{"_id":"5fc7d8458ebc3e9ba007df1a","slug":"crime-unnao-news-knp597635437","type":"story","status":"publish","title_hn":"तंत्र-मंत्र के शक में की थी चचेरे भाई की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तंत्र-मंत्र के शक में की थी चचेरे भाई की हत्या
विज्ञापन
नवाबगंज। पत्नी की मौत पर तंत्र-मंत्र कराने के शक की खुन्नस में युवक ने ससुर के साथ मिलकर चचेरे भाई की गमछे से गला घोटकर हत्या की थी। शव की पहचान मिटाने के लिए कुल्हाड़ी से कई वारकर उसका चेहरा खराब कर दिया और जंगल में शव को फेंक दिया। पुलिस ने हत्यारोपी युवक व उसके ससुर को हिरासत में लिया तो दोनों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। दोनों की निशानदेही पर अजगैन थाना क्षेत्र से पुलिस ने शव को बरामद किया है।
सिंघूपुर गांव निवासी बलराम (22) पुत्र गणेश लोध 26 नवंबर 2020 को घर से रहस्यमय हालात में लापता हो गया था। उसके पिता गणेश ने दो दिन बाद 28 नवंबर को सदर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मंगलवार को गणेश ने बेटे बलराम के चचेरे भाई देशराज व उसके ससुर बाबूलाल पर बेटे को अगवा कर उसकी हत्या की आशंका जताई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो देशराज ने बताया कि दो वर्ष पहले उसकी पत्नी की मौत हो गई थी। उसे शक था कि चचेरे भाई बलराम ने तंत्र-मंत्र के जरिए पत्नी की जान ली थी। बदले की भावना से उसने अपने ससुर अजगैन के दुंदपुर गांव निवासी बाबूलाल की मदद से 26 नवंबर को बलराम को बहलाकर दुंदपुर बुलाया और शराब पिलाई। इसी दौरान गमछे से गला घोटकर हत्या कर दी। शव की पहचान मिटाने के लिए कुल्हाड़ी से चेहरे पर कई वारकर शव को वहीं जंगल में फेंक दिया।
मृतक बलराम दो भाइयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई विवाहित है। मां की एक वर्ष पहले मौत हो चुकी है। बलराम का शव देख पिता व बड़ा भाई बदहवास हो गए। एएसपी विनोद कुमार पांडेय के साथ सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपियाें की निशानदेही पर दुंदपुर के जंगल से बलराम का शव बरामद कर लिया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से कुछ साक्ष्य भी संकलित किए हैं। हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व गमछा बरामद किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिंघूपुर गांव निवासी बलराम (22) पुत्र गणेश लोध 26 नवंबर 2020 को घर से रहस्यमय हालात में लापता हो गया था। उसके पिता गणेश ने दो दिन बाद 28 नवंबर को सदर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मंगलवार को गणेश ने बेटे बलराम के चचेरे भाई देशराज व उसके ससुर बाबूलाल पर बेटे को अगवा कर उसकी हत्या की आशंका जताई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो देशराज ने बताया कि दो वर्ष पहले उसकी पत्नी की मौत हो गई थी। उसे शक था कि चचेरे भाई बलराम ने तंत्र-मंत्र के जरिए पत्नी की जान ली थी। बदले की भावना से उसने अपने ससुर अजगैन के दुंदपुर गांव निवासी बाबूलाल की मदद से 26 नवंबर को बलराम को बहलाकर दुंदपुर बुलाया और शराब पिलाई। इसी दौरान गमछे से गला घोटकर हत्या कर दी। शव की पहचान मिटाने के लिए कुल्हाड़ी से चेहरे पर कई वारकर शव को वहीं जंगल में फेंक दिया।
विज्ञापन
मृतक बलराम दो भाइयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई विवाहित है। मां की एक वर्ष पहले मौत हो चुकी है। बलराम का शव देख पिता व बड़ा भाई बदहवास हो गए। एएसपी विनोद कुमार पांडेय के साथ सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपियाें की निशानदेही पर दुंदपुर के जंगल से बलराम का शव बरामद कर लिया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से कुछ साक्ष्य भी संकलित किए हैं। हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व गमछा बरामद किया गया है।
विज्ञापन