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लेखपाल निलंबन के बाद अब मृतक के भाई पर रिपोर्ट
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पुरवा। गांव मंगतखेड़ा में मृतक को जीवित दिखाकर नामांतरण आख्या लगाने पर तत्कालीन लेखपाल के निलंबन के बाद तहसीलदार पेशकार ने गलत शपथपत्र दाखिल करने वाले भाई पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
तहसीलदार न्यायालय के पेशकार घनश्याम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रामकुमार बनाम दुखहरण सिंह नाम से पंजीकृत बैनामा 17 जून 2002 को हुआ था। गांव के अजीत प्रताप सिंह द्वारा एसडीएम को दिए गए शिकायतीपत्र में बताया गया था कि जमीन खरीदने वाले राम कुमार की 2014 में मौत हो गई थी। भाई राम स्वरूप ने एक जुलाई 2019 को रामकुमार का फर्जी शपथपत्र तहसीलदार न्यायालय में दाखिल किया था। तत्कालीन लेखपाल (वर्तमान में सदर तहसील में तैनात) दिनेशचंद्र ने भी 4 जनवरी 2020 को रामकुमार को जीवित दिखाकर नामांतरण आख्या लगा दी थी। इसी आधार पर तत्कालीन तहसीलदार ने नामांतरण आदेश कर दिया था।
शिकायत पर एसडीएम पुरवा ने जांच कराई थी। शिकायत सही पाई गई थी। इस पर लेखपाल को निलंबित कर दिया गया था। बुधवार को पेशकार की तहरीर पर राम स्वरुप पर फर्जी शपथपत्र देकर धोखाधड़ी करने की रिपोर्ट दर्ज की गई।
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तहसीलदार न्यायालय के पेशकार घनश्याम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रामकुमार बनाम दुखहरण सिंह नाम से पंजीकृत बैनामा 17 जून 2002 को हुआ था। गांव के अजीत प्रताप सिंह द्वारा एसडीएम को दिए गए शिकायतीपत्र में बताया गया था कि जमीन खरीदने वाले राम कुमार की 2014 में मौत हो गई थी। भाई राम स्वरूप ने एक जुलाई 2019 को रामकुमार का फर्जी शपथपत्र तहसीलदार न्यायालय में दाखिल किया था। तत्कालीन लेखपाल (वर्तमान में सदर तहसील में तैनात) दिनेशचंद्र ने भी 4 जनवरी 2020 को रामकुमार को जीवित दिखाकर नामांतरण आख्या लगा दी थी। इसी आधार पर तत्कालीन तहसीलदार ने नामांतरण आदेश कर दिया था।
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शिकायत पर एसडीएम पुरवा ने जांच कराई थी। शिकायत सही पाई गई थी। इस पर लेखपाल को निलंबित कर दिया गया था। बुधवार को पेशकार की तहरीर पर राम स्वरुप पर फर्जी शपथपत्र देकर धोखाधड़ी करने की रिपोर्ट दर्ज की गई।
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