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Unnao News: लोन नदी का कहर, छह गांव जलमग्न

Mon, 07 Sep 2026 01:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2026 01:03 AM IST
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Havoc caused by the Lon River; six villages submerged.
फोटो-10-कल्याणी नदी उफनाने से पानी से डूबे खेत। संवाद
बीघापुर। तहसील क्षेत्र में लोन नदी में बढ़े जलस्तर से करीब छह गांव बाढ़ की चपेट में हैं। चारों ओर बाढ़ के पानी से घिरे अढ़ौली व दिलीप नगर कुकरी गांव में तीन फीट पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। इसके अलावा बेहटा ससान, मानपुर, परसंडा, मेड़ीलालखेड़ा आदि गांव लोन नदी की बाढ़ की चपेट में है। इसके चलते इन गांवों के लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, कल्याणी का जलस्तर बढ़ने से सफीपुर क्षेत्र के गांवों में फिर से नावें पहुंच गई हैं।
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करीब 30 साल बाद लोन नदी ने रौद्र रूप धारण किया है। इसके चलते छह गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत अढौली गांव में है। यहां मानपुर-अढौली मार्ग पर बने पुल पर दो फीट पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। गांव से निकलने के लिए कोई मार्ग सुरक्षित नहीं है। खाद्यान्न समेत अन्य आवश्यक सामग्री के लिए लोग छोटी नाव या फिर पानी से होकर पाटन व बीघापुर पहुंच रहे हैं। दिलीप नगर कुकरी-मेड़ीलालखेड़ा मार्ग पर लगभग चार फीट पानी भरा हुआ है। यहां लोग खेतों की मेड़ों से आवागमन कर रहे हैं। दो दिन बाद लोन नदी में थोड़ा पानी कम होने से पाटन-पुरवा मार्ग पर मेड़ीलालखेड़ा व बैजुवामऊ के बीच में रोड के ऊपर चल रहा पानी थोड़ा घटा है। इसके बाद मार्च से छोटे व चार पहिया वाहनों को आवागमन शुरू हो गया है। हालांकि स्थितियां अभी भी पूरी तरह से सुधर नहीं पाई हैं।
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फोटो-12-चंद्र किशोर सिंह।
नाव लगाकर आवागमन की सुविधा सुलभ कराए प्रशासन
साहित्य भूषण से सम्मानित अढ़ौली करीब तीस साल बाद लोन नदी का पानी अचानक बढ़ने से गांव चारों ओर से घिर गया है। इससे आवागमन पूरी तरह बंद है। चार दिन में ही लोगों के पास दैनिक उपयोग की सामग्री की कमी होने लगी है। जब तक जलस्तर घट नहीं जाता तब तक तहसील प्रशासन को नाव लगाकर लोगों का आवागमन की सुविधा मुहैया करानी चाहिए।
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फोटो-13-राम भरोसे सिंह।
सभी बाढ़ पीड़ितों को नहीं मिली राहत सामग्री
अढ़ौली के ग्राम प्रशासक प्रतिनिधि राम भरोसे सिंह ने बताया कि तहसील प्रशासन द्वारा लोगों को राहत सामग्री प्रदान कराई गई थी लेकिन 50 से ज्यादा लोगों को सहायता सामग्री नहीं मिली है। तहसील प्रशासन को सभी बाढ़ पीड़ितों को समान रूप से राहत सामग्री उपलब्ध करानी चाहिए।
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फिर से उफनाई कल्याणी ने बढ़ाई लोगों की परेशानी, हटाई गई नावें वापस लगाई गईं
-अब धान की फसल भी न बचने की स्थिति देख किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
सफीपुर। गंगा व शारदा नहर का पानी कल्याणी में जाने से नदी का जलस्तर फिर से बढ़ गया है। जमालनगर गैर एहतमाली स्थित कल्याणी नदी के पुल के अलावा बड़े क्षेत्र की फसलें डूब जाने से किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। सब्जी की फसल खराब होने के बाद किसान धान की फसल से उम्मीद लगाए थे। अब यह फसल भी बचने की उम्मीद नहीं बची है।
शनिवार रात गंगा का पानी कल्याणी नदी में आ गया। वहीं, शारदा नहर ब्रांच से निकल कल्याणी में जुड़ने वाला गंदा नाला भी तेज बहाव से चलने लगा। इससे कल्याणी नदी एक बार फिर उफना गई। जमालनगर गैर एहतमाली में कल्याणी नदी पर बने पुल के ऊपर से एक बार फिर पानी बहने से आवागमन में परेशानी खड़ी हो गई है। पूर्व में पानी घटने से हटवाई गईं नावें एक फिर राजस्व विभाग को लगवानी पड़ीं। वहीं गहोली-उडंक पुरवा मार्ग की पुलिया डूब जाने से मार्ग बंद हो गया है। इसके चलते ग्रामीणों को सात किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाकर सनहा गांव होकर आवागमन करना पड़ रहा है। यही स्थिति रामपुर की भी है। सड़क पर पानी भरा होने से लोग शेरपुर होकर आवागमन कर रहे हैं। अल्लीपुर, करीमाबाद, इब्राहिमाबाद, रामपुर, उडंकपुरवा, हमजापुर, नीबीगाढ़ा, सकहन राजपूतान, गहोली, मुरादपुर के किसानों ने बताया कि पहले आई बाढ़ का पानी कम हो जाने से धान की फसल बचने की आस बनी थी। नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने से अब धान की फसल भी बच पाना मुश्किल नजर आ रहा है।
वर्जन

अढ़ौली, दिलीप नगर कुकरी व पोरई में तहसील प्रशासन पूरी नजर रखे हुए है। लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न होने पाए, इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है। एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। -धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम बीघापुर।

वर्जन
यह सही है कि पानी फिर से बढ़ा है। सतर्कता के तौर पर जमालनगर-दबौली मार्ग पर आवागमन की सुविधा के लिए नावें लगा दी गई हैं। कर्मियों को बढ़ते जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पानी कम होने के बाद फसल की क्षति का सर्वे कराकर आकलन किया जाएगा।-फाल्गुनी सिंह, एसडीएम सफीपुर।

फोटो-10-कल्याणी नदी उफनाने से पानी से डूबे खेत। संवाद

फोटो-10-कल्याणी नदी उफनाने से पानी से डूबे खेत। संवाद

फोटो-10-कल्याणी नदी उफनाने से पानी से डूबे खेत। संवाद

फोटो-10-कल्याणी नदी उफनाने से पानी से डूबे खेत। संवाद

फोटो-10-कल्याणी नदी उफनाने से पानी से डूबे खेत। संवाद

फोटो-10-कल्याणी नदी उफनाने से पानी से डूबे खेत। संवाद

फोटो-10-कल्याणी नदी उफनाने से पानी से डूबे खेत। संवाद

फोटो-10-कल्याणी नदी उफनाने से पानी से डूबे खेत। संवाद

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