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युवक की हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाया जाम
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:16 AM IST
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जाम लगाते आक्रोशित लोग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गुस्साए परिजनों ने पुलिस पर उगाही और मामले में घोर लापरवाही बरतने के आरोप लगा कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। खबर लिखे जाने तक करीब पांच घंटे से जाम लगा कर हंगामा कर रहे परिजन डीएम को मौके पर बुलाने के साथ घटना की सीबीआई जांच कराने का लिखित आश्वासन देनेेेे की मांग पर अड़े थे।
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एक करोड़ की फिरौती के लिए अगवा युवक विनोद की हत्या से गुस्साए परिजनों ने लगभग पांच सौ ग्रामीणों के साथ मिलकर शाम साढ़े पांच बजे के करीब औरास कस्बे के संडीला-उन्नाव मार्ग पर विनोद का शव रख कर जाम लगा दिया । परिजनों ने पुलिस पर उगाही और घटना में घोर लापरवाही बरतने जैसे गंभीर आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है। हंगामा कर रहे लोग मौके पर डीएम और एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे। सूचना पर पहुंचे सीओ बांगरमऊ आरपी सिंह ने लोगों को मामले का खुलासा किए जाने की बात बता शांत करने की कोशिश की पर परिजन समेत ग्रामीण पुलिस खुलासे को फर्जी बता एसपी और डीएम को बुलाने की मांग करते रहे। देर रात एसपी नेहा पांडेय ने मौके पर पहुंच कर लोगों को समझाने का प्रयास करती रहीं। लेकिन सड़क जाम कर हंगामा कर रहे लोगों ने घटना में पुलिस पर हीलाहवाली का आरोप लगाकर पूरे थाने को सस्पेंड करने की मांग की। लोगों का कहना है पुलिस मामले की गंभीरता से जांच करती तो विनोद की हत्या और आजाद की मौत न होती। उधर जाम के उग्र रूप लेने से घटना स्थल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। एसपी ने जिले के अलावा हरदोई के भी कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर बुला लिया है। शहर कोतवाली के अलावा, हसनगंज, गंगाघाट, असोहा, आसीवन, अजगैन, सोहरामऊ थाना फोर्स के अलावा क्यूआरटी और पीएसी भी मौके पर पहुंच गई है। संडीला के सीओ चरनजीत सिंह बशर पुलिस के साथ मौके पर हैं। मृतक के परिजन डीएम को मौके पर बुलाने और घटना की सीबीआई जांच कराने का लिखित आश्वासन देने की मांग पर अड़े हैं। रात 10.30 बजे तक जाम नहीं खुल सका है।
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वर्जन
महिलाबाद थाना क्षेत्र में युवक का शव मिलने की घटना में इलेक्ट्रानिक एविडेंस इशारा कर रहे हैं विनोद का गिरफ्तार साला व उसके तीन साथी घटना में शामिल रहे हैं। मृतक के साले समेत तीन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी फरार है। पुलिस लापरवाही की जांच कराई जाएगी। आरोपियों से पूछताछ के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। एसपी मौके पर जांच कर रही हैं। जांच के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन और मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
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सतीश गणेश, आईजी
इंसेट
पुलिस गंभीर होती तो बच जाती बेेटे की जान
मृतक विनोद कुमार की मां कौशल्या ने बताया बेटे को लाने के लिए जब वह थाने पहुंची तो वहां एक दरोगा ने रुपये की मांग की। बड़ा बेटा आजाद 60 लाख रुपए लेकर अपहर्ताओं को देने पुलिस के साथ लखनऊ गया था। देर रात घर लौटते समय सड़क किनारे लोडर से टकराकर उसकी मौत हो गई। पीछे पुलिस की गाड़ी होने के बावजूद रुपयों भरा बैग गायब हो गया। उन्होनेे बैग गायब होने को लेकर पुलिस की नीयत पर सवाल खड़े किए। मां कौशल्या ने कहा पुलिस बेटे विनोद के साले विजय को पांच दिन से थाने में बैठाए है। पुलिस को उससे पूछताछ में कुछ नहीं मिला। बेटे की हत्या के बाद पुलिस ने कैसे आनन- फानन मामले का खुलासा कर दिया। उन्होेने कहा पुलिस ने बेटे की हत्या से पहले हत्या का खुलास क्यों नहीं किया। उन्होेने आरोप लगाया पुलिस गंभीर होती तो उनके बेटे की जान बच जाती।
इंसेट
बड़े भाई आजाद के साथ कुछ चला घटनाक्रम
0- 23 अप्रैल को सुबह आठ बजे अपहर्ताओं ने मृतक विनोद के बड़े भाई आजाद को फिरौती की रकम लेकर लखनऊ के दुबग्गा बुलाया।
0- आजाद रुपयों की व्यवस्था कर गांव के साथी के साथ बाइक से लखनऊ के लिए निकला ।
0- प्राइवेट गाड़ी से पुलिस भी आजाद के पीछे पहुंची। एक बजे मिलने का था समय था, पुलिस की भनक लगने पर आरोपी सामने नहीं आए।
0- रात आठ बजे आजाद अपहर्ताओं ने दोबारा फोन कर अंधे की चौकी पर बुलाया ।
0- यहां भी पुलिस को देख आरोपी सामने नहीं आए। रात 11 बजे आजाद बाइक से घर लौटा।
0- पुलिस की गाड़ी उसके पीछे चली, पुलिस के मुताबिक बीच रास्ते में खड़े लोडर से टकरा कर बाइक सवार आजाद की मौत हो गई।
0- पुलिस बोली, रुपयों से भरा बैग परिजनों को लौटाया गया, लेकिन मृतक की मां ने इससे इंकार किया
विनोद ने रची थी अपने अपहरण साजिश
मृतक के दोनो सालों ने राज खुलने के डर से कर दी हत्या
पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कांफ्रेंस में घटना का खुलासा किया
पुलिस ने दोनों आरोपियों को मीडिया के सामने पेश नहीं किया
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव । एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अगवा किए गए युवक विनोद की हत्या के कुछ घंटे बाद ही एसपी ने घटना के खुलासे का दावा किया। उन्होंने बताया मृतक विनोद ने अपने दो सालों के साथ मिलकर
अपने अपहरण की साजिश रची। दोनों सालों ने वारदात को अंजाम देने में अपने दो अन्य साथियों की मदद ली। लेकिन बाद में उन्होने मामला खुलने के डर से अपने जीजा विनोद की हत्या कर दी।
एसपी नेहा पांडेय ने बुधवार रात प्रेस वार्ता कर घटना के खुलासे का दावा किया। उन्होंने बताया विनोद ने
लखनऊ के मलिहाबाद क्षेेेत्र के मुगलखेड़ा निवासी अपने सालों विजय और धीरेंद्र के साथ अपनेअपहरण और फिरौती वसूलने की साजिश रची। घटना को अंजाम देने में विनोद के दोनों सालों ने अपने गांव के छोटू पुत्र मैकू और राज उर्फ मुस्तफा की मदद ली। 23 अप्रैल को जब बड़ा भाई आजाद फिरौती की कुछ रकम लेकर बताए गए ठिकाने पर लखनऊ पहुंचा तो अपहर्ताओ को पुलिस के साथ होने की भनक लग गई। इस पर वह सामने नहीं आए। देर रात घर लौटते समय आजाद की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह जानकारी जब विनोद को मिली तो वह परेशान हो गया। उसे पता था आजाद के सिवा और कोई फिरौती की रकम नहीं दे पाएगा। इधर उसके दोनों सालों को अपने फंसने का डर सताने लगा। विजय और धर्मेंद्र ने खुद को फंसता देख अपने दोनों साथियों की मदद से विनोद की हत्या कर शव बाग मेें लटका दिया। एसपी ने बताया तीन आरोपियों में मृतक विनोद के साले विजय और घटना में शामिल उसके दोनों दोस्तों को लखनऊ के दुबग्गा में पकड़ लिया गया है। पुलिस दोनों से पूछतांछ कर रही है। प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस ने किसी आरोपी को मीडिया के सामने पेश नहीं किया।