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नाबालिग से रेप में दो को 10 साल की कैद
Updated Sun, 20 Nov 2016 12:38 AM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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किराये पर रहने वाली किशोरी को बहला कर ले जाने व उसके साथ रेप करने वाले, उसके सहयोगी युवक को कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दो-दो लाख का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कहा जुर्माना न देने पर 4-4 साल की अतिरिक्त सजा दी जाए।
मामला गंगाघाट थानाक्षेत्र का है। शनिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश डा. जया पाठक ने 13 दिसंबर 2010 को किशोरी को ले जाने व रेप करने के मामले की सुनवाई की। इसमें पीड़िता की मां ने तहरीर में दो युवकों को नामजद किया था। तहरीर में बताया था कि घटना के दिन मकान मालिक छोटू सिंह उसकी बेटी को ले गया और उसके साथ रेप किया।
इसमें उसकी बुआ के लड़के अरुण सिंह ने सहयोग किया। इस पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामला कोर्ट में लंबित था। शनिवार को न्यायाधीश ने सहायक शासकीय अधिवक्ता योगेश कुमार सिंह की ओर से पेश की गई दलील व गवाहों को गंभीरता से लेते हुए आरोपी छोटू सिंह निवासी डुमरिया का हाता थाना चिनहट जिला लखनऊ व अरुण सिंह निवासी कैंट पड़ाव थाना चकेरी कानपुर को दोषी पाया और दोनों को 10-10 साल की सजा व 2-2 लाख जुर्माने की सजा सुनाई।
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विवेचकों पर टेढ़ी की निगाह
नाबालिग से रेप के मामले में कोर्ट ने मुकदमे के विवेचकों को नियमानुसार प्रशिक्षण दिलाने के लिए पुलिस महानिदेशक को निर्णय की एक प्रति भेजने के भी आदेश दिए हैं। इसमें कहा है कि इस मामले के विवेचकों को महिलाओं से संबंधित लैंगिक अपराध पर उन लोगों ने असंवेदन शीलता का परिचय दिया है। इस लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दिलाया जाए।
मामला गंगाघाट थानाक्षेत्र का है। शनिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश डा. जया पाठक ने 13 दिसंबर 2010 को किशोरी को ले जाने व रेप करने के मामले की सुनवाई की। इसमें पीड़िता की मां ने तहरीर में दो युवकों को नामजद किया था। तहरीर में बताया था कि घटना के दिन मकान मालिक छोटू सिंह उसकी बेटी को ले गया और उसके साथ रेप किया।
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इसमें उसकी बुआ के लड़के अरुण सिंह ने सहयोग किया। इस पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामला कोर्ट में लंबित था। शनिवार को न्यायाधीश ने सहायक शासकीय अधिवक्ता योगेश कुमार सिंह की ओर से पेश की गई दलील व गवाहों को गंभीरता से लेते हुए आरोपी छोटू सिंह निवासी डुमरिया का हाता थाना चिनहट जिला लखनऊ व अरुण सिंह निवासी कैंट पड़ाव थाना चकेरी कानपुर को दोषी पाया और दोनों को 10-10 साल की सजा व 2-2 लाख जुर्माने की सजा सुनाई।
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विवेचकों पर टेढ़ी की निगाह
नाबालिग से रेप के मामले में कोर्ट ने मुकदमे के विवेचकों को नियमानुसार प्रशिक्षण दिलाने के लिए पुलिस महानिदेशक को निर्णय की एक प्रति भेजने के भी आदेश दिए हैं। इसमें कहा है कि इस मामले के विवेचकों को महिलाओं से संबंधित लैंगिक अपराध पर उन लोगों ने असंवेदन शीलता का परिचय दिया है। इस लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दिलाया जाए।