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कृषि कानूनों के विरोध में सड़क पर उतरे किसान
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कलक्ट्रेट गेट के बारि सड़क जामकर प्रदर्शन करते भारतीय मजदूर किसान यूनियन के पदाधिकारी।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। भारतीय मजदूर किसान यूनियन (राष्ट्रवादी) के कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों के विरोध में सड़क पर उतरकर विरोध जताया। भारी संख्या में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट के बाहर सड़क पर बैठ गए और प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट को पांच सूत्रीय ज्ञापन दिया। इस दौरान कुछ देर यातायात प्रभावित रहा।
भारतीय मजदूर किसान यूनियन जिलाध्यक्ष किरन सिंह पटेल की अगुवाई में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट गेट पर पहुंचे। यहां पर मुख्य मार्ग पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार तत्काल कृषि कानूनों को खत्म करे। ऐसा नहीं किया तो किसान सड़कों पर उतर कर अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे। कहा कि छह दिन हो गए हैं। लाखों किसान दिल्ली सीमा पर सड़कों पर पड़े हैं। सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है। आरोप लगाया कि सरकार किसानों की विरोधी है। यह पूंजीपतियों, उद्योगपतियों को बढ़ावा दे रही है।
संगठन के मंडल अध्यक्ष निधि शुक्ला ने कहा कि जिन किसानों के पराली जलाने में मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाए। जिला प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह एडवोकेट
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ने कहा कि क्रय केंद्रों पर किसानों से धान खरीदा जाए। युवा इकाई जिलाध्यक्ष उपेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि किसान रात दिन मेहनत करके फसलें तैयार करते है, लेकिन उनकी फसलों की लागत नहीं निकल रही है। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लिया। प्रदर्शन में कौशल द्विवेदी, मलखान, उदयवीर सिंह एडवाकेट, मोहम्मद अकील एडवोकेट, सुरजीत, मलखान, पुत्तन, ऊषा देवी, रेखा, सरला देवी, राज कुमारी, सुखदेई, निशा भी शामिल रहे।
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भारतीय मजदूर किसान यूनियन जिलाध्यक्ष किरन सिंह पटेल की अगुवाई में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट गेट पर पहुंचे। यहां पर मुख्य मार्ग पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार तत्काल कृषि कानूनों को खत्म करे। ऐसा नहीं किया तो किसान सड़कों पर उतर कर अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे। कहा कि छह दिन हो गए हैं। लाखों किसान दिल्ली सीमा पर सड़कों पर पड़े हैं। सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है। आरोप लगाया कि सरकार किसानों की विरोधी है। यह पूंजीपतियों, उद्योगपतियों को बढ़ावा दे रही है।
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संगठन के मंडल अध्यक्ष निधि शुक्ला ने कहा कि जिन किसानों के पराली जलाने में मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाए। जिला प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह एडवोकेट
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ने कहा कि क्रय केंद्रों पर किसानों से धान खरीदा जाए। युवा इकाई जिलाध्यक्ष उपेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि किसान रात दिन मेहनत करके फसलें तैयार करते है, लेकिन उनकी फसलों की लागत नहीं निकल रही है। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लिया। प्रदर्शन में कौशल द्विवेदी, मलखान, उदयवीर सिंह एडवाकेट, मोहम्मद अकील एडवोकेट, सुरजीत, मलखान, पुत्तन, ऊषा देवी, रेखा, सरला देवी, राज कुमारी, सुखदेई, निशा भी शामिल रहे।