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कोविड-19 पर प्रभावी कार्रवाई को डीएम ने की पांच टीम गठित
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कलक्ट्रेट के पन्नालाल हाल में स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक करते डीएम रवींद्र कुमार।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। कोविड-19 को लेकर बरती जा रही लापरवाही पर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य विभाग के सभी कंप्यूटर ऑपरेटरों को कलेक्ट्रेट के कंट्रोल रूम में बैठा दिया। वहीं, स्वास्थ्य अधिकारियों की पांच टीमें गठित करके कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर उसे भर्ती कराने, संपर्क में आने वालों की जांच कराने समेत अन्य व्यवस्थाएं समय से करने के आदेश दिए।
जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है। पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद भी उसे लेने के लिए न तो समय पर एंबुलेंस ही पहुंच रही है और ना ही उसके संपर्क में आने वालों की पड़ताल सही ढंग से की जा रही है। इसकी जानकारी लगातार डीएम के पास पहुंच रही थी। रविवार को जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों (मेडिकल टीम) और कंप्यूटर ऑपरेटरों को कलक्ट्रेट बुलाया। यहां पर सभी को निर्देश दिए कि अब जो भी कार्य होगा, यही कलक्ट्रेट में खुले एकीकृत कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में ही बैठकर करना होगा। डीएम ने बताया कि कंट्रोल रूम में अलग-अलग पांच मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है। यह टीमें कोविड मरीज मिलने पर उसे अस्पताल पहुंचाने, उसके संपर्क में आने वालों की पड़ताल करने, हॉटस्पॉट क्षेत्र बनाने, सैंपलिंग करने समेत अन्य कार्य करेंगी।
कोरोना पॉजिटिव मिलने पर पहली टीम होगी एक्टिव
डीएम ने बताया कि जहां से कोरोना पॉजिटिव मिलने की जानकारी आएगी उससे पहली टीम के मेडिकल ऑफीसर बात करेंगे। यदि मरीज को ज्यादा परेशानी नहीं होगी और वह होम आइसोलेट होना चाहेगा तो दूसरी टीम उसके सीधे घर जाएगी। वहां पर होम आइसोलेशन की व्यवस्थाएं जांचेंगी। यदि सब कुछ ठीक मिलेगा तो उसे मेडिकल किट खरीदने को कहेंगे। यदि मरीज खरीदने की स्थिति में नहीं होगा तो विभाग उसे अपनी तरफ से किट देगा। उसके पूरी तरह से ठीक होने पर किट वापस ले ली जाएगी। मरीज की ज्यादा स्थिति खराब होगी तो उसे कोविड अस्पताल में भर्ती के लिए एंबुलेंस टीम से संपर्क करके भिजवाएंगे। तीसरी टीम मरीज के संपर्क में आने वालों की जांच करेगी। चौथी टीम हॉटस्पॉट एरिया चयनित करके उसे सील कराने की कार्रवाई कराएगी। पांचवीं टीम संपर्कित समेत अन्य की सैंपलिंग करेगी।
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जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है। पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद भी उसे लेने के लिए न तो समय पर एंबुलेंस ही पहुंच रही है और ना ही उसके संपर्क में आने वालों की पड़ताल सही ढंग से की जा रही है। इसकी जानकारी लगातार डीएम के पास पहुंच रही थी। रविवार को जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों (मेडिकल टीम) और कंप्यूटर ऑपरेटरों को कलक्ट्रेट बुलाया। यहां पर सभी को निर्देश दिए कि अब जो भी कार्य होगा, यही कलक्ट्रेट में खुले एकीकृत कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में ही बैठकर करना होगा। डीएम ने बताया कि कंट्रोल रूम में अलग-अलग पांच मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है। यह टीमें कोविड मरीज मिलने पर उसे अस्पताल पहुंचाने, उसके संपर्क में आने वालों की पड़ताल करने, हॉटस्पॉट क्षेत्र बनाने, सैंपलिंग करने समेत अन्य कार्य करेंगी।
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कोरोना पॉजिटिव मिलने पर पहली टीम होगी एक्टिव
डीएम ने बताया कि जहां से कोरोना पॉजिटिव मिलने की जानकारी आएगी उससे पहली टीम के मेडिकल ऑफीसर बात करेंगे। यदि मरीज को ज्यादा परेशानी नहीं होगी और वह होम आइसोलेट होना चाहेगा तो दूसरी टीम उसके सीधे घर जाएगी। वहां पर होम आइसोलेशन की व्यवस्थाएं जांचेंगी। यदि सब कुछ ठीक मिलेगा तो उसे मेडिकल किट खरीदने को कहेंगे। यदि मरीज खरीदने की स्थिति में नहीं होगा तो विभाग उसे अपनी तरफ से किट देगा। उसके पूरी तरह से ठीक होने पर किट वापस ले ली जाएगी। मरीज की ज्यादा स्थिति खराब होगी तो उसे कोविड अस्पताल में भर्ती के लिए एंबुलेंस टीम से संपर्क करके भिजवाएंगे। तीसरी टीम मरीज के संपर्क में आने वालों की जांच करेगी। चौथी टीम हॉटस्पॉट एरिया चयनित करके उसे सील कराने की कार्रवाई कराएगी। पांचवीं टीम संपर्कित समेत अन्य की सैंपलिंग करेगी।
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