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Unnao News: गबन में शामिल पांच फर्मों की भी होगी जांच

Sat, 05 Apr 2025 12:39 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 05 Apr 2025 12:39 AM IST
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Five firms involved in embezzlement will also be investigated
उन्नाव। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना (एनआरएलएम) के 3.85 करोड़ रुपये के गबन में शामिल पांच फर्मों की भी जांच कराई जाएगी। इन फर्मों में चित्रकूट की तीन और उन्नाव व कानपुर देहात की एक-एक है। सूत्रों के मुताबिक, गबन के आरोपी जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) संजय पांडेय और नोडल जिला मिशन प्रबंधक (डीएमएम) शिखा मिश्रा पर जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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कोरोना के बाद केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए स्वयं सहायता समूह गठित करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए बजट भी जारी किया गया था। 3558 महिला समूहों को सशक्त बनाने के काम में अधिकारियों ने खेल कर दिया। दो सितंबर 2023 को सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन पोर्टल (पीएफएमएस) के माध्यम से धनराशि भेजने की सूचना, उसे किस प्रकार से उपभोग करना है और उपभोग के प्रमाण पत्र आदि से जुड़ा कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किया गया। खंड विकास अधिकारियों को भी इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।
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जांच में पाया गया कि सभी 16 ब्लाॅकों से कुल 1,96,488 परिवारों को सोशल मोबिलाइजेशन कैंपेन के जरिए जोड़ने की बात कही गई, लेकिन उनके पास इसका ब्योरा नहीं मिला। रिपोर्ट में सोशल मोबिलाइजेशन कैंपेन के दौरान स्वयं सहायता समूहों में जोड़े गए सदस्यों की संख्या 1,96,488 बताई गई जबकि वास्तव में यह संख्या केवल 70,713 ही है।
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जांच कमेटी की रिपोर्ट में माना गया है कि नोडल डीएमएम शिखा मिश्रा की रिपोर्ट में 1,25,775 का अंतर है, जो फर्जी रिपोर्ट तैयार करने का प्रमाण है। गलत तरीके से शामिल की गईं चित्रकूट की तीन और उन्नाव व कानपुर देहात की एक-एक फर्म के बिल आठ जनवरी 2024 को नोडल डीएमएम ने अपने व्हाट्सएप से हिलौली ब्लाॅक की बीएमएम शबीना बानो व अन्य बीएमएस को व्हाट्सएप पर भेजकर एक ही दिन में 83 लाख 75 हजार 662 रुपये का भुगतान कर दिया।

जिला प्रशासन ने ऐसी फर्मों की जांच कराने जा रहा है जिन्हें जरिया बनाकर जिम्मेदारों ने करोड़ों की रकम डकारी है। सीडीओ प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि शासन से जो भी दिशा-निर्देश मिलेंगे उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बनाकर प्रकरण की जांच कराई। इस जांच कमेटी में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी, बैंक ऑफ इंडिया के अग्रणी जिला प्रबंधक, सिकंदरपुर सरोसी ब्लाॅक के लेखाकार और श्रम रोजगार उपायुक्त कार्यालय के लेखाकार शामिल रहे। जांच अधिकारियों ने एनआरएलएम कार्यालय से अभिलेख मांगे जिन्हें देने में दो महीने का वक्त लगा दिया। 21 दिसंबर को प्रपत्र जांच कमेटी को उपलब्ध कराए गए।
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