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अफसरों को पता है, सरकारी जमीन बेच रहे भूमाफिया
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उन्नाव। सोहरामऊ में नहर विभाग की करोड़ों की जमीन प्रशासन ने खाली करा ली, लेकिन शहर में कई साल से भूमाफिया कई हेक्टेयर जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर प्लाटिंग कर रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष के अनुसार अभिलेखों में 62 हेक्टेअर जमीन पालिका के नाम दर्ज है। इसमें से अधिकांश पर भूमाफिया का कब्जा है। पिछले दो साल में अध्यक्ष और ईओ ने कई पत्र लिखे लेकिन राजस्व विभाग से मदद नहीं मिली।
नगर पालिका उन्नाव में सरकारी जमीन पर भूमाफिया काबिज हैं। वह धड़ल्ले से इन जमीन पर प्लॉट बनाकर बिक्री कर रहे हैं। मोहल्ला दरियाई खेड़ा के पास दो बीघा भूमि पर अवैध कब्जा कर प्लॉट बनाकर बेच रहे हैं। मोहल्ला शेखपुर, शिव नगर, पीतांबर नगर, कब्बाखेड़ा, गंगूखेड़ा, लोधनहार, लोकनगर, साईं पुरम, पीडी नगर, हिरन नगर, आदर्शनगर सहित दर्जनों स्थानों पर सरकारी (ग्राम समाज) की भूमि के पास कुछ खेतिहर भूमि खरीदकर उसकी आड़ में सरकारी जमीन की बिक्री की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका की ओर से उच्चाधिकारियों और राजस्व विभाग को बार-बार पत्र लिखे गए लेकिन सरकारी जमीन चिह्नित नहीं की गई है।
खरीदने से पहले जमीन के बारे में सभी कागजात देखते हुए सत्यापन कर लें। बिना पता किए जमीन खरीदने पर सोहरामऊ में कुछ लोग फंस गए। अवैध कब्जे की जमीन खरीदकर बनाए गए मकान या दुकान ढहा दिए गए। शहर में भूमाफिया नगर पालिका की जमीन पर प्लाट बेच रहे हैं। इसलिए अनजाने में अपने जीवन की जमा पूंजी खर्च कर अवैध कब्जेदार की श्रेणी में आने से बचने के लिए सभी कागजात देखकर ही जमीन खरीदें।
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नगर पालिका अध्यक्ष ऊषा कटियार ने बताया कि उन्होंने खुद और ईओ के माध्यम से प्रशासन को कई बार पत्र लिखे लेकिन पालिका क्षेत्र में स्थित ग्राम समाज की जमीन चिह्नित कर अलग नहीं की गई। जमीन चिह्नित होने पर अवैध कब्जा या निर्माण रोकने के लिए सूचना बोर्ड और बाड़ लगवा दी जाए। इससे जमीन पर कोई कब्जा न कर सके।
एसडीएम सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि वह स्वयं प्रयास कर रहे हैं कि सरकारी जमीनों को सुरक्षित किया जा सके। इसके लिए नगर पालिका से भूमि नंबर, रकबा सहित सूची उपलब्ध कराने को कहा है। सूची मिलने पर टीम बनाकर जमीनों को चिह्नित कर नगर पालिका को सुरक्षित कराया जाएगा।
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नगर पालिका उन्नाव में सरकारी जमीन पर भूमाफिया काबिज हैं। वह धड़ल्ले से इन जमीन पर प्लॉट बनाकर बिक्री कर रहे हैं। मोहल्ला दरियाई खेड़ा के पास दो बीघा भूमि पर अवैध कब्जा कर प्लॉट बनाकर बेच रहे हैं। मोहल्ला शेखपुर, शिव नगर, पीतांबर नगर, कब्बाखेड़ा, गंगूखेड़ा, लोधनहार, लोकनगर, साईं पुरम, पीडी नगर, हिरन नगर, आदर्शनगर सहित दर्जनों स्थानों पर सरकारी (ग्राम समाज) की भूमि के पास कुछ खेतिहर भूमि खरीदकर उसकी आड़ में सरकारी जमीन की बिक्री की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका की ओर से उच्चाधिकारियों और राजस्व विभाग को बार-बार पत्र लिखे गए लेकिन सरकारी जमीन चिह्नित नहीं की गई है।
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खरीदने से पहले जमीन के बारे में सभी कागजात देखते हुए सत्यापन कर लें। बिना पता किए जमीन खरीदने पर सोहरामऊ में कुछ लोग फंस गए। अवैध कब्जे की जमीन खरीदकर बनाए गए मकान या दुकान ढहा दिए गए। शहर में भूमाफिया नगर पालिका की जमीन पर प्लाट बेच रहे हैं। इसलिए अनजाने में अपने जीवन की जमा पूंजी खर्च कर अवैध कब्जेदार की श्रेणी में आने से बचने के लिए सभी कागजात देखकर ही जमीन खरीदें।
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नगर पालिका अध्यक्ष ऊषा कटियार ने बताया कि उन्होंने खुद और ईओ के माध्यम से प्रशासन को कई बार पत्र लिखे लेकिन पालिका क्षेत्र में स्थित ग्राम समाज की जमीन चिह्नित कर अलग नहीं की गई। जमीन चिह्नित होने पर अवैध कब्जा या निर्माण रोकने के लिए सूचना बोर्ड और बाड़ लगवा दी जाए। इससे जमीन पर कोई कब्जा न कर सके।
एसडीएम सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि वह स्वयं प्रयास कर रहे हैं कि सरकारी जमीनों को सुरक्षित किया जा सके। इसके लिए नगर पालिका से भूमि नंबर, रकबा सहित सूची उपलब्ध कराने को कहा है। सूची मिलने पर टीम बनाकर जमीनों को चिह्नित कर नगर पालिका को सुरक्षित कराया जाएगा।