{"_id":"5e14d5ee8ebc3e87ea507397","slug":"girl-unnao-news-knp536997689","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटियों को कक्षा 5 से मिलेगी आत्मरक्षा की ट्रेनिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटियों को कक्षा 5 से मिलेगी आत्मरक्षा की ट्रेनिंग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। छात्राओं को राज्य सरकार ने आत्मरक्षा के गुर सिखाने का फैसला किया है। इसके तहत परिषदीय स्कूलों और कस्तूरबा विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा 5 से 8 तक की छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए जूडो कराटे के साथ आत्मरक्षा संबंधी अन्य गुर सिखाए जाएंगे। जल्द ही स्कूलों में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
बच्चियों व छात्राओं के साथ छेड़छाड़ व यौन उत्पीड़न की बढ़ रही घटनाओें को देखते हुए राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने जिले के सभी 2305 प्राथमिक व 839 उच्च प्राथमिक स्कूलों की छात्राओं के साथ 13 कस्तूरबा स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दिए जाने के निर्देश दिए हैं। छात्राओं को पढ़ाई के साथ आत्मरक्षा के गुर सीखने से उन्हें भविष्य में कभी दिक्कतें नहीं उठानी होंगी और वह आने वाली मुसीबत का समाना खुद कर सकेंगी। आत्मरक्षा की ट्रेनिंग के लिए ट्रेनर उपलब्ध करानी वाली संस्थाओं से बीएसए को संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए इस कार्ययोजना को तैयार कर इसकी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। छात्राओं को यह ट्रेनिंग जल्द मिलने लगेगी। छात्राएं जब सबल होंगी तो उनका आत्म विश्वास भी बढ़ेगा।
बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि जल्द ही स्कूलों में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं।
विज्ञापन
बच्चियों व छात्राओं के साथ छेड़छाड़ व यौन उत्पीड़न की बढ़ रही घटनाओें को देखते हुए राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने जिले के सभी 2305 प्राथमिक व 839 उच्च प्राथमिक स्कूलों की छात्राओं के साथ 13 कस्तूरबा स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दिए जाने के निर्देश दिए हैं। छात्राओं को पढ़ाई के साथ आत्मरक्षा के गुर सीखने से उन्हें भविष्य में कभी दिक्कतें नहीं उठानी होंगी और वह आने वाली मुसीबत का समाना खुद कर सकेंगी। आत्मरक्षा की ट्रेनिंग के लिए ट्रेनर उपलब्ध करानी वाली संस्थाओं से बीएसए को संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए इस कार्ययोजना को तैयार कर इसकी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। छात्राओं को यह ट्रेनिंग जल्द मिलने लगेगी। छात्राएं जब सबल होंगी तो उनका आत्म विश्वास भी बढ़ेगा।
विज्ञापन
बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि जल्द ही स्कूलों में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं।