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एक्सईएन व एई के खिलाफ जांच शुरू

Mon, 02 Apr 2018 10:48 PM IST
unnao
unnao Updated Mon, 02 Apr 2018 10:48 PM IST
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अजगैन (उन्नाव)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन नहर पुलिया के ढहने से दो बाल श्रमिकों की मौत मामले में एक्सईएन एमएम खान और एई के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। यहां बाल श्रमिकों से काम कराने के मामले में इन दोनों अफसरों को भी दोषी माना गया है। काम कराने वाली कंपनी के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई करने की तैयारी है। श्रम विभाग की टीम भी मौके पेर पहुंची और जांच पड़ताल की। सोमवार को दोनों बाल श्रमिकों खेरवा अलादादपुर निवासी उदयराज (14) व शहबाज (16) का अंतिम संस्कार कर दिया गया। विधायक बृजेश रावत ने मुलाकात कर ढांढस बंधाया।
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 मालूम हो कि पीएमजेएसवाई के  तहत नवई-मुंशीगंज संपर्क मार्ग का निर्माण लखनऊ की मां वैष्णो ट्रेडर्स फर्म करा रही थी। सड़क निर्माण के दौरान करसेमऊ गांव के निकट नहर पुल के गड्ढे की सफाई कर रहे दो श्रमिकों उदयराज व शहबाज (16) की मिट्टी का टीला गिरने से मौत हो गई थी। सोमवार को मृतकों के घर पहुंचे सीओ डॉ. भीम कुमार गौतम ने दोनों के परिजनों को निजी तौर पर 10-10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। हादसे की जानकारी पर मृतकों के घर पहुंचे मोहान विधायक बृजेश रावत ने परिजनों को ढांढस बंधाया। साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाए जाने की बात कही।
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पंजीयन न होने से दिक्कत
 जिलाधिाकरी रवि कुमार एनजी का कहना है कि मृतक श्रमिक के रूप में पंजीकृत नहीं थे। नाबालिग होने की वजह से सरकारी मदद दिलाने में दिक्कत आ रही है। फिर भी व्यक्तिगत तौर पर परिवार को राहत दिलाने की कोशिश की जा रही है। जांच के आदेश दिए गए हैं। फर्म के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए लिखा गया है। पीएमजेएसवाई के एक्सईएन और एई के खिलाफ भी जांच कराई जा रही है। ॉ
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नहीं मिल सकती सरकारी मदद
जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि दोनों बाल श्रमिक थे। ऐसे में इन्हें सरकारी मदद नहीं मिल सकती है। सहायक श्रमायुक्त शक्तिसेन मौर्य ने बताया कि सोमवार को श्रम प्रवर्तन अधिकारी सूर्य प्रकाश और समीर शुक्ला मौके पर गए थे। जांच पड़ताल की है। बाल श्रमिकों के काम करने के मामले में भी कार्रवाई की जा रही है। यदि मजदूर पंजीकृत है और उसकी उम्र 18 से 60 साल के बीच होती है तो उसे 50 हजार रुपये मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन इस घटना में कोई विकल्प नहीं बचता है।


तीन साल की सजा का प्रावधान
किशोरों से मजदूरी करा रही फर्म के मालिक नीरज सिंह तोमर, ठेकेदार धीरज सिंह, केपी सिंह,  काका व जेई राजेश यादव के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। एसडीएम मनीष बंसल ने बताया कि ऐसे मामले में आरोपियों को तीन साल तक की सजा हो सकती है।
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