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जीका वायरस को लेकर अलर्ट
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उन्नाव। कानपुर में जीका वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही जिले में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सीएमओ ने स्वास्थ्य टीमों को बुखार के अधिक से अधिक मरीजों को चिह्नित कर उनकी जांच कराने के लिए कहा।
कानपुर में लगातार जीका वायरस के केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्कता दिखा रहा है। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश के मुताबिक डेंगू की तरह ही जीका वायरस भी है। एडीज मच्छर के काटने से यह भी फै लता है। इसमें भी एक सप्ताह से अधिक समय से बुखार आने पर दिक्कत इस वायरस के फैलने का डर बना रहता है। इसलिए बुखार आने पर लोग तत्काल जांच कराएं। इस वायरस का सबसे अधिक खतरा गर्भवती महिलाओं को है। महिलाओं के साथ गर्भस्थ शिशु में भी वायरस पहुंचने का डर रहता है। इसलिए गर्भवती महिलाएं अधिक सतर्क रहें। जिले की सीमा से जुड़े कानपुर में इस वायरस के फैलने से स्वास्थ्य टीमों को सचेत किया गया है कि वह बुखार मरीजों की जांच का दायरा बढ़ाएं। सीएचसी प्रभारियों को अलर्ट किया गया है कि स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों को बुखार के साथ पेशाब में जलन, ठंड व उल्टियां हों तो उनकी जीका वायरस की जांच कराएं।
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कानपुर में लगातार जीका वायरस के केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्कता दिखा रहा है। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश के मुताबिक डेंगू की तरह ही जीका वायरस भी है। एडीज मच्छर के काटने से यह भी फै लता है। इसमें भी एक सप्ताह से अधिक समय से बुखार आने पर दिक्कत इस वायरस के फैलने का डर बना रहता है। इसलिए बुखार आने पर लोग तत्काल जांच कराएं। इस वायरस का सबसे अधिक खतरा गर्भवती महिलाओं को है। महिलाओं के साथ गर्भस्थ शिशु में भी वायरस पहुंचने का डर रहता है। इसलिए गर्भवती महिलाएं अधिक सतर्क रहें। जिले की सीमा से जुड़े कानपुर में इस वायरस के फैलने से स्वास्थ्य टीमों को सचेत किया गया है कि वह बुखार मरीजों की जांच का दायरा बढ़ाएं। सीएचसी प्रभारियों को अलर्ट किया गया है कि स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों को बुखार के साथ पेशाब में जलन, ठंड व उल्टियां हों तो उनकी जीका वायरस की जांच कराएं।
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