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डायरिया का प्रकोप : एक दर्जन भर्ती

Thu, 20 Apr 2017 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Updated Thu, 20 Apr 2017 12:31 AM IST
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daayariya ka prakop : ek darjan bhartee
जिला अस्पताल में भर्ती संक्रामक रोगी। - फोटो : अमर उजाला

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भीषण गर्मी, तेज धूप और लू के थपेड़ाें के कारण डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। दो दिन में 12 डायरिया के मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए। भर्ती होने वाले मरीजों में छह से अधिक बच्चे हैं।
बुधवार सुबह से भर्ती डायरिया पीड़ित मरीजों में बच्चों की संख्या अधिक रही।

सदर तहसील के शोभाखेड़ा निवासी प्रिया (16) पुत्री जगत, फतुल्लाहनगर के जयचंद्र का पुत्र सक्षम (7), मोहल्ला पीतांबर नगर निवासी अंशुल सिंह की बेटी भूमि (सात माह), बारासगवर निवासी आयुष (एक साल) पुत्र गंगा, माखी के रामबाबू (30) पुत्र बृजलाल, अजगैन के खानगंज निवासी बुद्धकुमार की पत्नी रिचा (27), अचलगंज के नथईखेड़ा के सौर्य (दो साल) पुत्र सुभाष यादव, तारगांव निवासी सोनू का पुत्र अमन (तीन साल), जमुका के आशीष मिश्रा का पुत्र मान मिश्रा (तीन माह) को उल्टी दस्त शुरू होेने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा जिला अस्पताल में पहले से रामजानकी (56), शकीन बानो (55) का इलाज चल रहा है।  
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आईवी सेट लगाने में बीत रहे घंटो
जिला अस्पताल में डायरिया पीड़ित बच्चों को कई घंटे तक आईवी सेट नहीं लग पा रहा हैं। बच्चों को आईवी सेट लगाने में नर्स व स्वास्थ्य कर्मचारियों को पसीने छूट रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि डी हाईड्रेशन का शिकार होने के बाद बच्चों की नस सिकुड जाती हैं। इससे वह आसानी से पकड़ में नहीं आती। ऐसे में ग्लूकोज चढ़ाने के लिए आईवी सेट लगाने में मुश्किलें आती हैं। आसानी से आईवी सेट न लग पाने से डायरिया पीड़ित बच्चों को कई घंटे तक तड़पना पड़ता है।
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डायरिया के लक्षण
कंपकंपी, उल्टी या बेहोशी आना, बार बार प्यास लगना, तेज बुखार होना, पेट में दर्द, कमजोर महसूस करना।


क्या खाएं और किससे बचे
डायरिया की चपेट में आने पर दूध व डेयरी उत्पाद से दूर रहें, दिन में कम से कम 10 ग्लास पानी पीएं, कम फाइबर वाले खाने का प्रयोग करें, सफाई का विशेष तौर पर ध्यान दें, अधिक परेशानी होने पर चिकित्सक की फौरन मदद ले।


हीट स्ट्रोक से बचे
जिला अस्पताल में तैनात डॉ. शोभित अग्निहोत्री ने बताया कि गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक होने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में जरूरत है कि घर से बाहर निकलते समय सर को ढक कर रखें। हीट स्ट्रोक होने पर जान का खतरा भी बन आता है।
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