{"_id":"611d3bdb8ebc3e79d268e416","slug":"education-unnao-news-knp6468738190","type":"story","status":"publish","title_hn":"फीस जमा होने पर भी प्रवेश पत्र न मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फीस जमा होने पर भी प्रवेश पत्र न मिला
विज्ञापन
उन्नाव। कोरोना काल की फीस जमा न होने और प्रधानाचार्य की फटकार से छात्रा के जान देने का मामला अभी ठंडा भी न हुआ था कि एक अन्य छात्रा ने विधि विद्यालय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा है फीस जमा होने पर भी उसे प्रवेश पत्र नहीं दिया गया। इससे एक साल बर्बाद हो गया। एसपी ने सीओ सफीपुर को जांच सौंपी है।
जगाखेड़ा मजरा जगदीशपुर गांव निवासी प्रमोद कुमार मौजूदा समय में शहर के बंदूहार में परिवार के साथ रहते हैं। उनकी बेटी रिचा कुमारी ने एसपी अविनाश पांडेय को शिकायती पत्र देकर बताया कि वह ललऊखेड़ा (डीह) स्थित विधि महाविद्यालय में एलएलबी प्रथम वर्ष की छात्रा है। उसने 22 जनवरी को 8050 रुपये फीस, 1950 रुपये परीक्षा फीस जमा की थी। आरोप है कि 6 जुलाई को वह प्रथम वर्ष की परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र लेने कॉलेज पहुंची। वहां उसे बताया गया कि उसका एडमिशन ही नहीं हुआ है। आरोप लगाया कि विद्यालय से कूटरचित आईकार्ड, फीस रसीद समेत अन्य रसीदें दी गईं। विद्यालय ने उसका एक साल बर्बाद कर दिया। एसपी ने सफीपुर सीओ बीनू सिंह को जांच सौंपी है।
विधि विद्यालय के प्रबंधक अजय सिंह का कहना है कि छात्रा ने उनके कॉलेज में एडमिशन लिया और फीस भी जमा की। उसके सभी दस्तावेज यूनिर्वसिटी भेज दिए गए थे। वहीं से प्रवेश पत्र नहीं आया। इसमें उनके कॉलेज का कोई दोष नहीं है। एसपी अविनाश पांडेय ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जगाखेड़ा मजरा जगदीशपुर गांव निवासी प्रमोद कुमार मौजूदा समय में शहर के बंदूहार में परिवार के साथ रहते हैं। उनकी बेटी रिचा कुमारी ने एसपी अविनाश पांडेय को शिकायती पत्र देकर बताया कि वह ललऊखेड़ा (डीह) स्थित विधि महाविद्यालय में एलएलबी प्रथम वर्ष की छात्रा है। उसने 22 जनवरी को 8050 रुपये फीस, 1950 रुपये परीक्षा फीस जमा की थी। आरोप है कि 6 जुलाई को वह प्रथम वर्ष की परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र लेने कॉलेज पहुंची। वहां उसे बताया गया कि उसका एडमिशन ही नहीं हुआ है। आरोप लगाया कि विद्यालय से कूटरचित आईकार्ड, फीस रसीद समेत अन्य रसीदें दी गईं। विद्यालय ने उसका एक साल बर्बाद कर दिया। एसपी ने सफीपुर सीओ बीनू सिंह को जांच सौंपी है।
विज्ञापन
विधि विद्यालय के प्रबंधक अजय सिंह का कहना है कि छात्रा ने उनके कॉलेज में एडमिशन लिया और फीस भी जमा की। उसके सभी दस्तावेज यूनिर्वसिटी भेज दिए गए थे। वहीं से प्रवेश पत्र नहीं आया। इसमें उनके कॉलेज का कोई दोष नहीं है। एसपी अविनाश पांडेय ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन