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Unnao News: डॉ. प्रज्ञा पांडेय को मिला राष्ट्रीय भू विज्ञान पुरस्कार
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बांगरमऊ। समुद्री जीवाश्म के दांतों और हड्डियों पर शोध करने वाली कस्बा निवासी डॉ. प्रज्ञा पांडेय को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय भू विज्ञान पुरस्कार से सम्मानित किया।
गणेशगंज निवासी ब्रह्मदेव पांडेय की पुत्री प्रज्ञा पांडेय की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर से हुई। प्रज्ञा ने स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद परास्नातक दिल्ली विश्वविद्यालय से किया। वर्ष 2012 में यूपीएससी जिओ साइंटिस्ट की परीक्षा उत्तीर्ण की। 2019 में रुड़की से पीएचडी किया। 2020 में फील्ड वर्क के दौरान उन्होंने समुद्री जीवाश्म सार्क और मगरमच्छ के दांत व व्हेल की हड्डी पर शोध किया।
इस उपलब्धि के लिए डॉ. प्रज्ञा पांडे व उनकी टीम को भारत सरकार के खनन मंत्रालय ने राष्ट्रीय भू पुरस्कार के लिए चयनित किया। 20 अगस्त को राष्ट्रपति भवन दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. प्रज्ञा पांडेय सहित टीम के 21 सदस्यों को राष्ट्रीय भू विज्ञान पुरस्कार देकर सम्मानित। इस मौके पर प्रज्ञा के पति पवन कुमार मिश्रा भी मौजूद रहे। डॉ. प्रज्ञा की इस उपलब्धि को उनके ससुर संत कुमार मिश्रा व देवर विनय कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी बताया है।
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गणेशगंज निवासी ब्रह्मदेव पांडेय की पुत्री प्रज्ञा पांडेय की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर से हुई। प्रज्ञा ने स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद परास्नातक दिल्ली विश्वविद्यालय से किया। वर्ष 2012 में यूपीएससी जिओ साइंटिस्ट की परीक्षा उत्तीर्ण की। 2019 में रुड़की से पीएचडी किया। 2020 में फील्ड वर्क के दौरान उन्होंने समुद्री जीवाश्म सार्क और मगरमच्छ के दांत व व्हेल की हड्डी पर शोध किया।
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इस उपलब्धि के लिए डॉ. प्रज्ञा पांडे व उनकी टीम को भारत सरकार के खनन मंत्रालय ने राष्ट्रीय भू पुरस्कार के लिए चयनित किया। 20 अगस्त को राष्ट्रपति भवन दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. प्रज्ञा पांडेय सहित टीम के 21 सदस्यों को राष्ट्रीय भू विज्ञान पुरस्कार देकर सम्मानित। इस मौके पर प्रज्ञा के पति पवन कुमार मिश्रा भी मौजूद रहे। डॉ. प्रज्ञा की इस उपलब्धि को उनके ससुर संत कुमार मिश्रा व देवर विनय कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी बताया है।
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