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जहर की पुष्टि पर हत्या में दो गिरफ्तार
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पुलिस गिरफ्त में कैलाश के हत्यारोपी। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। बारासगवर थाना क्षेत्र में 13 माह पहले किसान की मौत के मामले में विसरा रिपोर्ट में जहर से मौत की पुष्टि होने पर पुलिस ने नामजद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से जेल भेजा गया है।
नारायणदासखेड़ा गांव निवासी 40 वर्षीय कैलाश दीक्षित खेती कर परिवार का गुजारा चलाता था। 9 नवंबर 2020 को वह गांव के शिवप्रसाद निर्मल व सुरेंद्र के साथ रायबरेली के लालगंज गया था। देर शाम शिवप्रसाद व सुरेंद्र मृत हालत में कैलाश को उसके घर छोड़कर चले गए। जीवित होने के अंदेशे पर परिजन सीएचसी ले गए थे। वहां मृत घोषित कर दिया गया था। मृतक के भाई रामचंद्र ने उसे साथ ले जाने वाले गांव के दोनों युवकों पर जहर देकर हत्या का आरोप लगा पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया था।
पुलिस ने विसरा रिपोर्ट आने के बाद रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही थी। पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने पर मृतक के भाई रामचंद्र ने न्यायालय की शरण ली थी। कोर्ट के आदेश पर 28 जुलाई 2021 को शिवप्रसाद व सुरेंद्र के खिलाफ जहर देने व हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। 1 जनवरी 2022 को लखनऊ विधि विज्ञानशाला से विसरा रिपोर्ट पुलिस के पास पहुंची। एसओ राजबहादुर ने बताया कि विसरा रिपोर्ट में जहर से मौत होने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के आधार पर शिवप्रसाद व सुरेंद्र को गिरफ्तार किया गया।
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नारायणदासखेड़ा गांव निवासी 40 वर्षीय कैलाश दीक्षित खेती कर परिवार का गुजारा चलाता था। 9 नवंबर 2020 को वह गांव के शिवप्रसाद निर्मल व सुरेंद्र के साथ रायबरेली के लालगंज गया था। देर शाम शिवप्रसाद व सुरेंद्र मृत हालत में कैलाश को उसके घर छोड़कर चले गए। जीवित होने के अंदेशे पर परिजन सीएचसी ले गए थे। वहां मृत घोषित कर दिया गया था। मृतक के भाई रामचंद्र ने उसे साथ ले जाने वाले गांव के दोनों युवकों पर जहर देकर हत्या का आरोप लगा पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया था।
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पुलिस ने विसरा रिपोर्ट आने के बाद रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही थी। पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने पर मृतक के भाई रामचंद्र ने न्यायालय की शरण ली थी। कोर्ट के आदेश पर 28 जुलाई 2021 को शिवप्रसाद व सुरेंद्र के खिलाफ जहर देने व हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। 1 जनवरी 2022 को लखनऊ विधि विज्ञानशाला से विसरा रिपोर्ट पुलिस के पास पहुंची। एसओ राजबहादुर ने बताया कि विसरा रिपोर्ट में जहर से मौत होने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के आधार पर शिवप्रसाद व सुरेंद्र को गिरफ्तार किया गया।
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