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रोडवेज वर्कशाप लूटकांड
Updated Sun, 17 Dec 2017 12:06 AM IST
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रोडवेज वर्कशाप लूटकांड
अफसरों की नजरअंदाजी से हो गई बड़ी लूट
उन्नाव। रोडवेज वर्कशाप लूटकांड में विभागीय अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। अभी तक चार कर्मचारी सस्पेंड हो चुके हैं।
एआरएम पर निलंबन की तलवार लटक रही है। इस बीच एआरएम का एक पत्र सामने आया है। इसमें 17 नवंबर को आरएम से कैशरूम की सुरक्षा में बंदूकधारी गार्ड तैनात करने की मांग की गई थी। इसे जिम्मेदारों ने गंभीरता से नहीं लिया। इस बिंदु पर मुख्यालय से जांच शुरू हो गई है।
दही चौकी स्थित रोडवेज वर्कशाप लूटकांड का खुलासा भले ही पुलिस अब तक नहीं कर पाई है। वहीं विभागीय कार्रवाई तेजी पकड़ती जा रही है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज सक्सेना को 17 नवंबर को पत्र भेजकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की थी।
पत्र में कहा गया था कि 1 नवंबर से बैंक एजेंट वर्कशाप से कैश नहीं ले जा रहे हैं। ऐसे में कैश सुरक्षा बड़ी समस्या है। एआरएम ने आरएम से कैश सुरक्षा के लिए दो सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की मांग की थी। साथ ही कैशरूम की सुरक्षा के प्रति चिंता जताई थी।
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कई दिन बीतने के बाद भी इस मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। 10 दिसंबर को रोडवेज वर्कशाप में 23.60 लाख की लूट हो गई। सूत्रों के मुताबिक प्रबंध निदेशक परिवहन निगम ने आरएम की चूक को गंभीरता से लिया है।
जांच में इस बिंदु को भी शामिल किया गया है। आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि बैंक कैश पहुंचाने की जिम्मेदारी विभाग की होती है। वर्कशाप से कैश को संबंधित बैंक पहुंचाने के विभागीय दिशा निर्देश भी हैं। एआरएम का पत्र मिलने के सवाल पर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
एआरएम व लेखाकार पर निलंबन की तलवार
वर्कशाप लूटकांड मामले में एक सप्ताह में केंद्र प्रभारी, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी, हेड कैशियर व बुकिंग क्लर्क पर निलंबन की गाज गिर चुकी है। अब कार्रवाई के रडार पर एआरएम व लेखाकार हैं।
पुलिस को शक, कानपुर की ओर भागे थे लुटेरे
लूट की वारदात के खुलासे का प्रयास कर रही पुलिस छह दिन बाद भी किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। लूट की वारदात में प्रयोग किया गया मोबाइल लखनऊ-कानपुर हाईवे पर गहिरा के पास कबाड़ बीनने वाले को मिला है। इससे लुटेरों के कानपुर की ओर भागने की आशंका है।
पुलिस लखनऊ- कानपुर के बीच हाईवे के आसपास होटल, ढाबों, पेट्रोल पंप और अन्य प्रतिष्ठानों से सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि कुछ क्लू मिले हैं। काम चल रहा है। घटना का जल्द खुलासा कर लिया जाएगा।
- एआरएम ने आरएम से 22 दिन पहले कैश रूम सुरक्षा की मांग की थी, विभागीय जांच में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक हो स
कते निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
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अफसरों की नजरअंदाजी से हो गई बड़ी लूट
उन्नाव। रोडवेज वर्कशाप लूटकांड में विभागीय अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। अभी तक चार कर्मचारी सस्पेंड हो चुके हैं।
एआरएम पर निलंबन की तलवार लटक रही है। इस बीच एआरएम का एक पत्र सामने आया है। इसमें 17 नवंबर को आरएम से कैशरूम की सुरक्षा में बंदूकधारी गार्ड तैनात करने की मांग की गई थी। इसे जिम्मेदारों ने गंभीरता से नहीं लिया। इस बिंदु पर मुख्यालय से जांच शुरू हो गई है।
दही चौकी स्थित रोडवेज वर्कशाप लूटकांड का खुलासा भले ही पुलिस अब तक नहीं कर पाई है। वहीं विभागीय कार्रवाई तेजी पकड़ती जा रही है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज सक्सेना को 17 नवंबर को पत्र भेजकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की थी।
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पत्र में कहा गया था कि 1 नवंबर से बैंक एजेंट वर्कशाप से कैश नहीं ले जा रहे हैं। ऐसे में कैश सुरक्षा बड़ी समस्या है। एआरएम ने आरएम से कैश सुरक्षा के लिए दो सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की मांग की थी। साथ ही कैशरूम की सुरक्षा के प्रति चिंता जताई थी।
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कई दिन बीतने के बाद भी इस मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। 10 दिसंबर को रोडवेज वर्कशाप में 23.60 लाख की लूट हो गई। सूत्रों के मुताबिक प्रबंध निदेशक परिवहन निगम ने आरएम की चूक को गंभीरता से लिया है।
जांच में इस बिंदु को भी शामिल किया गया है। आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि बैंक कैश पहुंचाने की जिम्मेदारी विभाग की होती है। वर्कशाप से कैश को संबंधित बैंक पहुंचाने के विभागीय दिशा निर्देश भी हैं। एआरएम का पत्र मिलने के सवाल पर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
एआरएम व लेखाकार पर निलंबन की तलवार
वर्कशाप लूटकांड मामले में एक सप्ताह में केंद्र प्रभारी, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी, हेड कैशियर व बुकिंग क्लर्क पर निलंबन की गाज गिर चुकी है। अब कार्रवाई के रडार पर एआरएम व लेखाकार हैं।
पुलिस को शक, कानपुर की ओर भागे थे लुटेरे
लूट की वारदात के खुलासे का प्रयास कर रही पुलिस छह दिन बाद भी किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। लूट की वारदात में प्रयोग किया गया मोबाइल लखनऊ-कानपुर हाईवे पर गहिरा के पास कबाड़ बीनने वाले को मिला है। इससे लुटेरों के कानपुर की ओर भागने की आशंका है।
पुलिस लखनऊ- कानपुर के बीच हाईवे के आसपास होटल, ढाबों, पेट्रोल पंप और अन्य प्रतिष्ठानों से सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि कुछ क्लू मिले हैं। काम चल रहा है। घटना का जल्द खुलासा कर लिया जाएगा।
- एआरएम ने आरएम से 22 दिन पहले कैश रूम सुरक्षा की मांग की थी, विभागीय जांच में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक हो स
कते निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो