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मरी बिल्ली ने छीनीं तीन परिवारों की खुशयां

Tue, 11 Oct 2016 12:53 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव Updated Tue, 11 Oct 2016 12:53 AM IST
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three family  got in troble
घर के बाहर तैनात पुलिस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

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सोहरामऊ थानाक्षेत्र के हीराखेड़ा में 26 दिन पहले मरी बिल्ली फेंकने के विवाद में डबल मर्डर के बाद से दोनों पक्षों में रंजिश की चिंगारी सुलग रही थी। पुलिस की लापरवाही भी कहीं न कहीं न बड़ा कारण है। घटना के बाद से गांव में जातीय संघर्ष के हालात हैं। एसपी के निर्देश पर गांव में भारी मात्रा में पुलिस व पीएएसी तैनात की गई है।
मालूम हो कि 14 सितंबर को हुई घटना में दोनों मृतक अलग-अलग बिरादरी के थे। अमृतलाल लोधी और शारदा प्रसाद रावत बिरादरी का था।घटना के बाद से गांव में दो गुट हो गए थे। दोनों ही पक्ष पूर्व की घटना के लिए एक-दूसरे को जिममेदार ठहराते चले आ रहे हैं और यही तनाव की मुख्य वजह है। एक वर्ग मृतक अमृतलाल पक्ष का मददगार है तो दूसरा शारदा प्रसाद के पक्ष का। गांव में गुटबाजी और आक्रोश को देखते हुए एसपी ने की थानों की पुलिस के साथ ही पीएसी को गांव में तैनात किया है। गांव में पूरे दिन चप्पे-चप्पे पर पुलिस पुलिस जवान ही नजर आए।
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एसओ बोले, मानवीय दृष्टिकोण से नहीं की गिरफ्तारी
एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि पूर्व की घटना में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि जांच कराएंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सोहरामऊ थानाध्यक्ष मुकेश बाबू ने बताया कि घटना में दोनों पक्ष से दोनों की पत्नियां मुख्य आरोपी है। मानवीय दृष्टिकोण से उन्हें गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा गया। दोनों ही महिलाएं आपस में सुलह-समझौते के लिए कचहरी की दौड़भाग कर रही हैं।
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पुलिस को करना पड़ा आक्रोश का सामना
रविवार रात को हत्या की घटना के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उसे ग्रामीणों और मृतक के परिजनों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। जनाक्रोश को देखते हुए थानाध्यक्ष मुकेश बाबू ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी इसके बाद कई थानों की फोर्स और एसपी समेत अन्य अधिकरी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। मृतक रामलाल के शव का पोस्टमार्टम कराने के परिजन शव लेकर उसके गांव अजगैन थानाक्षेत्र के बराबुजुर्ग गांव पहुंचे। शाम को गांव के बाहर उसके ही खेत में शव को दफनाया गया। शव का अंतिम संस्कार होने के बाद पलिस ने राहत की सांस ली।

पोस्टमार्टम हाउस में रहा भारी पुलिस बल
हीराखेड़ा गांव में हत्या के बाद तनाव को देखते हुए पोस्टमार्टम हाउस में भी भारी पुलिस बल तैनात रहा। पोस्टमार्टम न होने तक सदर कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय के अलावा अजगैन एसओ मनोज सिंह व महिला सिपाही तैनात रहीं। स्थिति यह रही कि मृतक के परिजन सड़क पर बेहोश होकर गिर रहे थे। कई बार तो महिला सिपाहियों को उन्हें सहारा देकर बैठाना पड़ा।
 
पुलिस को शक हत्या की वजह कुछ और
रामलाल की हत्या की घटना में पुलिस का मानना है कि हत्या के पीछे 14 सितंबर की नहीं कोई दूसरी कहानी है। उन्होंने बताया कि कई क्लू मिले हैं जिनकी जांच की जा रही है। अगर शक सही निकला तो कहानी कु छ दूसरी ही निकलेगी।

14 सितंबर को कैसे क्या हुआ था
 सोहरामऊ थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव के मजरा हीराखेड़ा में 13 सितंबर की रात दो बिल्लियां लड़ते हुए कुएं में गिर गई थीं। एक बिल्ली को शारदा रावत ने जीवित निकाल लिया। लेकिन दूसरी की कुएं में ही मौत हो गई थी। उसी रात मजदूरी कर लौटे अमृतलाल लोधी ने जानकारी होने के बाद कुएं से गिरी बिल्ली निकालने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली थी। अगले दिन सुबह 14 सितंबर को अमृतलाल ने कुएं में मरी बिल्ली को बाहर निकाला और पड़ोसी शारदा रावत के घर के पास फेंक दिया था। इसका विरोध करने पर अमृतलाल ने शारदा को लोहे की रॉड से पीट-पीटकर मार डाला था। पति की हत्या से गीता आपा खो बैठी और शोर मचाकर बिरादरी के लोगों से मदद मांगी। लोगों ने अमृतलाल को पकड़ लिया और आगबबूला गीता ने डंडे से तबतक पीटती रही थी जबतक उसकी मौत नहीं हो गई। उस घटना में मृतक शारदा रावत के चाचा रज्जनलाल ने हत्यारोपी (मृतक) अमृतलाल व उसकी पत्नी सीमा के खिलाफ वहीं वहीं दूसरे पक्ष से मृतक अमृतलाल के भाई बालेंद्र ने शारदा प्रसाद रावत (मृतक) व उसकी पत्नी गीता समेत आधा दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।


पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
 अमृतलाल के छोटे भाई बालेंद्र ने बताया कि रामलाल उसका चचेरा मामा था। मरी बिल्ली फेंकने के विवाद में चाचा अमृतलाल राजपूत की हत्या में नामजद किए जाने के बाद हत्योरोपी उससे रंजिश मान रहे थे और घात लगाकर उसकी हत्या करने की फिराक में थे। बताया कि हमलावर उसे (बालेंद्र को) मारने के लिए घात लगाए बैठे थे, लेकिन मौके पर उसे न पाकर मामा की गोली मार कर हत्या कर दी। बालेंद्र ने बताया की चाचा के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए उसने कई बार थाना पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन पुुलिस ने उसे अनसुना कर दिया। उसका आरोप है पुलिस ने पूर्व की घटना में समय से कार्रवाई व हत्यारोपियों की गिरफ्तारी करती तो शायद आज यह घटना न होती। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी ने बताया कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है, जल्द ही गिरफ्तारी होगी।

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