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रात में टेनरियां बहा रहीं गंदा पानी
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Fri, 02 Dec 2016 12:22 AM IST
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नहर में बहता गंदा पानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में संचालित टेनरियों के प्रदूषित पानी के शुद्धीकरण के लिए दो कामन ट्रीटमेंट प्लांट (सीटीपी) लगे हुए हैं। इसमें से एक उन्नाव स्थित दहीचौकी के पास और दूसरा बंथर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में लगा है। अधिकारियों की मानें तो जिले की सभी टेनरियां इन सीटीपी से जुड़ी हुई हैं और टेनरियों के निकलने वाला गंदा पानी इनमें ही जाता है। लेकिन असलियत कुछ और ही है। क्षेत्र के टेनरी संचालक दिन में तो कुछ दूषित पानी सीटीपी में भेजते हैं और बाकी का स्टोर करते हैं। जिसे रात के अंधेरे में खुले नालों में बहा दिया जाता है। जो नाले छोटी नदियों से होते हुए सीधे गंगा नदी में मिलती हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार के अलावा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) जहां एक ओर गंगा को शुद्ध करने की मंशा से टेनरियों से निकलने वाला दूषित पानी किसी भी हालत में गंगा में न जाने देने के लिए आए दिन निर्देश देती रहती हैं। वहीं दूसरी ओर जिले में टेनरी संचालक विभागीय अफसरों की मिलीभगत से प्रदूषित अपशिष्ट नालों के जरिए सीधे गंगा में बहा रहे हैं। ऐसे में सरकारों व एनजीटी की गंगा को शुद्ध करने की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है।
टेनरियों को प्रदूषण को न फैलाने के सख्त निर्देश हैं
जिले की सभी टेनरियां सही चल रही हैं। सभी को प्रदूषण को न फैलाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। अब रात में कोई पानी बहाता है तो इसके लिए हम लोग क्या कर सकते हैं। हमारी ड्यूटी दिन की है तो दिन में देखते हैं। एके चौधरी, प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी, जिला प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड-उन्नाव।
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