कक्ष निरीक्षकों का रिकार्ड जुटाने में जुटे डीआईओएस
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उन्नाव।चुनाव खत्म होते ही शिक्षा विभाग के अफसर बोर्ड परीक्षा तैयारियों में जुट गए हैं। 152 केंद्रों में परीक्षा के दौरान तैनात होने वाले कक्ष निरीक्षकों का डाटा जुटाया जा रहा है। डीआईओएस ने सभी प्रिंसिपल से शिक्षकों का रिकार्ड और उनके कार्य व्यवहार का ब्योरा मांगा है। विधानसभा चुनाव के चलते 16 मार्च से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा तैयारियां लटक गई थीं। 19 फरवरी को मतदान के बाद अधिकारी अब बोर्ड परीक्षा तैयारी में जुट गए हैं। मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात बाबुओं का सारा फोकस कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति पर रहा। डीआईओएस राकेश कुमार शिक्षकों का शैक्षिक विवरण खंगालने के साथ ही कार्य व्यवहार का डाटा जुटा रहे हैं।
परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए डीआईओएस कक्ष निरीक्षकों के चयन में खासा सतर्कता बरत रहे हैं। सभी प्रिंसिपल को पत्र भेज एक सप्ताह के भीतर कक्ष निरीक्षकों की सूची शैक्षिक विवरण के साथ तलब की है। रिकार्ड देने में लेटलतीफी बरतने वाले प्रिंसिपल को सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। बताते चलें कि जिले के 152 परीक्षा केंद्रों पर 72,341 छात्र-छात्राएं परीक्षा में भाग लेंगी। हर बार की तरह इस बार भी बोर्ड परीक्षा नकल विहीन कराना अधिकारियों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा।
बोर्ड परीक्षा नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए सुरक्षा से लेकर अन्य बिंदुओं पर किसी भी तरह की चूक नहीं की जाएगी। कक्ष निरीक्षकों के चयन में भी खासा सतर्कता बरती जा रही है। प्रिंसिपलों से एक फारमेट पर शिक्षकों का रिकार्ड मांगा गया है।जिसके आधार पर कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की जाएगी। राकेश कुमार जिला विद्यालय निरीक्षक
हाईस्कूल परीक्षार्थियों का ब्यौरा
बालक बालिका
20,362 17,703
इंटर परीक्षार्थियों का ब्यौरा
बालक बालिका
14,685 16,111
इनसेट
दूसरी बार एक ही परीक्षा केंद्र पर नहीं दे सकेंगे परीक्षा
बोर्ड परीक्षा नकल विहीन कराने के लिए शासन ने इस बार नई व्यवस्था जारी की है जिसके तहत 2016 की बोर्ड परीक्षा में जिन केंद्रों पर छात्र परीक्षा देने के लिए पंजीकृत हुए थे। वो इस बार उसी परीक्षा केंद्र पर परीक्षा नहीं दे सकेंगे। ऐसा मिलने पर सचिव ने सीधे डीआईओएस को जिम्मेदार ठहराया है। विभागीय कार्रवाई के साथ ही एफआईआर तक की बात शासनादेश में कही गई है।
छात्राओं को स्वकेंद्र परीक्षा का लाभ
बोर्ड परीक्षा में पंजीकृत छात्राओं को परीक्षा देने के लिए अपने कालेज से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बीते वर्षों की तरह इस बार भी बेटियों को स्वकेंद्र परीक्षा का लाभ दिया गया है जिसके निर्देश बोर्ड कार्यालय द्वारा जिला प्रशासन व डीआईओएस भेजे जा चुके हैं।