुरुष अस्पताल की पैथोलॉजी में अलग-अलग बीमारियों की जांच के लिए 120 सैंपल लिए गए। महिला अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच कराने के लिए प्रसूताओं की भीड़ रही। उन्हें सैंपल देने के लिए घंटाें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। यहां जांच के लिए 80 सैंपल लिए गए।
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जिला अस्पताल में सोमवार को पहले की तरह सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ओपीडी संचालित हुई। त्योहार के चलते दवा लेकर काम चला रहे मरीज डॉक्टरों को दिखाने पहुंचे। फिजीशियन डॉ. कौशलेंद्र प्रताप ने 20 व सीनियर फिजीशियन डॉ. आलोक पांडेय ने 40 बुखार पीड़ित मरीजों को देखा और दवा दी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजकुमार ने भी 80 बच्चों को देखा। बुखार पीड़ित मरीजों में बांरगमऊ प्रेमगंज की अंशिका (4) पुत्री संतोष, सदर तहसील के गांव थाना निवासी काजल (16) पुत्री नरेश व पटकापुर की राधा (55) पत्नी रतीपाल को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है। कई दिनों से बुखार के साथ ठंड लगने व चकत्ते पड़ने पर जीका वायरस की जांच के लिए अजगैन की रंजना सिंह (45) पत्नी धीरज, अचलगंज की जनकदुलारी (50) पत्नी अयोध्या प्रसाद व तालिब सराय की रुकसाना (60) पत्नी चुन्ना का सैंपल लिया गया।
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एक सप्ताह से बुखार आने पर डेंगू जांच के लिए जुराखनखेड़ा की प्रजा (30) पुत्री सोबरनलाल, जेल कालोनी की शिवानी (18) पुत्री संजीव कुमार व अस्पताल कैंपस के हिमांशु (15) पुत्र सुरेंद्र कुमार का सैंपल लखनऊ के राममनोहर लोहिया अस्पताल जांच के लिए भेजा गया है।
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पड़ोसी जिला कानपुर में जीका वायरस की चपेट में आ रहे मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बुखार पीड़ित 54 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि दो दिन में बुखार पीड़ित मरीजों के सैंपल जीका वायरस जांच के लिए मांगे गए थे। यह सैंपल लखनऊ आरएमएल अस्पताल भेजे गए हैं। रिपोर्ट का इंतजार है।
जिला पुरुष व महिला अस्पताल में जांच कराने वालों की भीड़ रही। पुरुष अस्पताल की पैथोलॉजी में अलग-अलग बीमारियों की जांच के लिए 120 सैंपल लिए गए। महिला अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच कराने के लिए प्रसूताओं की भीड़ रही। उन्हें सैंपल देने के लिए घंटाें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। यहां जांच के लिए 80 सैंपल लिए गए।