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सीएचसी में डॉक्टर लापता, गंदगी देख भड़के मंत्री
अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sun, 21 Feb 2016 12:35 AM IST
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प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री शिवप्रताप यादव ने शनिवार को नवाबगंज सीएचसी का
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निरीक्षण किया। अस्पताल में कई डॉक्टर और कर्मचारी नहीं मिले। वहीं
अस्पताल में गंदगी मिली। उन्होंने सीएचसी प्रभारी को फटकार लगाई। मरीजों ने
दवाएं बाहर से लिखने की शिकायत की। मंत्री ने सीएमओ को अनुपस्थित डॉक्टरों
के खिलाफ कार्रवाई, सफाई करने वाली एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करने और
रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को 11 बजे स्वास्थ्य मंत्री अचानक नवाबगंज सीएचसी पहुंचे। मंत्री को देख डॉक्टरों-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने उपस्थित रजिस्टर देखा तो अल्ट्रासाउंड करने वाले डॉक्टर तपन व डॉक्टर शैलेंद्र अस्थाना अनुपस्थित थे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अखिलेश विक्रम ने बताया कि डॉ. तपन के बच्चे की तबियत खराब है, इसलिए देर से आएंगे। डॉ. शैलेंद्र कोर्ट गए हैं। लिखित में कोई प्रार्थनापत्र न होने पर उन्होंने सीएमओ डॉ. गीता यादव से रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजने को कहा। निरीक्षण दौरान वार्ड में गंदगी और दुर्गंध पर अधीक्षक को फटकार लगाई। सीएमओ को सफाई करने वाली एजेंसी गायत्री संस्था को ब्लैक लिस्ट करने का आदेश दिया। मंत्री को अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद मिला। फार्मासिस्ट से दवाओं के रखरखाव व स्टाक की जानकारी ली। दो कर्मचारियों के अनुपस्थित मिलने पर सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों से बात की तो बताया गया कि डॉक्टर दवाएं बाहर से लिख रहे हैं। उन्होंने सीएमओ से समय-समय पर जांच करने के निर्देश दिए। इस दौरान डिप्टी सीएमओ अनिल त्रिपाठी, लाल बहादुर यादव, नीरज पांडेय, पूनम पांडेय आदि मौजूद रहे।
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मंत्री के आदेशों का नहीं हुआ पालन
स्वास्थ्य मंत्री शिव प्रताप यादव ने बताया कि 20 नवंबर 2015 को उन्होंने नवाबगंज सीएचसी निरीक्षण किया था। महिला वार्ड का एक्जास्ट टूटा देख बदलने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक यह काम नहीं हो सका। इसके अलावा साफ-सफाई के निर्देश भी दिए थे, उसमें भी कुछ सुधार नहीं हुआ। इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दी जाएगी।
शनिवार को 11 बजे स्वास्थ्य मंत्री अचानक नवाबगंज सीएचसी पहुंचे। मंत्री को देख डॉक्टरों-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने उपस्थित रजिस्टर देखा तो अल्ट्रासाउंड करने वाले डॉक्टर तपन व डॉक्टर शैलेंद्र अस्थाना अनुपस्थित थे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अखिलेश विक्रम ने बताया कि डॉ. तपन के बच्चे की तबियत खराब है, इसलिए देर से आएंगे। डॉ. शैलेंद्र कोर्ट गए हैं। लिखित में कोई प्रार्थनापत्र न होने पर उन्होंने सीएमओ डॉ. गीता यादव से रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजने को कहा। निरीक्षण दौरान वार्ड में गंदगी और दुर्गंध पर अधीक्षक को फटकार लगाई। सीएमओ को सफाई करने वाली एजेंसी गायत्री संस्था को ब्लैक लिस्ट करने का आदेश दिया। मंत्री को अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद मिला। फार्मासिस्ट से दवाओं के रखरखाव व स्टाक की जानकारी ली। दो कर्मचारियों के अनुपस्थित मिलने पर सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों से बात की तो बताया गया कि डॉक्टर दवाएं बाहर से लिख रहे हैं। उन्होंने सीएमओ से समय-समय पर जांच करने के निर्देश दिए। इस दौरान डिप्टी सीएमओ अनिल त्रिपाठी, लाल बहादुर यादव, नीरज पांडेय, पूनम पांडेय आदि मौजूद रहे।
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मंत्री के आदेशों का नहीं हुआ पालन
स्वास्थ्य मंत्री शिव प्रताप यादव ने बताया कि 20 नवंबर 2015 को उन्होंने नवाबगंज सीएचसी निरीक्षण किया था। महिला वार्ड का एक्जास्ट टूटा देख बदलने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक यह काम नहीं हो सका। इसके अलावा साफ-सफाई के निर्देश भी दिए थे, उसमें भी कुछ सुधार नहीं हुआ। इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दी जाएगी।