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तीन दिन से लापता श्रमिक का लोन नदी किनारे मिला शव
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पुरवा (उन्नाव)। घर से तीन दिन पहले लापता श्रमिक का शव टिकरिया गांव के बाहर लोन नदी किनारे मिला। खेत गए लोगों ने सूचना पुलिस को दी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जांच की। सिर और आंख से खून निकल रहा था। मृतक के पिता ने हत्या कर शव फेंके जाने का आरोप लगाया है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। अभी परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव बस्तीखेड़ा निवासी मुकेश (32) 19 नवंबर की शाम को पड़ोसी गांव कटहर जाने की बात कहकर पैदल निकला था। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे लेकिन, कहीं पता नहीं चला। पिता रामनाथ ने गुमशुदगी दर्ज न करा 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी थी।
सोमवार सुबह घर से करीब एक किलोमीटर दूर टिकरिया गांव के बाहर नदी के किनारे उसका शव पड़ा देखकर ग्रामीणों ने पुलिस के साथ परिजनों को सूचना दी। परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। पिता ने बताया कि मुकेश मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। बेटे की मौत से मां इंद्राणी, पत्नी पुष्पा, चार साल के बेटे सागर और छह साल की बेटी छाया सहित पूरा परिवार बेहाल है।
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मुकेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि घटना की तफ्तीश और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी मृतक के घरवालों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
नदी में जिस जगह पर मुकेश का शव मिला वह टिकरिया गांव है। जबकि बस्तीखेड़ा गांव नदी के दूसरी तरफ है। शव नदी में सिर की तरफ से कमर तक पानी के अंदर था जबकि पैर ऊपर की तरफ थे। इससे ग्रामीण घटना को लेकर संदेह जता रहे हैं। आशंका यह भी है कि उसे पानी में गिरा दिया गया जिससे मौत हुई। हालांकि पुलिस हर बिंदु पर जांच करने की बात कह रही है।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव बस्तीखेड़ा निवासी मुकेश (32) 19 नवंबर की शाम को पड़ोसी गांव कटहर जाने की बात कहकर पैदल निकला था। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे लेकिन, कहीं पता नहीं चला। पिता रामनाथ ने गुमशुदगी दर्ज न करा 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी थी।
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सोमवार सुबह घर से करीब एक किलोमीटर दूर टिकरिया गांव के बाहर नदी के किनारे उसका शव पड़ा देखकर ग्रामीणों ने पुलिस के साथ परिजनों को सूचना दी। परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। पिता ने बताया कि मुकेश मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। बेटे की मौत से मां इंद्राणी, पत्नी पुष्पा, चार साल के बेटे सागर और छह साल की बेटी छाया सहित पूरा परिवार बेहाल है।
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मुकेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि घटना की तफ्तीश और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी मृतक के घरवालों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
नदी में जिस जगह पर मुकेश का शव मिला वह टिकरिया गांव है। जबकि बस्तीखेड़ा गांव नदी के दूसरी तरफ है। शव नदी में सिर की तरफ से कमर तक पानी के अंदर था जबकि पैर ऊपर की तरफ थे। इससे ग्रामीण घटना को लेकर संदेह जता रहे हैं। आशंका यह भी है कि उसे पानी में गिरा दिया गया जिससे मौत हुई। हालांकि पुलिस हर बिंदु पर जांच करने की बात कह रही है।