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कार पर पलटा डंपर, दंपति की जान गई
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Sun, 25 Oct 2015 12:02 AM IST
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लखनऊ-कानपुर हाईवे पर शनिवार सुबह गिट्टी लदा डंपर एक कार पर पलट गया। इससे
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कार चकनाचूर हो गई और कार में सवार बुजुर्ग दंपति की मौत हो गई। सदर
कोतवाली और अचलगंज थाना पुलिस ने क्रेन की मदद से डंपर हटवाया। करीब एक
घंटे की मशक्कत के बाद गिट्टी में दबी कार को बाहर निकाला जा सका।
पुलिस ने मृतक के मोबाइल से परिजनों को सूचना दी। हादसे के बाद डंपर चालक भाग निकला। कानपुर के कल्याणपुर थानाक्षेत्र के शारदानगर के मूल निवासी चंद्रस्वरूप चतुर्वेदी (60) नेशनल टेक्सटाइल में जीएम पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह कई साल से लखनऊ के विकासनगर में अपने बेटे रजनीश चतुर्वेदी के साथ अपने निजी मकान में रह रहे थे।
चंद्रस्वरूप व उनकी पत्नी कुसुम (55) नवरात्र पर अपने पैतृक आवास कानपुर गए थे। कानपुर में उनके भाई प्रेमस्वरूप व अन्य परिजन रहते हैं। दुर्गापूजा के बाद शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे वह और उनकी पत्नी अपनी कार से लखनऊ के लिए निकले। चंद्रस्वरूप खुद कार चला रहे थे।
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर अचलगंज थानाक्षेत्र में बंथर के पास पीछे से आ रहा गिट्टी लदा डंपर ओवरटेक करने के प्रयास में अनियंत्रित होकर कार पर पलट गया। कार गिट्टी में दब गई। आसपास के लोगों की सूचना पर पहुंचे पिकेट के दो जवानों ने क्रेन की व्यवस्था कर डंपर हटवाया।
इसी दौरान अचलगंज थानाध्यक्ष अजय सिंह और कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे दंपति के शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गाड़ी में मिले कागजात और मोबाइल फोन में मिले नंबर से मृतकों की पहचान हुई और परिजनों को सूचना दी गई।
जानकारी मिलते ही मृतक का बेटा रजनीश और कानपुर से उनके भाई प्रेमस्वरूप व अन्य परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। भाई प्रेम स्वरूप ने बताया कि चंद्रस्वरूप के दो बेटे और एक बेटी है। सभी की शादी हो चुकी है। रजनीश गोदरेज कंपनी में काम करते हैं जबकि छोटा बेटा हिंदुस्तान पेट्रोलियम में है और मौजूदा समय में विशाखापट्टन में तैनात है।
अचलगंज थानाध्यक्ष ने बताया कि अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर गाड़ी के मालिक और चालक तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने मृतक के मोबाइल से परिजनों को सूचना दी। हादसे के बाद डंपर चालक भाग निकला। कानपुर के कल्याणपुर थानाक्षेत्र के शारदानगर के मूल निवासी चंद्रस्वरूप चतुर्वेदी (60) नेशनल टेक्सटाइल में जीएम पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह कई साल से लखनऊ के विकासनगर में अपने बेटे रजनीश चतुर्वेदी के साथ अपने निजी मकान में रह रहे थे।
चंद्रस्वरूप व उनकी पत्नी कुसुम (55) नवरात्र पर अपने पैतृक आवास कानपुर गए थे। कानपुर में उनके भाई प्रेमस्वरूप व अन्य परिजन रहते हैं। दुर्गापूजा के बाद शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे वह और उनकी पत्नी अपनी कार से लखनऊ के लिए निकले। चंद्रस्वरूप खुद कार चला रहे थे।
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर अचलगंज थानाक्षेत्र में बंथर के पास पीछे से आ रहा गिट्टी लदा डंपर ओवरटेक करने के प्रयास में अनियंत्रित होकर कार पर पलट गया। कार गिट्टी में दब गई। आसपास के लोगों की सूचना पर पहुंचे पिकेट के दो जवानों ने क्रेन की व्यवस्था कर डंपर हटवाया।
इसी दौरान अचलगंज थानाध्यक्ष अजय सिंह और कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे दंपति के शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गाड़ी में मिले कागजात और मोबाइल फोन में मिले नंबर से मृतकों की पहचान हुई और परिजनों को सूचना दी गई।
जानकारी मिलते ही मृतक का बेटा रजनीश और कानपुर से उनके भाई प्रेमस्वरूप व अन्य परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। भाई प्रेम स्वरूप ने बताया कि चंद्रस्वरूप के दो बेटे और एक बेटी है। सभी की शादी हो चुकी है। रजनीश गोदरेज कंपनी में काम करते हैं जबकि छोटा बेटा हिंदुस्तान पेट्रोलियम में है और मौजूदा समय में विशाखापट्टन में तैनात है।
अचलगंज थानाध्यक्ष ने बताया कि अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर गाड़ी के मालिक और चालक तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।