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दुर्गाष्टमी पर कन्याभोज और मंदिर मुंडन संस्कार हुए
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sat, 28 Mar 2015 12:11 AM IST
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उन्नाव/शुक्लागंज। नवरात्र के आठवें दिन शुक्रवार को मां महागौरी की उपासना की। दुर्गाष्टमी पर जनपद में जगह-जगह कन्याभोज और मुंडन संस्कार हुए। मंदिरों व घरों में हवन-पूजन के साथ भजन कीर्तन हुए। भोर पहर से देरशाम तक मंदिर परिसर मातारानी के जयकारों से गुंजायमान होते रहे।
शहर के प्रसिद्ध कल्याणी देवी मंदिर, मां दुर्गा मंदिर, मां पूर्णाधाम देवी मंदिर व कॉलेज रोड स्थित मां दुर्गा मंदिर में भारी भीड़ रही। भोर पहर से ही मां के दर्शनों के लिए लोग पहुंचने लगे। सुबह से लेकर शाम तक जय माता दी के उद्घोष व घंटे घड़ियाल, शंखनाद की ध्वनि से परिसर गुंजायमान रहे।
अष्टमी के चलते कन्याभोज की भी होड़ मची रही। मंदिरों में भी भक्तों ने कन्याओें को भोज कराया। भोज के बाद भक्तों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार कन्याओं को दान-दक्षिणा भी दी। इसके अलावा देवी मंदिरों में बने यज्ञकुंड में भक्तों ने आहुतियां डालकर सुख समृद्धि की कामना की।
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श्रद्धालुओं ने मां को चुनरी, फल, फूल, कपूर, चंदन आदि पूजन सामग्री चढ़ाकर प्रसन्न करने का प्रयास किया। घरों में पूरे दिन हवन पूजन चलता रहा। मंदिरों व घरों में दिनभर दुर्गा सप्तशती का पाठ चलता रहा। ग्रामीण अंचलों के देवी मंदिरों में भी भीड़ के चलते मेला सा लगा रहा। सुबह से देरशाम तक मंदिरों में भीड़ का रेला दिखा। लाउडस्पीकरों पर दिनभर माता के गीत बजते रहे।
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शहर के प्रसिद्ध कल्याणी देवी मंदिर, मां दुर्गा मंदिर, मां पूर्णाधाम देवी मंदिर व कॉलेज रोड स्थित मां दुर्गा मंदिर में भारी भीड़ रही। भोर पहर से ही मां के दर्शनों के लिए लोग पहुंचने लगे। सुबह से लेकर शाम तक जय माता दी के उद्घोष व घंटे घड़ियाल, शंखनाद की ध्वनि से परिसर गुंजायमान रहे।
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अष्टमी के चलते कन्याभोज की भी होड़ मची रही। मंदिरों में भी भक्तों ने कन्याओें को भोज कराया। भोज के बाद भक्तों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार कन्याओं को दान-दक्षिणा भी दी। इसके अलावा देवी मंदिरों में बने यज्ञकुंड में भक्तों ने आहुतियां डालकर सुख समृद्धि की कामना की।
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श्रद्धालुओं ने मां को चुनरी, फल, फूल, कपूर, चंदन आदि पूजन सामग्री चढ़ाकर प्रसन्न करने का प्रयास किया। घरों में पूरे दिन हवन पूजन चलता रहा। मंदिरों व घरों में दिनभर दुर्गा सप्तशती का पाठ चलता रहा। ग्रामीण अंचलों के देवी मंदिरों में भी भीड़ के चलते मेला सा लगा रहा। सुबह से देरशाम तक मंदिरों में भीड़ का रेला दिखा। लाउडस्पीकरों पर दिनभर माता के गीत बजते रहे।