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Unnao News: हसनगंज कोतवाल भी नपे, एसपी ने किया लाइन हाजिर

Sat, 25 Jan 2025 11:19 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jan 2025 11:19 PM IST
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Hasanganj police chief was also punished, SP suspended him
हसनगंज। डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए दरोगा को एंटी करप्शन टीम ने जेल भेजा है। उधर, कामकाज में लापरवाही सामने आने के बाद एसपी ने हसनगंज कोतवाली प्रभारी को भी लाइन हाजिर कर दिया है। दरोगा की कार को सीज किया गया है। उसमें मिलीं फाइलें व सरकारी पिस्टल कोतवाली में रखवाई गई हैं।
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हसनगंज कोतवाली में तैनात दरोगा बेचन यादव छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने की दर्ज मुकदमे के विवेचक थे। मटरिया गांव के प्रधान अभिषेक गौतम को मुकदमे में नाम आने की धमकी देकर 1.50 लाख रुपये मांगे थे। प्रधान की सूचना पर एंटी करप्शन लखनऊ जोन के प्रभारी उदयराज निषाद ने शुक्रवार रात टीम के साथ मोहान तिराहा पहुंचकर दरोगा को घूस लेते गिरफ्तार कर लिया था। शनिवार को जेल भेज दिया गया।
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वहीं, पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल और कामकाज में लापरवाही सामने आने के बाद एसपी दीपक भूकर ने हसनगंज कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया है।
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चार्जशीट लगने के बाद भी मांगी घूस
छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी के जिस मामले में दरोगा को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है उसमें 23 जनवरी 2025 को विवेचक ने आठ आरोपियों में पांच पर मारपीट और तीन पर छेड़छाड़ का आरोप लगा चार्जशीट लगाई थी। चर्चा यह भी है कि जब चार्जशीट लग गई तो दरोगा रुपये क्यों लेगा। कहीं कार के अंदर जबरन रुपये रख फंसाया तो नहीं गया।
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सिपाही से प्रमोशन मिलने के बाद बना था दरोगा
एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ा दरोगा बेचन यादव मूल रूप से गोरखपुर जिले के थाना बेलीपार के गांव कालाबाग का रहने वाला है। वह 1989 बैच का सिपाही था। 22 नवंबर 2022 को बीघापुर से हसनगंज कोतवाली में आमद हुई थी। साल 2023 में पदोन्नति के बाद दरोगा बना और तब से यहीं तैनात था।
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छह महीने में तीन पुलिस कर्मियों ने लगाई कालिख
- सफीपुर कोतवाल के ड्राइवर मुख्य आरक्षी वीरेंद्र यादव को 12 सितंबर 2024 को एंटी करप्शन ने पांच हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ माखी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मौजूदा समय में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
- क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर हीरा सिंह को 21 सितंबर को एंटी करप्शन ने 50 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया था। मुकदमे में आरोपित बनाए गए एक युवक से इंस्पेक्टर ने घूस मांगी थी। दही थाना में उन पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मौजूदा समय में अभी भी जेल में हैं। तीसरी घटना में हसनगंज कोतवाली का दरोगा बेचन यादव शामिल है।
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