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प्रदेश में महिलाओं के लिए कोई स्थान नहीं : प्रियंका
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पाटन (उन्नाव)। दुष्कर्म पीड़िता को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने और नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत की घटना के बाद शनिवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा बिहार थाना क्षेत्र स्थित गांव पीड़िता के पिता व परिवार से मिलने पहुंची। इस दौरान उन्होंने योगी सरकार पर सीधा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार कहती है कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है, जबकि महिलाओं के साथ जिस प्रकार घटनाएं बढ़ रही हैं, उससे तो ऐसा लग रहा है कि प्रदेश में महिलाओं के लिए कोई स्थान नहीं है। कहा कि अपराधी मुक्त प्रदेश का दावा करने वाली योगी सरकार में नौ साल की बच्ची भी स्कूल जाने से डरती है। योगी जी ने जो प्रदेश बनाया है, उसमें महिला अकेले चल भी नहीं सकती। महिलाएं हर वक्त खौफजदा रहती हैं।
प्रियंका गांधी वाड्रा शनिवार को दोपहर तकरीबन 12:30 बजे मृतका के गांव पहुंची और आधा घंटे तक पिता व भाभी से बंद कमरे में बातचीत की। परिवार के लोगों ने उन्हें घटना की शुरुआत से बेटी की मौत तक के घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी दी। इस पर प्रियंका ने परिवार के सदस्यों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि वह हर समय परिवार के साथ खड़ी रहेंगी और न्याय के लिए कानूनी मदद भी करेंगी। बाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि प्रदेश के हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए है।
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अपराधी बेखौफ हैं, उनके अंदर पुलिस का भय नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसा कि पता चला है कि ग्राम प्रधान सत्तापक्ष से जुड़े हैं। पहले भी सत्ता पक्ष से आरोपियों की मदद होती रही है। इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रियंका ने कहा कि मृतका का परिवार एक साल से न्याय की लड़ाई लड़ रहा था। पिता के साथ आरोपी मारपीट करते रहे। बच्चों व महिलाओं को डराते धमकाते रहे। फ सल तक जला दी, लेकिन समय रहते प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। यदि प्रशासन इसे गंभीरता से लेता तो इस तरह की घटना रोकी जा सकती थी।
न्याय मांगते-मांगते बेटी की चप्पलें घिस गईं, मिली मौत
प्रियंका गांधी वाड्रा को सामने देख मृतका के पिता की आंखों से आंसू बहने लगे। रूंधे गले से कहा कि न्याय मांगते-मांगते मेरी बेटी की चप्पलें घिस गईं और अंत में मौत मिली। बेटी मरते-मरते भाई से कह गई कि भैया न्याय दिलाना। पिता का आरोप है कि सत्तापक्ष के दबाव में दो जिलों की पुलिस बेटी को कई महीने तक दौड़ाती रही पर उसकी रिपोर्ट तक नहीं लिखी गई। न्यायालय और महिला आयोग का दबाव न होता तो अब तक रिपोर्ट तक न दर्ज होती। कहा कि उसका तो पूरा परिवार तबाह हो गया। आरोपियों को सख्त सजा न मिली तो परिवार के साथ जान दे देंगे।
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उन्होंने कहा कि योगी सरकार कहती है कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है, जबकि महिलाओं के साथ जिस प्रकार घटनाएं बढ़ रही हैं, उससे तो ऐसा लग रहा है कि प्रदेश में महिलाओं के लिए कोई स्थान नहीं है। कहा कि अपराधी मुक्त प्रदेश का दावा करने वाली योगी सरकार में नौ साल की बच्ची भी स्कूल जाने से डरती है। योगी जी ने जो प्रदेश बनाया है, उसमें महिला अकेले चल भी नहीं सकती। महिलाएं हर वक्त खौफजदा रहती हैं।
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प्रियंका गांधी वाड्रा शनिवार को दोपहर तकरीबन 12:30 बजे मृतका के गांव पहुंची और आधा घंटे तक पिता व भाभी से बंद कमरे में बातचीत की। परिवार के लोगों ने उन्हें घटना की शुरुआत से बेटी की मौत तक के घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी दी। इस पर प्रियंका ने परिवार के सदस्यों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि वह हर समय परिवार के साथ खड़ी रहेंगी और न्याय के लिए कानूनी मदद भी करेंगी। बाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि प्रदेश के हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए है।
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अपराधी बेखौफ हैं, उनके अंदर पुलिस का भय नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसा कि पता चला है कि ग्राम प्रधान सत्तापक्ष से जुड़े हैं। पहले भी सत्ता पक्ष से आरोपियों की मदद होती रही है। इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रियंका ने कहा कि मृतका का परिवार एक साल से न्याय की लड़ाई लड़ रहा था। पिता के साथ आरोपी मारपीट करते रहे। बच्चों व महिलाओं को डराते धमकाते रहे। फ सल तक जला दी, लेकिन समय रहते प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। यदि प्रशासन इसे गंभीरता से लेता तो इस तरह की घटना रोकी जा सकती थी।
न्याय मांगते-मांगते बेटी की चप्पलें घिस गईं, मिली मौत
प्रियंका गांधी वाड्रा को सामने देख मृतका के पिता की आंखों से आंसू बहने लगे। रूंधे गले से कहा कि न्याय मांगते-मांगते मेरी बेटी की चप्पलें घिस गईं और अंत में मौत मिली। बेटी मरते-मरते भाई से कह गई कि भैया न्याय दिलाना। पिता का आरोप है कि सत्तापक्ष के दबाव में दो जिलों की पुलिस बेटी को कई महीने तक दौड़ाती रही पर उसकी रिपोर्ट तक नहीं लिखी गई। न्यायालय और महिला आयोग का दबाव न होता तो अब तक रिपोर्ट तक न दर्ज होती। कहा कि उसका तो पूरा परिवार तबाह हो गया। आरोपियों को सख्त सजा न मिली तो परिवार के साथ जान दे देंगे।