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पंयायत भवन निर्माण में गड़बड़ी, 11 लाख की वसूली होगी
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चकलवंशी। मियागंज विकासखंड की ग्राम पंचायत अहमदपुर टकटौली में बनाए गए पंचायत भवन में मानकों की धज्जियां उड़ाई गई। इस कारण बिना प्रयोग के ही भवन क्षतिग्रस्त होकर टूटने लगा। बीडीओ ने जांच रिपोर्ट सीडीओ को भेजकर पंचायत सचिव को दोषी मानते हुए 11 लाख की रिकवरी कराने की संस्तुति की है।
ब्लाक प्रमुख मियागंज धर्मेंद्र सिंह ने अहमदपुर टकटौली में बने पंचायत भवन में मानक दरकिनार किए जाने की शिकायत की थी। जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई। टीम में शामिल आरईएस के अवर अभियंता मुकेश कुमार, एडीओ आईएसबी राजीव कुमार व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी भानु प्रताप ने पंचायत भवन का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई खामियां मिलीं। इसकी रिपोर्ट बीडीओ पंकज गौतम को दी। बीडीओ ने रिपोर्ट सीडीओ को भेजी। इसमें बताया कि पंचायत भवन में हाल एवं मुख्य कक्ष की दीवार में नींव में चिनाई नहीं की गई है। आरसीसी छत में एक जगह छेद हो गया है। प्लास्टर एवं दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। छत में दो बीमों में दरार पाई गई। टाइल्स, वायरिंग, प्लंबरिंग, रंगाई-पुर्ताई, खिड़की का कोई कार्य नहीं कराया गया। इस्टीमेट 13.36 लाख के सापेक्ष 11.66 लाख का भुगतान भी हो गया। बीडीओ ने मानकविहीन पंचायत भवन निर्माण में सरकारी धन को गबन की श्रेणी में मानते हुए पंचायत सचिव अनिल कुमार राना से इसकी रिकवरी कराने की संस्तुति की है।
इस मामले में केवल एक पंचायत सचिव ही दोषी नहीं हो सकता है। मनरेगा से भी भुगतान हुआ है। जेई ने जांच की है। इसलिए पूरे मामले की विस्तृत और अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच डीडीओ से कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
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-दिव्यांशु पटेल, सीडीओ
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ब्लाक प्रमुख मियागंज धर्मेंद्र सिंह ने अहमदपुर टकटौली में बने पंचायत भवन में मानक दरकिनार किए जाने की शिकायत की थी। जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई। टीम में शामिल आरईएस के अवर अभियंता मुकेश कुमार, एडीओ आईएसबी राजीव कुमार व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी भानु प्रताप ने पंचायत भवन का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई खामियां मिलीं। इसकी रिपोर्ट बीडीओ पंकज गौतम को दी। बीडीओ ने रिपोर्ट सीडीओ को भेजी। इसमें बताया कि पंचायत भवन में हाल एवं मुख्य कक्ष की दीवार में नींव में चिनाई नहीं की गई है। आरसीसी छत में एक जगह छेद हो गया है। प्लास्टर एवं दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। छत में दो बीमों में दरार पाई गई। टाइल्स, वायरिंग, प्लंबरिंग, रंगाई-पुर्ताई, खिड़की का कोई कार्य नहीं कराया गया। इस्टीमेट 13.36 लाख के सापेक्ष 11.66 लाख का भुगतान भी हो गया। बीडीओ ने मानकविहीन पंचायत भवन निर्माण में सरकारी धन को गबन की श्रेणी में मानते हुए पंचायत सचिव अनिल कुमार राना से इसकी रिकवरी कराने की संस्तुति की है।
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इस मामले में केवल एक पंचायत सचिव ही दोषी नहीं हो सकता है। मनरेगा से भी भुगतान हुआ है। जेई ने जांच की है। इसलिए पूरे मामले की विस्तृत और अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच डीडीओ से कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
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-दिव्यांशु पटेल, सीडीओ