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बजट के अभाव में नहीं हुआ ड्रेस का भुगतान
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sat, 21 Mar 2015 11:22 PM IST
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उन्नाव। परिषदीय विद्यालयों का सत्र समाप्त होने के कगार पर है लेकिन अभी तक ड्रेस वितरण का 25 प्रतिशत भुगतान नहीं हो पाया है। बजट न आने से ठेकेदार, टीचर के पास चक्कर काट रहे हैं। जबकि, ड्रेस वितरण करते समय यह कहा गया था पहले 75 फीसदी भुगतान किया जाएगा और सत्र समाप्त होने तक पूरा भुगतान कर दिया जाएगा।
जिले में संचालित 2039 प्राथमिक व 809 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सितंबर माह के अंत तक बच्चों में ड्रेस का वितरण किया गया था। ड्रेस की सप्लाई कर रहे ठेकेदारों से टीचरों ने कहा था कि सत्र समाप्त होने तक उन्हें पूरा पेमेंट कर दिया जाएगा।
शासन से भी टीचरों को यही निर्देश दिए गए थे। इसलिए ड्रेस वितरण का 75 प्रतिशत बजट पहले ही रिलीज कर दिया गया था। बीएसए के निर्देशानुसार टीचरों ने समय रहते विद्यालयों में बच्चों को दो-दो जोड़ी ड्रेसों का वितरण भी कर दिया लेकिन अभी तक 25 फीसदी बजट शासन की ओर से जारी नहीं किया गया है।
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इस वर्ष नया सत्र अप्रैल माह से ही प्रारंभ हो रहा है। इसलिए अभी फिर टीचरों को ड्रेस वितरण के लिए कहा जाएगा। उधर, जिन ठेकेदारों ने विद्यालयों में ड्रेस की सप्लाई की है वह लगातार टीचराें से उसका पेमेंट मांग रहे हैं। इससे टीचरों को परेशानी भी उठानी पड़ रही है। टीचरों का कहना है कि बजट न आने से ठेकेदार अपने पास से पेमेंट करने की बात कहते हैं। इससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ड्रेस वितरण प्रभारी हरिनाथ सिंह ने बताया कि पहले शासन की ओर से सात करोड़ रुपये ड्रेस के लिए जारी हुए थे। दूसरी किश्त अभी तक जारी नहीं हुई है। जबकि चिट्टी बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। इतना ही पैसा रिलीज करने की सारी तैयारिया हैं। बजट आते ही पैसा खाते में भेज दिया जाएगा।
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जिले में संचालित 2039 प्राथमिक व 809 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सितंबर माह के अंत तक बच्चों में ड्रेस का वितरण किया गया था। ड्रेस की सप्लाई कर रहे ठेकेदारों से टीचरों ने कहा था कि सत्र समाप्त होने तक उन्हें पूरा पेमेंट कर दिया जाएगा।
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शासन से भी टीचरों को यही निर्देश दिए गए थे। इसलिए ड्रेस वितरण का 75 प्रतिशत बजट पहले ही रिलीज कर दिया गया था। बीएसए के निर्देशानुसार टीचरों ने समय रहते विद्यालयों में बच्चों को दो-दो जोड़ी ड्रेसों का वितरण भी कर दिया लेकिन अभी तक 25 फीसदी बजट शासन की ओर से जारी नहीं किया गया है।
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इस वर्ष नया सत्र अप्रैल माह से ही प्रारंभ हो रहा है। इसलिए अभी फिर टीचरों को ड्रेस वितरण के लिए कहा जाएगा। उधर, जिन ठेकेदारों ने विद्यालयों में ड्रेस की सप्लाई की है वह लगातार टीचराें से उसका पेमेंट मांग रहे हैं। इससे टीचरों को परेशानी भी उठानी पड़ रही है। टीचरों का कहना है कि बजट न आने से ठेकेदार अपने पास से पेमेंट करने की बात कहते हैं। इससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ड्रेस वितरण प्रभारी हरिनाथ सिंह ने बताया कि पहले शासन की ओर से सात करोड़ रुपये ड्रेस के लिए जारी हुए थे। दूसरी किश्त अभी तक जारी नहीं हुई है। जबकि चिट्टी बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। इतना ही पैसा रिलीज करने की सारी तैयारिया हैं। बजट आते ही पैसा खाते में भेज दिया जाएगा।