{"_id":"610047118ebc3e58680a9584","slug":"health-unnao-news-knp642785695","type":"story","status":"publish","title_hn":"वैक्सीन खत्म, पांच बूथों पर ही लगे टीके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वैक्सीन खत्म, पांच बूथों पर ही लगे टीके
विज्ञापन
जिला अस्पताल में खाली पड़ा कोविड कंट्रोल रूम। संवाद
- फोटो : UNNAO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। वैक्सीन खत्म होने से सिर्फ पांच बूथों पर ही कोविड टीकाकरण किया गया। इसमें जिला अस्पताल व बिछिया में कोविशील्ड व तीन स्थानों पर को वैक्सीन लगाई गई। पांच बूथों पर 1623 लोगों का टीकाकरण हुआ।
मंगलवार को हुए टीकाकरण में बिछिया ब्लॉक क्षेत्र में 240 व जिला अस्पताल में 775 लोगों को कोविशील्ड लगाई गई। वहीं सफीपुर में 150, शुक्लागंज में 286 व जिला महिला अस्पताल में 172 लोगों को कोवैक्सीन लगाया गया। मालूम हो कि रोजाना 20 बूथों पर टीकाकरण किया जा रहा था। एसीएमओ डॉ नरेंद्र सिंह ने बताया कि वैक्सीन कम होने से बूथों की संख्या घटाई गई है। उम्मीद है कि मंगलवार रात तक वैक्सीन मिल जाए।
जिला अस्पताल परिसर में बने कोविड कंट्रोलरूम में तैनात संविदा कर्मचारियों ने तीन महीने से मानदेय न मिलने पर मंगलवार को काम नहीं किया। इससे कोविड टीकाकरण के लिए आए लोगाें को परेशानी उठानी पड़ी। किसी का ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हो पाया था। इससे उन्हें बिना टीका लगवाए ही वापस लौटना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को हुए टीकाकरण में बिछिया ब्लॉक क्षेत्र में 240 व जिला अस्पताल में 775 लोगों को कोविशील्ड लगाई गई। वहीं सफीपुर में 150, शुक्लागंज में 286 व जिला महिला अस्पताल में 172 लोगों को कोवैक्सीन लगाया गया। मालूम हो कि रोजाना 20 बूथों पर टीकाकरण किया जा रहा था। एसीएमओ डॉ नरेंद्र सिंह ने बताया कि वैक्सीन कम होने से बूथों की संख्या घटाई गई है। उम्मीद है कि मंगलवार रात तक वैक्सीन मिल जाए।
विज्ञापन
जिला अस्पताल परिसर में बने कोविड कंट्रोलरूम में तैनात संविदा कर्मचारियों ने तीन महीने से मानदेय न मिलने पर मंगलवार को काम नहीं किया। इससे कोविड टीकाकरण के लिए आए लोगाें को परेशानी उठानी पड़ी। किसी का ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हो पाया था। इससे उन्हें बिना टीका लगवाए ही वापस लौटना पड़ा।
विज्ञापन