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शासन ने मांगी एचआईवी पीड़ितों की रिपोर्ट
unnao
Updated Wed, 07 Feb 2018 12:07 AM IST
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एचआईवी एड्स
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जिले के बांगरमऊ तहसील क्षेत्र में दो साल के अंदर 76 एचआईवी मरीजों के मिलने का मामला शासन तक पहुंच गया है। इसमें 38 मरीज सप्ताहभर के अंदर मिले हैं। शासन ने स्वास्थ्य विभाग से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है। इस मामले में सामने आने वाले झोलाछाप के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने खुद जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी ली।
मालूम हो कि वर्ष 2017 में बांगरमऊ इलाके में 38 एचआईवी पीड़ित मिले। इसमें 13 एचआईवी पीड़ित नवंबर 2017 में प्रेमगंज में आयोजित शिविर में चिन्हित किए गए थे। एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में एचआईवी पीड़ित मिलने पर प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद 22 जनवरी से 26 जनवरी के बीच प्रेमगंज, चकमीरापुर, किरविदियापुर में भी स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
इन शिविरों में जांच पड़ताल के दौरान 38 नए मरीज मिले, जिसमें छह बच्चे भी शामिल थे। इस तरह दो साल के अंदर इस इलाके में कुल 76 एचआईवी पीड़ित मिले हैं। एक ही इलाके में बड़ी संख्या में एचआईवी पीड़ित मिलने से स्वास्थ्य महकमे में हलचल मच गई। इसकी वजह तलाशी गई तो ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में एक झोलाछाप मरीजों का इलाज करता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वह एक ही सीरिंज का प्रयोग कई मरीजों पर करता है।
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इस वजह से एचआईवी के पीड़ित बढ़ रहे हैं। बांगरमऊ सीएचसी प्रभारी प्रमोद दोहरे ने बांगरमऊ कोतवाली में झोलाछाप पलिया गांव निवासी राजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस अभी तक उसका सुराग नहीं लगा पाई है। मंगलवार को यह मामला शासन तक पहुंचा। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने सीएमओ को फोन कर स्थिति की जानकारी ली।
एचआईवी पीड़ितों के इलाज के लिए व्यवस्था करने और झोलाछाप के खिलाफ क़ड़ी कार्रवाई कराने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि पूरे जनपद में झोलाछाप की दुकानें बंद कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। सीएमओ डा. एसपी चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में जल्द ही स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा।
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मालूम हो कि वर्ष 2017 में बांगरमऊ इलाके में 38 एचआईवी पीड़ित मिले। इसमें 13 एचआईवी पीड़ित नवंबर 2017 में प्रेमगंज में आयोजित शिविर में चिन्हित किए गए थे। एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में एचआईवी पीड़ित मिलने पर प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद 22 जनवरी से 26 जनवरी के बीच प्रेमगंज, चकमीरापुर, किरविदियापुर में भी स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
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इन शिविरों में जांच पड़ताल के दौरान 38 नए मरीज मिले, जिसमें छह बच्चे भी शामिल थे। इस तरह दो साल के अंदर इस इलाके में कुल 76 एचआईवी पीड़ित मिले हैं। एक ही इलाके में बड़ी संख्या में एचआईवी पीड़ित मिलने से स्वास्थ्य महकमे में हलचल मच गई। इसकी वजह तलाशी गई तो ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में एक झोलाछाप मरीजों का इलाज करता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वह एक ही सीरिंज का प्रयोग कई मरीजों पर करता है।
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इस वजह से एचआईवी के पीड़ित बढ़ रहे हैं। बांगरमऊ सीएचसी प्रभारी प्रमोद दोहरे ने बांगरमऊ कोतवाली में झोलाछाप पलिया गांव निवासी राजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस अभी तक उसका सुराग नहीं लगा पाई है। मंगलवार को यह मामला शासन तक पहुंचा। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने सीएमओ को फोन कर स्थिति की जानकारी ली।
एचआईवी पीड़ितों के इलाज के लिए व्यवस्था करने और झोलाछाप के खिलाफ क़ड़ी कार्रवाई कराने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि पूरे जनपद में झोलाछाप की दुकानें बंद कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। सीएमओ डा. एसपी चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में जल्द ही स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा।