फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Income tax team action in Rustam and Standard Company

रुस्तम व स्टैंडर्ड कंपनी में आयकर टीम ने की कार्रवाई

Thu, 11 Jan 2018 11:00 PM IST
unnao
unnao Updated Thu, 11 Jan 2018 11:00 PM IST
विज्ञापन
Income tax team action in Rustam and Standard Company
आयकर विभाग के अफसरों की खड़ीं गाड़ियां। - फोटो : amarujala

विज्ञापन
उन्नाव। दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र स्थित रुस्तम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड एवं स्टैंडर्ड फ्रोजेन फूड्स एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड में बुधवार से शुरू हुई आयकर की पड़ताल गुरुवार तक जारी रही। यहां टैक्स चोरी पकड़ी जाने की बात सामने आ रही है। दूसरी तरफ परमिट से कई गुना ज्यादा पशु कटान की बात भी सामने आई है। श्रमिकों की मजदूरी में भी बडे़ स्तर पर हेरफेर भी पकड़ा गया।

हालांकि छापेमारी में लगी टीम अभी अधिकृत रूप से कुछ भी बताने से इनकार कर रही है। आयकर की कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा। देर शाम एक टीम फैक्ट्री मालिक के लखनऊ स्थित आवास व कार्यालय की जांच के लिए रवाना हो गई।
विज्ञापन

 
12 सदस्यीय आयकर विभाग की टीम गुरुवार को भी रुस्तम फूड्स प्राइवेट लि. व स्टैंडर्ड फ्रोजेन फूड्स एक्सपोर्ट प्राइवेट लि. में डेरा डाले रही। कई घंटे की जांच पड़ताल से औद्योगिक क्षेत्र में दहशत का माहौल है। जैसे-जैसे आयकर विभाग की जांच बढ़ रही, दूसरे स्लाटर हाउस प्रबंधकाें व चर्म इकाइयों के मालिकों की धड़कनें भी बढ़ती जा रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरे दिन आयकर अधिकारियों ने रुस्तम फूड्स व स्टैंडर्ड फ्रोजेन के गेट बंद कराकर अभिलेखों की सघन पड़ताल की।  आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार नोटबंदी के दौरान एक दर्जन से अधिक बैंक खातों में करोड़ों की धनराशि जमा की गई। इसका ब्योरा फैक्ट्री प्रबंधन उपलब्ध नहीं करा सका। जीएसटी के कागजों में भी घालमेल मिला।

सूत्रों ने दिल्ली हाईकमान से मीट निर्यातक सलीम कुरैशी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा किया है। जांच टीम के चार डिप्टी कमिश्नर स्तर के अधिकारी गुरुवार शाम करीब पांच बजे रुस्तम फूड्स के मालिक सलीम कुरैशी के लखनऊ स्थित कई कार्यालयों व मकानों में छापेमारी के लिए रवाना हो गए।

अफसरों का रखते हैं ध्यान
स्लाटर हाउस की चहारदीवारी के भीतर नियमों की नहीं, फैक्ट्री प्रबंधन की चलती है। आयकर टीम में शामिल एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर सनसनीखेज खुलासा किया है। अधिकारी ने बताया कि परमिट से कहीं अधिक पशु कटान के अलावा अन्य नियमों की बंदिशों की छूट के एवज में ओहदेदारों को फैक्ट्री प्रबंधन सुविधा शुल्क पहुंचाता है। इसके तार जिले से लेकर राजधानी तक जुड़े हैं। अधिकारी ने खुलासा करने वाले प्रबंधन कर्मी की बातचीत की वीडियो रिकार्डिंग होने का दावा किया है।
----------------------------------------------

। रुस्तम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (स्लाटर हाउस) के मालिक सलीम कुरैशी अब हर आम और खास की जुबां पर हैं। उनके 19 ठिकानों पर एक साथ हुई आयकर की छापेमारी ने उनकी सुर्खियां बढ़ा दी है। वह करीब 12 साल से छुपे रुस्तम की तरह कारोबार बढ़ा रहे हैं।

सलीम कुरैशी कन्नौज जिले के छिबरामऊ के मूल निवासी हैं। उनके पिता हाजी गुलाम कुरैशी जाजमऊ की चर्म इकाइयों में कच्चे माल की सप्लाई करते थे। करीब 12 साल पहले सलीम ने पिता के व्यवसाय को खुद संभाला। कच्चे माल की सप्लाई चर्म इकाइयों में करने के साथ ही शहर के दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र साइट-2 में रुस्तम फूड्स प्राइवेट लि. के नाम से स्लाटर हाउस खोला। सन 2011 के बाद रुस्तम फूड्स ने गति पकड़ी। इसके बाद तरक्की की नई इबारत लिख दी। करीब एक साल पहले साइट नंबर 2 में ही स्टैंडर्ड फ्रोजेन फूड्स प्राइवेट लि. (दूसरा स्लाटर हाउस) खोला। यहां मौजूदा समय में मीट निर्यात किया जा रहा है। इसी बीच चकाचौंध भरी जिंदगी से दूर रहने वाले सलीम कुरैशी को कुछ बड़े मीट निर्यातकों का साथ मिल गया। इसके बाद सलीम कुरैशी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। साल दर साल व्यापार बढ़ता गया। पशु कटान (स्लाटर हाउस) के साथ ही मीट प्रोसेसिंग यूनिट भी स्थापित की। मौजूदा समय में रुस्तम ग्रुप के ब्रांड की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ब्राजील समेत कई देशों में धाक है। नोटबंदी के बाद सरकार ने आयकर विभाग की मदद से सलीम कुरैशी पर शिकंजा कसा। कई महीनों से चल रही सख्त मानीटरिंग के बाद आयकर विभाग ने बुधवार को मांस निर्यातक के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। आयकर की कार्रवाई से जिले के मीट कारोबारियों में हड़कंप है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed