{"_id":"5f40190e8ebc3e3cd9219392","slug":"ganga-s-water-level-has-crossed-warning-point-sai-also-buries-unnao-news-knp57808586","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेतावनी बिंदु पार कर गया गंगा का जलस्तर, सई भी उफनाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेतावनी बिंदु पार कर गया गंगा का जलस्तर, सई भी उफनाई
विज्ञापन
हसनगंज सई नदी का जलस्तर बढने से जलेश्वरनाथ मंदिर में भरा पानी
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर शुक्रवार दोपहर चेतावनी बिंदु पार कर गया। इसके बाद अब बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। जलस्तर के चेतावनी बिंदु पार करने की जानकारी मिलते ही कटरी क्षेत्र के गांवों में हड़कंप मच गया। जलस्तर खतरे से मात्र एक मीटर दूर होने की सोचकर ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। गांव वालों ने घर में रखा गेहूं, चावल व अन्य सामान बेचना शुरू कर दिया है। वहीं, सई नदी भी उफनाने लगी है। शुक्रवार को डीएम ने शुक्लागंज व अन्य एसडीएम ने अपने-अपने तहसील क्षेत्र का जायजा लिया।
2 से 3 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहे पानी के चलते शुक्रवार दोपहर 2 बजे जलस्तर चेतावनी बिंदु (112 मीटर) को पार कर गया। इसके साथ ही अफसरों से लेकर ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरे दिखनी शुरू हो गईं। परियर क्षेत्र के कई गांवों के निकट पहले से ही पानी पहुंच चुका है। अब चेतावनी बिंदु पार करते ही ग्रामीण किसी भी दिन घरों में पानी पहुंचने की आशंका जता रहे हैं। संभावित बाढ़ को देखते हुए कई लोगों ने महिलाओं व बच्चों को अपने रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है। वहीं, अधिकांश लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर डेरा जमाने की कवायद में जुट गए हैं। सदर तहसील क्षेत्र के गंगा नदी के किनारे स्थित माना बंगला, बाबू बंगला, देवीपुरवा, बंदनपुरवा व पनपथा आदि गांवों के किनारे पानी पहुंच गया है। खेतों में खड़ी फ सलें डूब गई हैं।
फ तेहपुर चौरासी संवाददाता के अनुसार, चिरंजूपुरवा, उमरपुर प्रीतम, रुस्तमपुर, हिंदूपुर, दबौली, कटरी तोरणा, खैरी, सुब्बापुरवा, भदेहरा व खलकखेड़ा आदि गांवों के किनारे गंगा का पानी पहुंच गया है। कटरी क्षेत्र में तिल्ली व हरी सब्जियों के पौधे डूब गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी प्रकार गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होती रही तो जल्द ही मन्नानगर, गड़ाई व इस्माइलपुर नौगवां गांव में पानी भर जाएगा। गंगा के पानी के बढ़ने से पशुओं के लिए हरे चारे की समस्या खड़ी हो गई है। बढ़े पानी में नावें भी उतार दी गई हैं जो ग्रामीणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने-ले जाने का काम कर रही है। जानकारों के मुताबिक जिस तेजी के साथ पानी बढ़ रहा है उससे तो अगले कुछ दिनों में खतरे का निशान भी पार होने की आशंका है।
विज्ञापन
सई नदी का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों बीघे धान की फ सल डूबी
हसनगंज प्रतिनिधि के अनुसार गंगा के साथ-साथ सई नदी का भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे नदी के आसपास के गांवों के सैकड़ों बीघे में बोई गई धान की फसल पानी में डूब गई है। तहसील क्षेत्र के गांव रसूलपुर बकिया, अहमदपुर टकटौली, फ करुदीनपुर, बिचपरी, नींदेमऊ, हसनगंज, मोहान, भोगला, आदमपुर बरेठी आदि में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर बढ़ने से धान की फ सल जलमगभन हो गई है। क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर नहीं पहुंचे। एसडीएम प्रदीप वर्मा ने बताया कि वर्ष 1995 के बाद आज तक बाढ़ नहीं आई है। इसलिए बाढ़ और गांव के डूबने का खतरा नहीं है। केवल फसल ही डूबी है। इसलिए इसका सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराया जाएगा।
विज्ञापन
2 से 3 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहे पानी के चलते शुक्रवार दोपहर 2 बजे जलस्तर चेतावनी बिंदु (112 मीटर) को पार कर गया। इसके साथ ही अफसरों से लेकर ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरे दिखनी शुरू हो गईं। परियर क्षेत्र के कई गांवों के निकट पहले से ही पानी पहुंच चुका है। अब चेतावनी बिंदु पार करते ही ग्रामीण किसी भी दिन घरों में पानी पहुंचने की आशंका जता रहे हैं। संभावित बाढ़ को देखते हुए कई लोगों ने महिलाओं व बच्चों को अपने रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है। वहीं, अधिकांश लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर डेरा जमाने की कवायद में जुट गए हैं। सदर तहसील क्षेत्र के गंगा नदी के किनारे स्थित माना बंगला, बाबू बंगला, देवीपुरवा, बंदनपुरवा व पनपथा आदि गांवों के किनारे पानी पहुंच गया है। खेतों में खड़ी फ सलें डूब गई हैं।
विज्ञापन
फ तेहपुर चौरासी संवाददाता के अनुसार, चिरंजूपुरवा, उमरपुर प्रीतम, रुस्तमपुर, हिंदूपुर, दबौली, कटरी तोरणा, खैरी, सुब्बापुरवा, भदेहरा व खलकखेड़ा आदि गांवों के किनारे गंगा का पानी पहुंच गया है। कटरी क्षेत्र में तिल्ली व हरी सब्जियों के पौधे डूब गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी प्रकार गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होती रही तो जल्द ही मन्नानगर, गड़ाई व इस्माइलपुर नौगवां गांव में पानी भर जाएगा। गंगा के पानी के बढ़ने से पशुओं के लिए हरे चारे की समस्या खड़ी हो गई है। बढ़े पानी में नावें भी उतार दी गई हैं जो ग्रामीणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने-ले जाने का काम कर रही है। जानकारों के मुताबिक जिस तेजी के साथ पानी बढ़ रहा है उससे तो अगले कुछ दिनों में खतरे का निशान भी पार होने की आशंका है।
विज्ञापन
सई नदी का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों बीघे धान की फ सल डूबी
हसनगंज प्रतिनिधि के अनुसार गंगा के साथ-साथ सई नदी का भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे नदी के आसपास के गांवों के सैकड़ों बीघे में बोई गई धान की फसल पानी में डूब गई है। तहसील क्षेत्र के गांव रसूलपुर बकिया, अहमदपुर टकटौली, फ करुदीनपुर, बिचपरी, नींदेमऊ, हसनगंज, मोहान, भोगला, आदमपुर बरेठी आदि में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर बढ़ने से धान की फ सल जलमगभन हो गई है। क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर नहीं पहुंचे। एसडीएम प्रदीप वर्मा ने बताया कि वर्ष 1995 के बाद आज तक बाढ़ नहीं आई है। इसलिए बाढ़ और गांव के डूबने का खतरा नहीं है। केवल फसल ही डूबी है। इसलिए इसका सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराया जाएगा।