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श्रमिक का शव रखकर हंगामा
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उन्नाव। मगरवारा स्थित फैक्टरी में सोलर पैनल लगाते समय छत से गिरकर घायल श्रमिक की कानपुर हैलट में मौत हो गई। परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर फैक्टरी के बाहर शव रखकर हंगामा किया। फैक्टरी प्रबंधन की ओर से कोई जवाब न मिलने पर परिजनों ने गेट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की। पुलिस के हस्तक्षेप पर चार लाख का मुआवजा मिलने पर परिजन शांत हुए।
अमीरअलीखेड़ा गांव निवासी जितेंद्र (35) मगरवारा स्थित रिमझिम इस्पात फैक्टरी में कई साल से मजदूरी कर रहा था। सोमवार शाम चार बजे सोलर पैनल लगाते समय वह छत से नीचे गिर गया था। गंभीर हालत में फैक्टरी प्रबंधन ने उसे कानपुर के हैलट में भर्ती कराया था। वहां देर शाम उसने दम तोड़ दिया। उसका भाई अजेंद्र डेढ़ सैकड़ा ग्रामीणों के साथ शव को लेकर फैक्टरी गेट पर पहुंचा और मुआवजे की मांग कर हंगामा शुरू कर दिया। फैक्टरी प्रबंधन के बाहर न निकलने पर परिजनों ने गेट तोड़ दिया और अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। सूचना पर पहुंचे सदर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र ने परिजनों को समझाकर शांत किया और फैक्टरी प्रबंधन से बात कराई। प्रबंधन ने चार लाख का मुआवजा दिया तो परिजन शांत हो गए। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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अमीरअलीखेड़ा गांव निवासी जितेंद्र (35) मगरवारा स्थित रिमझिम इस्पात फैक्टरी में कई साल से मजदूरी कर रहा था। सोमवार शाम चार बजे सोलर पैनल लगाते समय वह छत से नीचे गिर गया था। गंभीर हालत में फैक्टरी प्रबंधन ने उसे कानपुर के हैलट में भर्ती कराया था। वहां देर शाम उसने दम तोड़ दिया। उसका भाई अजेंद्र डेढ़ सैकड़ा ग्रामीणों के साथ शव को लेकर फैक्टरी गेट पर पहुंचा और मुआवजे की मांग कर हंगामा शुरू कर दिया। फैक्टरी प्रबंधन के बाहर न निकलने पर परिजनों ने गेट तोड़ दिया और अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। सूचना पर पहुंचे सदर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र ने परिजनों को समझाकर शांत किया और फैक्टरी प्रबंधन से बात कराई। प्रबंधन ने चार लाख का मुआवजा दिया तो परिजन शांत हो गए। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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