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Unnao: मनरेगा में 83 हजार की गड़बड़ी में प्रधान सहित तीन दोषी, रिपोर्ट दर्ज

Wed, 05 Oct 2022 12:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Wed, 05 Oct 2022 12:39 AM IST
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Three guilty in the disturbance of 83 thousand in MNREGA
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock
उन्नाव जिले में सुमेरपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत सराय मनिहार में मनरेगा से बने कैटलशेड में 83 हजार रुपये की गड़बड़ी में प्रधान सहित तीन दोषी पाए गए हैं। सीडीओ ने प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक तीनों से 33-33 फीसदी राशि की रिकवरी करने और रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बीडीओ को पत्र जारी किया है।
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17 सितंबर को सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने सराय मनिहार गांव में कराए गए विकास कार्यों का जायजा लिया था। इसके बाद मनरेगा से हुए कार्यों की जांच बीडीओ सुमेरपुर को सौंपी थी। बीडीओ संध्यारानी ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता के साथ गांव में जाकर जांच की थी। उन्होंने गांव में मनरेगा से बने छह कैटलशेड का सत्यापन किया।
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मौके पर अमरजीत, जंगली, महेंद्र सिंह, सरजूदेई, रामसनेही, सुशांत सिंह के घर पर जाकर कैटलशेड जाकर देखा और अभिलेखीय जांच की। इसमें पता चला कि निर्माण सामग्री की फीडिंग में चार लाख से अधिक धनराशि दिखाई गई है, जबकि मौके पर निर्माण में निर्धारित सामग्री कम मिली। इस आधार पर 83,549 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई।
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बीडीओ ने रिपोर्ट सीडीओ को भेजी है। रिपोर्ट के आधार पर प्रधान, पंचायत सचिव व तकनीकी सहायक को दोषी पाया गया है। सीडीओ ने बीडीओ संध्यारानी को पत्र भेजकर तीनों में प्रत्येक से 33 प्रतिशत की वसूली और रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए।

अपर जिला परियोजना प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस
पंचायतीाराज विभाग में तैनात अपर जिला परियोजना प्रबंधक (एडीपीएम) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डीपीआरओ डॉ. निरीश चंद्र साहू ने बताया कि 22 सितंबर को जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए एक सेल गठित की थी। इसमें एडीपीएम श्याम सिंह को शिकायतों के गुणवत्तापरक निस्तारण किए जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।


निर्देश दिए गए थे कि इसके लिए एक रजिस्टर बनाएं और शिकायतों के सामने शिकायतकर्ता से मिली फीडबैक भी दर्ज करें। साथ ही रोजाना इसकी जानकारी दें, लेकिन एडीपीएम ने निर्देशों का पालन नहीं किया। बताया कि पूर्व में भी कई मामलों में एडीपीएम लापरवाही कर चुके हैं। इसी कारण कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं दिया तो संविदा समाप्त कर दी जाएगी।
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