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सीडीओ करेंगे तीन लिपिकों की जांच
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उन्नाव। जिला पंचायत कार्यालय में कार्यरत तीन लिपिकों के खिलाफ हुई शिकायत पर जांच सीडीओ को दी गई है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य रावेंद्र सिंह ने अपने कार्यकाल में आयुक्त लखनऊ मंडल को शिकायतीपत्र भेजा था। इसमें बताया था कि जिला पंचायत में तीन लिपिक लंबे समय से कार्यरत हैं। इनमें मुकेश कुमार श्रीवास्तव, मोहित कुमार व अनूपदास शामिल हैं। मुकेश कुमार की मृतक आश्रित में द्वितीय श्रेणी लिपिक के पद पर नियुक्ति हुई थी। दो बार पदोन्नति के बाद वह लेखाकार बन गए। 4 जुलाई 2013 को मुकेश श्रीवास्तव का स्थानांतरण बदायूं हो गया था लेकिन 15 जुलाई 2014 को फिर मुकेश को वापस उन्नाव भेज दिया गया। तब से वह यहीं पर कार्यरत हैं। वरिष्ठ लिपिक मोहित कुमार को भी 22 नवंबर 2001 में मृतक आश्रित में नौकरी मिली थी। तबसे वह भी उन्नाव कार्यालय में ही कार्यरत हैं। रावेंद्र ने मोहित का पटल परिवर्तन कराने की मांग की थी। इसके अलावा अनूपदास की भी मृतक आश्रित में द्वितीय श्रेणी लिपिक पद पर 1 सितंबर 1994 को तैनाती हुई थी। आरोप था कि अनूपदास ने हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयागराज मध्यमा पास की जो मार्कशीट लगाई है वह हाईस्कूल व इंटर परीक्षा के समकक्ष नहीं है।
सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने बताया कि उच्चाधिकारियों से मामले में परामर्श लिया था। जिस पर उन्हें जांच के लिए कहा गया। इसलिए वह मामले की जांच करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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पूर्व जिला पंचायत सदस्य रावेंद्र सिंह ने अपने कार्यकाल में आयुक्त लखनऊ मंडल को शिकायतीपत्र भेजा था। इसमें बताया था कि जिला पंचायत में तीन लिपिक लंबे समय से कार्यरत हैं। इनमें मुकेश कुमार श्रीवास्तव, मोहित कुमार व अनूपदास शामिल हैं। मुकेश कुमार की मृतक आश्रित में द्वितीय श्रेणी लिपिक के पद पर नियुक्ति हुई थी। दो बार पदोन्नति के बाद वह लेखाकार बन गए। 4 जुलाई 2013 को मुकेश श्रीवास्तव का स्थानांतरण बदायूं हो गया था लेकिन 15 जुलाई 2014 को फिर मुकेश को वापस उन्नाव भेज दिया गया। तब से वह यहीं पर कार्यरत हैं। वरिष्ठ लिपिक मोहित कुमार को भी 22 नवंबर 2001 में मृतक आश्रित में नौकरी मिली थी। तबसे वह भी उन्नाव कार्यालय में ही कार्यरत हैं। रावेंद्र ने मोहित का पटल परिवर्तन कराने की मांग की थी। इसके अलावा अनूपदास की भी मृतक आश्रित में द्वितीय श्रेणी लिपिक पद पर 1 सितंबर 1994 को तैनाती हुई थी। आरोप था कि अनूपदास ने हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयागराज मध्यमा पास की जो मार्कशीट लगाई है वह हाईस्कूल व इंटर परीक्षा के समकक्ष नहीं है।
सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने बताया कि उच्चाधिकारियों से मामले में परामर्श लिया था। जिस पर उन्हें जांच के लिए कहा गया। इसलिए वह मामले की जांच करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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