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13 लाख हजम, फिर भी समस्या नहीं हुई कम
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Mon, 02 Feb 2015 12:09 AM IST
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उन्नाव। यूडीए और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने शहर के मुख्य मार्ग पर बने डिवाइडर में रेलिंग लगाने के लिए जारी 13.30 लाख की रकम को मिल-बांटकर हजम कर लिया है।
इस रेलिंग के निर्माण में सिर्फ फर्जअदायगी कर जारी पैसे का बंदरबांट हुआ और मौजूदा समय में जो समस्या दो वर्ष पूर्व थी वही आज भी बनी हुई है।
लगभग दो वर्ष पूर्व उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूडीए) की ओर से शहर के डिवाइडर पर लगी जर्जर रेलिंग की मरम्मत व खाली स्थान पर नई रेलिंग लगवाने का 13.30 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया था। इस काम का ठेका पीडब्ल्यूडी को दिया गया था।
पीडब्ल्यूडी को इस रकम को दो किस्तों में भुगतान भी कर दिया गया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के ठेकेदारों ने पहले तो पुरानी रेलिंग को उखाड़कर दूसरे स्थान पर लगवा दिया और फिर इसकी रंगाई करवा दी। इस काम के लिए यूडीए से 13.30 लाख की रकम ले ली गई और दोबारा इस ओर किसी भी अधिकारी/कर्मचारी ने मुड़कर भी नहीं देखा। मौजूदा समय में यह रेलिंग जगह-जगह पर टूटकर रोड के बीच तक फैल गई है। इसके अलावा कई स्थानों पर तो रेलिंग का नामोनिशान भी नहीं बचा है।
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यूडीए के प्रभारी सहायक अभियंता, राजेश सिंह तोमर ने बताया कि रेलिंग का काम कितना हुआ है इसकी जानकारी नहीं की है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से इस बारे में बात करेंगे और इस कार्य को पूरा करवाने के लिए कहा जाएगा। इसके अलावा उनसे यह भी जानकारी ली जाएगी कि रेलिंग का काम पूरा क्यों नहीं करवाया गया है।
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इस रेलिंग के निर्माण में सिर्फ फर्जअदायगी कर जारी पैसे का बंदरबांट हुआ और मौजूदा समय में जो समस्या दो वर्ष पूर्व थी वही आज भी बनी हुई है।
लगभग दो वर्ष पूर्व उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूडीए) की ओर से शहर के डिवाइडर पर लगी जर्जर रेलिंग की मरम्मत व खाली स्थान पर नई रेलिंग लगवाने का 13.30 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया था। इस काम का ठेका पीडब्ल्यूडी को दिया गया था।
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पीडब्ल्यूडी को इस रकम को दो किस्तों में भुगतान भी कर दिया गया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के ठेकेदारों ने पहले तो पुरानी रेलिंग को उखाड़कर दूसरे स्थान पर लगवा दिया और फिर इसकी रंगाई करवा दी। इस काम के लिए यूडीए से 13.30 लाख की रकम ले ली गई और दोबारा इस ओर किसी भी अधिकारी/कर्मचारी ने मुड़कर भी नहीं देखा। मौजूदा समय में यह रेलिंग जगह-जगह पर टूटकर रोड के बीच तक फैल गई है। इसके अलावा कई स्थानों पर तो रेलिंग का नामोनिशान भी नहीं बचा है।
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यूडीए के प्रभारी सहायक अभियंता, राजेश सिंह तोमर ने बताया कि रेलिंग का काम कितना हुआ है इसकी जानकारी नहीं की है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से इस बारे में बात करेंगे और इस कार्य को पूरा करवाने के लिए कहा जाएगा। इसके अलावा उनसे यह भी जानकारी ली जाएगी कि रेलिंग का काम पूरा क्यों नहीं करवाया गया है।