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अतरधनी गांव में चार लाख का घोटाला
frad
Updated Thu, 22 Jan 2015 12:23 AM IST
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विकासखंड बांगरमऊ की ग्राम पंचायत अतरधनी में प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक ने फर्जी भुगतान कराकर चार लाख रुपये डकार लिए।
ग्रामीणों की शिकायत पर सहायक अभियंता डीआरडीए ने जांच में इसका खुलासा हुआ। जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट में इस रकम की तीनों से बराबर-बराबर वसूली की संस्तुति की है। मामले में डीएम ने प्रधान को नोटिस भेजकर 15 दिन में अपना पक्ष रखने को कहा है।
अतरधनी निवासी अनीस खां व रामप्रसाद ने डीएम को शिकायतीपत्र देकर गांव में विकास कार्यों में लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर मनरेगा उपायुक्त ने मामले की जांच डीआरडीए सहायक अभियंता इनायत करीम को सौंपी थी।
जांच अधिकारी ने गांव का स्थलीय निरीक्षण किया तो पता चला कि दो साल में एक ही तालाब की खुदाई दो बार कराकर लाखों रुपये का फर्जी भुगतान कराया गया। डीआरडीए एई ने कुल 402904 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई और मामले में प्रधान मूलचन्द्र गुप्ता, सचिव व तकनीकी सहायक से 134301 रुपये प्रत्येक से वसूली की संस्तुति की। फाइल डीएम के पास पहुंची तो उन्होंने प्रधान को नोटिस जारी की है।
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कहा गया है कि नोटिस मिलने के 15 दिन के अंदर अपना पक्ष रखने के लिए साक्ष्यों समेत उपस्थित हों। यदि निर्धारित समयावधि में उपस्थित नहीं हुए तो उन्हें फर्जी भुगतान का आरोपी मानते हुए वसूली की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और तकनीकी सहायक को भी नोटिस भेजी जा रही है।
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ग्रामीणों की शिकायत पर सहायक अभियंता डीआरडीए ने जांच में इसका खुलासा हुआ। जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट में इस रकम की तीनों से बराबर-बराबर वसूली की संस्तुति की है। मामले में डीएम ने प्रधान को नोटिस भेजकर 15 दिन में अपना पक्ष रखने को कहा है।
अतरधनी निवासी अनीस खां व रामप्रसाद ने डीएम को शिकायतीपत्र देकर गांव में विकास कार्यों में लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर मनरेगा उपायुक्त ने मामले की जांच डीआरडीए सहायक अभियंता इनायत करीम को सौंपी थी।
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जांच अधिकारी ने गांव का स्थलीय निरीक्षण किया तो पता चला कि दो साल में एक ही तालाब की खुदाई दो बार कराकर लाखों रुपये का फर्जी भुगतान कराया गया। डीआरडीए एई ने कुल 402904 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई और मामले में प्रधान मूलचन्द्र गुप्ता, सचिव व तकनीकी सहायक से 134301 रुपये प्रत्येक से वसूली की संस्तुति की। फाइल डीएम के पास पहुंची तो उन्होंने प्रधान को नोटिस जारी की है।
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कहा गया है कि नोटिस मिलने के 15 दिन के अंदर अपना पक्ष रखने के लिए साक्ष्यों समेत उपस्थित हों। यदि निर्धारित समयावधि में उपस्थित नहीं हुए तो उन्हें फर्जी भुगतान का आरोपी मानते हुए वसूली की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और तकनीकी सहायक को भी नोटिस भेजी जा रही है।