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परिजनों ने रोका काफिला, प्रार्थना पत्र सौंपा
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उन्नाव। बिहार थाना क्षेत्र मेें जलाकर मारी गई सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के परिजनोें से मिलकर लौट रहे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को घटना में जेल भेजे गए आरोपियों के परिजनों ने इशारा कर रोक लिया। सुरक्षा कर्मियों ने घरवालों को रोका तो आरोपी की बहन ने प्रार्थनापत्र दिखाकर रुकने का इशारा किया। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने गाड़ी रुकवाई और प्रर्थनापत्र लिया। पत्र में गलत फंसाए जाने का आरोप लगाने के साथ ही घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई है। पूर्व मुख्मंत्री ने सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग करने का आश्वासन दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जलाकर मारी गई पीड़िता के परिवार से मिलने के बाद वापस लखनऊ लौट रहे थे। काफिला गांव के बाहर पहुंचा था तभी आरोपियों के परिवार के साथ करीब एक सैकड़ा ग्रामीण पहले से ही सड़क के किनारे खड़े हो गए।आरोपियों के परिजनों ने अपनी बात कहने के लिए हाथ जोड़कर पूर्व मुख्यमंत्री को रुकने का इशार किया तो पुलिस ने उन्हें रोक कर पीछे हटाने की कोशिश की। इसपर पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी गाड़ी रोकवाई। इसपर एक आरोपी की बहनें, उनके पास पहुंचीं और हाथ से लिखा प्रार्थनापत्र दिया।
इस प्रार्थनापत्र में परिवार की ओर से लिखा गया है कि जेल भेजे गए आरोपियों को फर्जी फंसाया गया है। घरवालों ने पूर्व मुख्यमंत्री से कहा कि किसी को जलाने के बाद कोई आरोपी घर पर नहीं सोता। बताया कि पुलिस ने सभी लोगों को घर में सोते समय गिरफ्तार किया था। परिजनों ने पूर्व मुख्यमंत्री से घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच हो। अगर फिर भी आरोपी दोषी पाए जाएं तो कड़ी से कड़ी सजा स्वीकार होगी।
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जलाकर मारी गई पीड़िता के परिवार से मिलने के बाद वापस लखनऊ लौट रहे थे। काफिला गांव के बाहर पहुंचा था तभी आरोपियों के परिवार के साथ करीब एक सैकड़ा ग्रामीण पहले से ही सड़क के किनारे खड़े हो गए।आरोपियों के परिजनों ने अपनी बात कहने के लिए हाथ जोड़कर पूर्व मुख्यमंत्री को रुकने का इशार किया तो पुलिस ने उन्हें रोक कर पीछे हटाने की कोशिश की। इसपर पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी गाड़ी रोकवाई। इसपर एक आरोपी की बहनें, उनके पास पहुंचीं और हाथ से लिखा प्रार्थनापत्र दिया।
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इस प्रार्थनापत्र में परिवार की ओर से लिखा गया है कि जेल भेजे गए आरोपियों को फर्जी फंसाया गया है। घरवालों ने पूर्व मुख्यमंत्री से कहा कि किसी को जलाने के बाद कोई आरोपी घर पर नहीं सोता। बताया कि पुलिस ने सभी लोगों को घर में सोते समय गिरफ्तार किया था। परिजनों ने पूर्व मुख्यमंत्री से घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच हो। अगर फिर भी आरोपी दोषी पाए जाएं तो कड़ी से कड़ी सजा स्वीकार होगी।
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