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ठंडाई पीने से 200 की हालत बिगड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 20 Feb 2015 12:11 AM IST
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हसनगंज। महाशिवरात्रि पर ठंडाई पीने के बाद करीब दो सौ लोगों की हालत बिगड़ गई। दो दिनों से घर और आसपास के चिकित्सक से इलाज कराने के बाद भी जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो गुरुवार को इन्हें हसनगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। शाम तक करीब सौ लोगों को सीएचसी में भर्ती कराया जा चुका था। चिकित्सकों ने सभी की हालत खतरे से बाहर बताई है।
तहसील के गांव सरायं मलकादिम में गत 17 फरवरी को महाशिवरात्रि के पर्व पर शिव शोभायात्रा का आयोजन किया गया था। यात्रा में बच्चे, बूढ़े और जवान सभी शामिल थे। इस दौरान प्रसाद के रूप में ठंडाई का वितरण किया गया। ठंडाई पीने के बाद लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी।
पहले तो इन लोगों ने सोचा कि ज्यादा ठंडाई पीने से ऐसा हो रहा है, लेकिन हालत सुधरती न देख गांव के ही चिकित्सकों से संपर्क करना शुरू किया। दो दिनों से जारी इलाज के बाद भी राहत न मिलने और हालत ज्यादा बिगड़ने पर गुरुवार सुबह पहले पांच लोगों को सीएचसी में भर्ती कराया गया, लेकिन दोपहर तक यहां करीब एक दर्जन लोग भर्ती हो गए। इसके बाद शाम तक यह संख्या करीब सौ तक पहुंच गई।
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एकाएक मरीजों की संख्या में हुई वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग को भी सकते में डाल दिया और सीएचसी प्रभारी ने तुरंत एक टीम सरायं मलकादिम गांव भेजी। यहां सीएचसी की एंबुलेंस से बीमार लोगों को स्वास्थ्य केंद्र तक लाया गया और कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भी भेज दिया।
जबकि जिनकी हालत ज्यादा खराब मिली उन्हें भर्ती कर लिया गया। केंद्र प्रभारी एके त्रिपाठी ने बताया कि चार डॉक्टरों की टीम इलाज कर रही है। शीघ्र ही हालत में सुधार हो जाएगा। केंद्र प्रभारी ने सभी की हालत खतरे से बाहर बताई है।
शाम तक एकाएक बढ़ी मरीजों की संख्या के आगे सीएचसी के बेड भी कम पड़ने लगे। हालत यह हुई कि एक बेड पर चार-चार मरीजों का उपचार किया जाना लगा। उधर, ओपीडी कक्ष में भी प्राथमिक उपचार कराने पहुंचे लोगों की भीड़ जुट गई।
सफीपुर विधायक सुधीर रावत गांव पहुंच गए और सीएमओ से वार्ता करने के बाद मरीजों को जल्द से जल्द राहत दिलाने की बात कही। इसके अलावा ग्राम विकास अधिकारी प्रवीण दुबे व ब्लाक प्रमुख धीरेंद्र ब्रह्मचारी भी गांव पहुंचे और पीड़ित के परिजनों से मुलाकात कर स्थिति के बारे में पूछा।
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तहसील के गांव सरायं मलकादिम में गत 17 फरवरी को महाशिवरात्रि के पर्व पर शिव शोभायात्रा का आयोजन किया गया था। यात्रा में बच्चे, बूढ़े और जवान सभी शामिल थे। इस दौरान प्रसाद के रूप में ठंडाई का वितरण किया गया। ठंडाई पीने के बाद लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी।
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पहले तो इन लोगों ने सोचा कि ज्यादा ठंडाई पीने से ऐसा हो रहा है, लेकिन हालत सुधरती न देख गांव के ही चिकित्सकों से संपर्क करना शुरू किया। दो दिनों से जारी इलाज के बाद भी राहत न मिलने और हालत ज्यादा बिगड़ने पर गुरुवार सुबह पहले पांच लोगों को सीएचसी में भर्ती कराया गया, लेकिन दोपहर तक यहां करीब एक दर्जन लोग भर्ती हो गए। इसके बाद शाम तक यह संख्या करीब सौ तक पहुंच गई।
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एकाएक मरीजों की संख्या में हुई वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग को भी सकते में डाल दिया और सीएचसी प्रभारी ने तुरंत एक टीम सरायं मलकादिम गांव भेजी। यहां सीएचसी की एंबुलेंस से बीमार लोगों को स्वास्थ्य केंद्र तक लाया गया और कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भी भेज दिया।
जबकि जिनकी हालत ज्यादा खराब मिली उन्हें भर्ती कर लिया गया। केंद्र प्रभारी एके त्रिपाठी ने बताया कि चार डॉक्टरों की टीम इलाज कर रही है। शीघ्र ही हालत में सुधार हो जाएगा। केंद्र प्रभारी ने सभी की हालत खतरे से बाहर बताई है।
शाम तक एकाएक बढ़ी मरीजों की संख्या के आगे सीएचसी के बेड भी कम पड़ने लगे। हालत यह हुई कि एक बेड पर चार-चार मरीजों का उपचार किया जाना लगा। उधर, ओपीडी कक्ष में भी प्राथमिक उपचार कराने पहुंचे लोगों की भीड़ जुट गई।
सफीपुर विधायक सुधीर रावत गांव पहुंच गए और सीएमओ से वार्ता करने के बाद मरीजों को जल्द से जल्द राहत दिलाने की बात कही। इसके अलावा ग्राम विकास अधिकारी प्रवीण दुबे व ब्लाक प्रमुख धीरेंद्र ब्रह्मचारी भी गांव पहुंचे और पीड़ित के परिजनों से मुलाकात कर स्थिति के बारे में पूछा।