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Unnao News: दान में मिले हेल्थ एटीएम बेकद्री के शिकार, सिर्फ नाप रहे बीपी-वजन
Fri, 22 Aug 2025 01:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Fri, 22 Aug 2025 01:39 AM IST
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फोटो नंबर 43-जिला अस्पताल की गैलरी में लगा हेल्थ एटीएम जिसमें हो रही सिर्फ बीपी, वजन और शूगर की
- फोटो : mathura
उन्नाव। सिर्फ 10 मिनट में रिपोर्ट और 59 तरह की जांच की सुविधा वाले हेल्थ एटीएम सिर्फ दिखावा साबित हो रहे हैं। जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी में कुल 17 हेल्थ एटीएम लगे हैं। रीजेंट, टेस्ट स्ट्रिप व अन्य जरूरी सामान न मिलने से 15 एटीएम केवल वजन, बीपी और लंबाई मापने के काम आ रहे हैं। बीघापुर और सरोसी अस्पताल के एटीएम में पानी जाने से एक साल से खराब हैं। जिला अस्पताल में ही हेल्थ एटीएम के संचालन को लेकर सीएमओ कार्यालय और सीएमएस कार्यालय एक दूसरे के पाले में गेंद फेंक कर पल्ला झाड़ रहे हैं।
कोरोना के बाद दिसंबर 2022 में विभिन्न संस्थाओं व उद्यमियों ने जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी और पीएचसी में लोगों को जांच की सुविधा देने के लिए 3.50 लाख कीमत के 16 हेल्थ एटीएम दान दिए थे। स्वास्थ्य विभाग इनका संचालन नहीं कर पाया। ज्यादातर एटीएम सिर्फ वजन, लंबाई और बीपी मापने के ही काम आ रहे हैं।
जिला अस्पताल के एटीएम के लिए रीजेंट व सामग्री उपलब्ध कराने के लिए बजट को लेकर दो साल से सीएमओ कार्यालय और सीएमएस कार्यालय में टाल मटोल चल रही है। इसका खामियाजा यहां आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। एटीएम से जांच की सुविधा न मिलने से पैथोलॉजी में घंटों लाइन में लगकर धक्कामुक्की झेलनी पड़ती है।
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जबरदस्ती लगाया है एटीएम
सबसे पहले दिसंबर 2022 में एक निर्यातक कंपनी ने हेल्थ एटीएम लगवाया था। शुरुआत में करीब एक साल तो जैसे-तैसे काम चलता रहा। हालांकि 10 से 15 तरह की जांच से ज्यादा कभी नहीं हो सकीं। इस समय तो केवल बीपी, शुगर और वजन की ही जांच हो पा रही है। टेक्नीशियन अंबुज कुमार ने बताया कि इस समय तो ग्लूकोमीटर, शुगर स्ट्रिप, वजन मशीन की बैटरी, बीपी नापने में उपयोग होने वाला पट्टा, हीमोग्लोबिन मीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, मास्क तक की कमी है। बताया कि 12 अगस्त को सीएमएस कार्यालय में मांग पत्र दिया था। सीएमएस ने यह कह कर मना कर दिया कि एटीएम हमारे पास नहीं है, इसे जबर्दस्ती लगाया गया है।
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हेल्थ एटीएम से 10 मिनट में हो सकती हैं ये जांचे
बॉडी मॉस इंडेक्स, ब्लड प्रेशर, मेटाबॉलिक ऐज, बॉडी फैट, हाईड्रेशन, पल्स रेट, हाइट, मसल मॉस, तापमान, ऑक्सीजन की मात्रा, वजन सहित कुल 59 पैरामीटर पर जांच की सुविधा है। बॉडी स्क्रीनिंग के लिए 16 पैरामीटर की जांच होगी। लाइफस्टाइल से जुड़ी जांच जैसे ग्लूकोज, हीमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल के अलावा रैपिड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, गर्भावस्था, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, एचआईवी के साथ ही 12 लीड ईसीजी, डिजिटल स्टेथोस्कोप, डर्मास्कोप, ओटोस्कोप जैसे टेस्ट भी किए जा सकते हैं। ग्लूकोज, हीमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल आदि की जांच। कई तरह के रैपिड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, गर्भावस्था, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, एचआईवी जैसे टेस्ट भी किए जा सकते हैं।
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बोले जिम्मेदार
बीघापुर और सरोसी स्वास्थ्य केंद्र के अलावा 14 सीएचसी और जिला अस्पताल में लगा हेल्थ एटीएम संचालित हैं। रीजेंट व अन्य जरूरी सामग्री के लिए अलग से बजट नहीं है। इसकी खरीदारी स्वास्थ्य केंद्र को रोगी कल्याण निधि खाते से करनी है। जिला अस्पताल में भी यही व्यवस्था है। अगर एटीएम नहीं चल रहा है तो इसके लिए जिला अस्पताल प्रशासन जिम्मेदार है।
डॉ. सत्यप्रकाश, सीएमओ
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जिला अस्पताल में खुद लैब है। इसलिए यहां तो हेल्थ एटीएम की आवश्यकता ही नहीं है। सीएमओ कार्यालय ने यहां जबरदस्ती लगवाया है। जिला अस्पताल के पास इसके लिए अलग से कोई बजट भी नहीं है। रोगी कल्याण निधि से इसके लिए सामग्री नहीं खरीदी जा सकती है। जो भी सामग्री की आवश्यकता है सीएमओ कार्यालय ही खरीद कर उपलब्ध कराए।
डॉ. संजीव कुमार, चिकित्साधीक्षक, जिला अस्पताल
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अन्य अस्पतालों के हेल्थ एटीएम का हाल
-बीघापुर सीएचसी और सरोसी पीएचसी का हेल्थ एटीएम डेढ़ साल से खराब है।
-बिछिया सीएचसी के एटीएम में केवल वजन और बीपी की नाम होती है।
-नवाबगंज सीएचसी के एटीएम में एक साल से रीजेंट नहीं है।
-हसनगंज व असोहा सीएचसी में केवल 20 तरह की जांचें होने का दावा है।
-हिलौली पीएचसी के हेल्थ एटीएम से 10 तरह की जांच होने का दावा है।
-सफीपुर सीएचसी के हेल्थ एटीएम बीपी और शुगर की जांच हो रही।
-मियागंज सीएचसी में मशीन बंद रखी है।
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कोरोना के बाद दिसंबर 2022 में विभिन्न संस्थाओं व उद्यमियों ने जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी और पीएचसी में लोगों को जांच की सुविधा देने के लिए 3.50 लाख कीमत के 16 हेल्थ एटीएम दान दिए थे। स्वास्थ्य विभाग इनका संचालन नहीं कर पाया। ज्यादातर एटीएम सिर्फ वजन, लंबाई और बीपी मापने के ही काम आ रहे हैं।
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जिला अस्पताल के एटीएम के लिए रीजेंट व सामग्री उपलब्ध कराने के लिए बजट को लेकर दो साल से सीएमओ कार्यालय और सीएमएस कार्यालय में टाल मटोल चल रही है। इसका खामियाजा यहां आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। एटीएम से जांच की सुविधा न मिलने से पैथोलॉजी में घंटों लाइन में लगकर धक्कामुक्की झेलनी पड़ती है।
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जबरदस्ती लगाया है एटीएम
सबसे पहले दिसंबर 2022 में एक निर्यातक कंपनी ने हेल्थ एटीएम लगवाया था। शुरुआत में करीब एक साल तो जैसे-तैसे काम चलता रहा। हालांकि 10 से 15 तरह की जांच से ज्यादा कभी नहीं हो सकीं। इस समय तो केवल बीपी, शुगर और वजन की ही जांच हो पा रही है। टेक्नीशियन अंबुज कुमार ने बताया कि इस समय तो ग्लूकोमीटर, शुगर स्ट्रिप, वजन मशीन की बैटरी, बीपी नापने में उपयोग होने वाला पट्टा, हीमोग्लोबिन मीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, मास्क तक की कमी है। बताया कि 12 अगस्त को सीएमएस कार्यालय में मांग पत्र दिया था। सीएमएस ने यह कह कर मना कर दिया कि एटीएम हमारे पास नहीं है, इसे जबर्दस्ती लगाया गया है।
हेल्थ एटीएम से 10 मिनट में हो सकती हैं ये जांचे
बॉडी मॉस इंडेक्स, ब्लड प्रेशर, मेटाबॉलिक ऐज, बॉडी फैट, हाईड्रेशन, पल्स रेट, हाइट, मसल मॉस, तापमान, ऑक्सीजन की मात्रा, वजन सहित कुल 59 पैरामीटर पर जांच की सुविधा है। बॉडी स्क्रीनिंग के लिए 16 पैरामीटर की जांच होगी। लाइफस्टाइल से जुड़ी जांच जैसे ग्लूकोज, हीमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल के अलावा रैपिड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, गर्भावस्था, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, एचआईवी के साथ ही 12 लीड ईसीजी, डिजिटल स्टेथोस्कोप, डर्मास्कोप, ओटोस्कोप जैसे टेस्ट भी किए जा सकते हैं। ग्लूकोज, हीमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल आदि की जांच। कई तरह के रैपिड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, गर्भावस्था, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, एचआईवी जैसे टेस्ट भी किए जा सकते हैं।
बोले जिम्मेदार
बीघापुर और सरोसी स्वास्थ्य केंद्र के अलावा 14 सीएचसी और जिला अस्पताल में लगा हेल्थ एटीएम संचालित हैं। रीजेंट व अन्य जरूरी सामग्री के लिए अलग से बजट नहीं है। इसकी खरीदारी स्वास्थ्य केंद्र को रोगी कल्याण निधि खाते से करनी है। जिला अस्पताल में भी यही व्यवस्था है। अगर एटीएम नहीं चल रहा है तो इसके लिए जिला अस्पताल प्रशासन जिम्मेदार है।
डॉ. सत्यप्रकाश, सीएमओ
जिला अस्पताल में खुद लैब है। इसलिए यहां तो हेल्थ एटीएम की आवश्यकता ही नहीं है। सीएमओ कार्यालय ने यहां जबरदस्ती लगवाया है। जिला अस्पताल के पास इसके लिए अलग से कोई बजट भी नहीं है। रोगी कल्याण निधि से इसके लिए सामग्री नहीं खरीदी जा सकती है। जो भी सामग्री की आवश्यकता है सीएमओ कार्यालय ही खरीद कर उपलब्ध कराए।
डॉ. संजीव कुमार, चिकित्साधीक्षक, जिला अस्पताल
अन्य अस्पतालों के हेल्थ एटीएम का हाल
-बीघापुर सीएचसी और सरोसी पीएचसी का हेल्थ एटीएम डेढ़ साल से खराब है।
-बिछिया सीएचसी के एटीएम में केवल वजन और बीपी की नाम होती है।
-नवाबगंज सीएचसी के एटीएम में एक साल से रीजेंट नहीं है।
-हसनगंज व असोहा सीएचसी में केवल 20 तरह की जांचें होने का दावा है।
-हिलौली पीएचसी के हेल्थ एटीएम से 10 तरह की जांच होने का दावा है।
-सफीपुर सीएचसी के हेल्थ एटीएम बीपी और शुगर की जांच हो रही।
-मियागंज सीएचसी में मशीन बंद रखी है।