फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   First phase of revamp plan completed, work incomplete

Unnao News: रीवैंप योजना का पहला चरण पूरा, काम अधूरा

Wed, 22 Jan 2025 11:52 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2025 11:52 PM IST
विज्ञापन
First phase of revamp plan completed, work incomplete
बाबूगंज में बिना तार के  बिजली के नए पोल।  - फोटो : हाईवे पर सड़क का होता निर्माण।
उन्नाव। बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही रुरल इकोनॉमिक वैल्यू एडेड मॉनीटरिंग प्रोग्राम (रीवैंप) का पहला चरण 20 जनवरी को पूरा हो गया, लेकिन कार्यदायी संस्था दिए गए लक्ष्य में शत प्रतिशत काम पूरा नहीं कर सकी है।
विज्ञापन

स्थिति यह है कि शहर के ही कई मोहल्लों में न पर्याप्त पोल ही लगाए जा सके हैं और न ही एबीसी लाइन बिछाई जा सकी है। यही नहीं सभी ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि ही हो सकी है। समय पर काम पूरा न करने के कारण अब कार्यदायी संस्था पर पेनाल्टी लगाने की तैयारी की गई है।
विज्ञापन

बिजली विभाग शहरों को 24, कस्बों को 22 और ग्रामीण इलाकों को 18 घंटे विद्युत आपूर्ति देने का दावा करता है। हालांकि, लाइन लॉस के कारण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसमें क्षेत्र में बिछाई गई लाइन और पुराने जर्जर पोल बाधा बन रहे हैं। वर्ष 2023 में बिजली विभाग ने सबसे अधिक लाइन लॉस वाले फीडरों का चिह्नांकन कराया था। इसमें शहर और ग्रामीण क्षेत्र के फीडर शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर के मोतीनगर, छोटा चौराहा, पुलिस लाइन फीडरों में सबसे ज्यादा 25 से 30 प्रतिशत तक लाइन लॉस मिला था। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई 125 करोड़ की रुरल इकोनॉमिक वैल्यू एडेड मॉनीटरिंग प्रोग्राम (रीवैंप) योजना में इन फीडरों को शामिल करके जनवरी 2024 में सबसे पहले छोटे चौराहे पर लाइन लॉस कम करने की कवायद शुरू की गई थी।
पहले चरण में मुख्य रूप से शहर की बिजली आपूर्ति में सुधार की तैयारी की गई थी। सबसे पहले क्षतिग्रस्त व जर्जर पोल को हटाने, ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि, खंभों से तारों का मकड़जाल हटाने के लिए नई एबीसी केबल बिछाई जानी थी। इसके लिए कार्यदायी संस्था को पहले चरण में चयनित कार्यों को पूरा करने के लिए 20 जनवरी 2025 का समय दिया गया था, लेकिन संस्था एक भी कार्य शत प्रतिशत पूरे नहीं कर पाई। बिजली विभागों के सूत्रों की मानें तो कार्यदायी संस्था द्वारा पहले चरण में प्रस्तावित कार्यों में 40 से 45 फीसदी ही कार्य पूरे कर सकी है। इससे इस गर्मी भी उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलने पर संशय है।

जिले के पांच विद्युत वितरण खंड कार्यालय
-शहर, पुरवा, हसनगंज, बांगरमऊ व मगरवारा गोकुल बाबा।
-पांचों खंडों में 5.50 लाख घरेलू, कामर्शियल, ट्यूबवेल व औद्योगिक क्षेत्र के उपभोक्ता शामिल
----
प्रस्तावित नई लाइन बिछाने का कार्य और उसकी प्रगति

-विद्युत वितरण खंड प्रथम शहरी क्षेत्र में 11 केवी फीडरों की ओवरलोडिंग समाप्त करने के लिए 134 किमी. की नई लाइन डाली जानी थी, अब तक करीब 65 किमी. ही लाइन बिछाई जा सकी।
-द्वितीय में 216.68 किमी. नई लाइन के सापेक्ष मात्र 160.07 किमी. ही काम पूरा हुआ।

----
प्लेन सीमेंट कंक्रीट (पीसीसी) पोल व स्टील ट्यूबलर पोल (एसटीपी) पोल की प्रगति

-खंड प्रथम में पीसीसी 3957 पोल के सापेक्ष 2909 और एसटीपी पोल 356 के सापेक्ष 230 ही लग पाए।

-खंड द्वितीय में पीसीसी 4628 के सापेक्ष 3624 और एसटीपी 146 में 135 पोल ही लगाए जा सके।

----
क्षतिग्रस्त केबल कंडक्टर को बदलने व ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि का कार्य

-खंड प्रथम में 156.67 किमी. के सापेक्ष 140.01 और द्वितीय में 138.54 के सापेक्ष 105.65 किमी. का ही काम हो पाया है।

-400 केवीए के 64 में 40, 630 केवीए के 75 में 55 ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि हो सकी है।
----

शहर के पॉश इलाके में गिने जाने वाले हनुमाननगर में लगे पोल पर बिजली के तारों का जंजाल खत्म करने के लिए करीब 50 किमी. लंबी एबीसी केबल बिछाई जानी थी। हालांकि, वर्तमान में इस मोहल्ले में काम पूरा नहीं हो सका है। केवल 39 किमी. केबल ही बिछाई जा सकी है। हर खंभे पर बिजली के तारों के गुच्छे लटक रहे हैं। यहां तक केबल भी काफी नीचे तक लटके हैं।
----
पूरे मोतीनगर में भी बिजली की एबीसी लाइन नहीं बिछाई जा सकी है। यहां पूरे वार्ड में एल्युमीनियम लाइन हटाकर करीब 70 किमी. लंबी एबीसी केबल बिछाई जानी थी। हालांकि, मात्र 52 किमी. में ही एबीसी केबल बिछाई जा सकी है। यहां तो एल्युमीनियम लाइन जर्जर है और तारों को आपस में टकराने से रोकने के लिए लकड़ी की फंटी बांधी गई है।

----
रीवैंप का काम करने वाली संस्था ने सुस्त गति से कार्य किया। इससे शहरी क्षेत्र में तय समय पर काम पूरा नहीं हो सका। इसके लिए संस्था को एक नहीं, बल्कि 10 से अधिक बार पत्र भेजा गया। योजना का पहला चरण समाप्त हो गया है। तय समय पर काम पूरा न कर पाने की जानकारी उच्चाधिकारियों को है। संस्था पर पेनाल्टी लग सकती है। -हेमेंद्र सिंह, एक्सईएन प्रथम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed