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Unnao News: पांच फीसदी लोग नहीं पूरा करते एंटी रैबीज का कोर्स

Mon, 28 Sep 2026 01:17 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2026 01:17 AM IST
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Five percent of people do not complete the anti-rabies course.
उन्नाव। कुत्ता या बंदर के काटने पर एंटी रैबीज का कोर्स बीच में छोड़ना जानलेवा साबित हो सकता है। एक जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल व नर्सिंगहोमों में पहुंचने वाले अधिकांश लोगों में पांच फीसदी एंटी रैबीज का पूरा कोर्स नहीं करते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इससे संक्रमण के फैलने का खतरा बना रहता है।
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रैबीज जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 28 सितंबर को विश्व एंटी रैबीज दिवस मनाया जाता है। रैबीज एक वायरल बीमारी है जो संक्रमित जानवर के काटने या खरोंचने से फैलती है। रैबीज इन्सानों के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है। एक बार लक्षण दिखने पर इसका इलाज संभव नहीं है, इसलिए तुरंत टीका लगवाना जरूरी है। जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 100 से 110 मरीज एंटी रैबीज का टीका लगवाने के लिए पहुंचते हैं। इसके साथ ही सीएचसी, पीएचसी व निजी अस्पतालों में भी एंटी रैबीज टीकाकरण कराया जाता है। पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफाइलैक्सिस (पीईपी) प्रोटोकॉल के तहत 0, 3, 7, 14 और 28वें दिन कुल पांच खुराकें अनिवार्य होती हैं। जिले के सरकारी अस्पताल व निजी क्लीनिकों में टीकाकरण के लिए पहुंचने वाले करीब 95 फीसदी तो पूरा कोर्स करते हैं लेकिन पांच प्रतिशत लोग केवल पहली और दूसरी खुराक ही लगवाकर कोरम पूरा कर लेते हैं। पशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप सिंह के मुताबिक, एआरवी टीकाकरण का उद्देश्य वायरस को केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तक पहुंचने से पहले रोकना होता है। रैबीज की डोज पूरी न करने पर वायरस शरीर में सक्रिय हो सकता है। एक बार लक्षण दिखाते ही नर्वस सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर देता है, जिसके बाद बचाव का कोई रास्ता नहीं बचता। ऐसे में लोगों को टीके के पूरे डोज लगवाने के लिए अपील की जाती है।
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कुत्ता, बंदर काटने पर तुरंत यह बरतें सावधानियां
-घाव को तुरंत साबुन और पानी से 15 मिनट तक धोएं।
-24 घंटे के भीतर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
-वैक्सीन की सभी खुराकें समय पर पूरी करें।
-पालतू जानवरों का नियमित टीकाकरण करवाएं।
वर्जन
सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज की वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। लोगों को एंटी रैबीज की सभी डोज लगवाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
डॉ. एके शर्मा, सीएमओ
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