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जिले के 10862 छाओं के खाते में आया 4.16 करोड़ वजीफा
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एनआईसी में छात्रा को छात्रवृत्ति स्वीकृति प्रमाणपत्र देते डीएम। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से जिले के 10862 छात्र और छात्राओं के खाते में छात्रवृत्ति की 4.16 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। पॉलीटेक्निक के दो छात्रों से बातचीत कर शुल्क प्रतिपूर्ति मिलने व इसे खर्च करने के बारे में जानकारी ली।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में सभी वर्गों के पूर्वदशम (कक्षा 9 व 10) और दशमोत्तर (कक्षा 11 व 12 व इसके समानांतर) छात्रवृत्ति की राशि छात्रों के खाते में ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री द्वारा लखनऊ से जैसे ही बटन दबाया गया वैसे ही छात्रवृत्ति खातों में पहुंच गई। इसमें जिले के 10862 छात्र लाभांवित हुए। इन छात्रों के खातों में छात्रवृत्ति के रूप में 4.16 करोड़ पहुंचे। डीएम रवींद्र कुमार ने एनआईसी कक्ष में छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति स्वीकृति प्रमाणपत्र दिए। इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र पांडेय मौजूद रहे।
राजकीय पॉलीटेक्निक में पढ़ने वाले कानपुर नगर के घाटमपुर सजेती के गांव बम्हौरी निवासी आशीष ने बातचीत में मुख्यमंत्री को बताया कि वह इलेक्ट्रानिक व इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उसके पिता कैलाश नारायण मजदूरी करते हैं। मां अरुणा देवी गृहणी हैं। घर में एक बड़ी बहन है। छात्रवृत्ति में 8404 रुपये मिले हैं। कुल 11 हजार रुपये छात्रवृत्ति आती है। इससे अपनी पूरी फीस जमा करते हैं। जो बचती है उससे अन्य पढ़ाई की सामग्री खरीदते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करो, सरकार हर कदम पर मदद करेगी।
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राजकीय पॉलीटेक्निक में पढ़ने वाले फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के मूल निवासी दक्ष कुमार कंप्यूटर साइंस व इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। दक्ष के खाते में छात्रवृत्ति के 6904 रुपये पहुंचे हैं। अभी सात से आठ हजार रुपये और मिलने हैं। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दक्ष से बात की। पूछा छात्रवृत्ति मिलती है या नहीं, इसे कहां खर्च करते हैं, पिता क्या करते हैं। दक्ष ने बताया कि पिता महेंद्र सिंह मजदूरी करते हैं। मां लक्ष्मी देवी गृहणी हैं। घर में एक भाई व तीन बहनें हैं। छात्रवृत्ति का पैसा पढ़ाई में ही खर्च करते हैं।
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वित्तीय वर्ष 2021-22 में सभी वर्गों के पूर्वदशम (कक्षा 9 व 10) और दशमोत्तर (कक्षा 11 व 12 व इसके समानांतर) छात्रवृत्ति की राशि छात्रों के खाते में ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री द्वारा लखनऊ से जैसे ही बटन दबाया गया वैसे ही छात्रवृत्ति खातों में पहुंच गई। इसमें जिले के 10862 छात्र लाभांवित हुए। इन छात्रों के खातों में छात्रवृत्ति के रूप में 4.16 करोड़ पहुंचे। डीएम रवींद्र कुमार ने एनआईसी कक्ष में छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति स्वीकृति प्रमाणपत्र दिए। इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र पांडेय मौजूद रहे।
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राजकीय पॉलीटेक्निक में पढ़ने वाले कानपुर नगर के घाटमपुर सजेती के गांव बम्हौरी निवासी आशीष ने बातचीत में मुख्यमंत्री को बताया कि वह इलेक्ट्रानिक व इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उसके पिता कैलाश नारायण मजदूरी करते हैं। मां अरुणा देवी गृहणी हैं। घर में एक बड़ी बहन है। छात्रवृत्ति में 8404 रुपये मिले हैं। कुल 11 हजार रुपये छात्रवृत्ति आती है। इससे अपनी पूरी फीस जमा करते हैं। जो बचती है उससे अन्य पढ़ाई की सामग्री खरीदते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करो, सरकार हर कदम पर मदद करेगी।
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राजकीय पॉलीटेक्निक में पढ़ने वाले फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के मूल निवासी दक्ष कुमार कंप्यूटर साइंस व इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। दक्ष के खाते में छात्रवृत्ति के 6904 रुपये पहुंचे हैं। अभी सात से आठ हजार रुपये और मिलने हैं। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दक्ष से बात की। पूछा छात्रवृत्ति मिलती है या नहीं, इसे कहां खर्च करते हैं, पिता क्या करते हैं। दक्ष ने बताया कि पिता महेंद्र सिंह मजदूरी करते हैं। मां लक्ष्मी देवी गृहणी हैं। घर में एक भाई व तीन बहनें हैं। छात्रवृत्ति का पैसा पढ़ाई में ही खर्च करते हैं।