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चटकी पटरी से शताब्दी समेत गुजर गई कई ट्रेनें
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sun, 29 Nov 2015 01:25 AM IST
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रेलवे ओवरब्रिज की डाउन लाइन पर चटकी पटरी से शनिवार को शताब्दी समेत कई ट्रेनें गुजर गईं और अधिकारी लापरवाह बने रहे। कानपुर पुल बायां किनारा गंगाघाट रेलवे स्टेशन के ओवरब्रिज की डाउन लाइन के पोल संख्या- 68/34 के समीप एक ज्वाइंट से लगी पटरी चटक गई है। इस पर शनिवार सुबह से शाम तक शताब्दी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें गुजरती रहीं।
रेल प्रशासन ने ओवरब्रिज पर अतिरिक्त गैंग मैन का स्टाफ इसलिए लगा रखा है कि वह पटरियों की खराबियों की जानकारी देने के साथ ही उन्हें दूर करे लेकिन शनिवार को पूरे दिन किसी भी गैंग मैन की निगाह इस ओर नहीं गई।
इससे कानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस, फैजाबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस, लोक मान्य तिलक एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस, लखनऊ की ओर जाने वाली सभी एलकेएम मेमू पैसेंजर, बालामऊ पैसेंजर, रायबरेली पैसेंजर समेत दो दर्जन से अधिक ट्रेनें और मालगाड़ियां इस चटके ट्रैक से गुजरीं।
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सूत्रों की मानें तो एक वेंडर ने इसकी जानकारी स्टेशन अधीक्षक छोटे लाल को दी। फिर भी उसकी सूचना को गंभीरता से नहीं लिया गया। इतना ही नहीं डाउन लाइन के पोल संख्या- 98/22 से लेकर 68/36 के बीच कई जगह पर पटरियों के बीच बड़े-बड़े गैप हैं।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि यदि गैप बड़े हो जाते हैं तो ट्रेन पलटने का डर बना रहता है। साथ ही जिन जगह पर पटरियां का लोहा गल रहा है, उससे भी ट्रेन हादसे के खतरे बने रहते हैं। ऐसे में तत्काल इनकी मरम्मत बेहद जरूरी है। स्टेशन अधीक्षक छोटे लाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस तरह की उन्हें कोई जानकारी किसी ने नहीं दी।
वर्जन- पटरी चटकने की जानकारी मुझे नहीं है, फिर भी गैंगमैन की टीम को भेजकर ट्रैक की मरम्मत कराई जाएगी।
एसके तिवारी, मुख्य रेल पथ निरीक्षक, उन्नाव
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रेल प्रशासन ने ओवरब्रिज पर अतिरिक्त गैंग मैन का स्टाफ इसलिए लगा रखा है कि वह पटरियों की खराबियों की जानकारी देने के साथ ही उन्हें दूर करे लेकिन शनिवार को पूरे दिन किसी भी गैंग मैन की निगाह इस ओर नहीं गई।
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इससे कानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस, फैजाबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस, लोक मान्य तिलक एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस, लखनऊ की ओर जाने वाली सभी एलकेएम मेमू पैसेंजर, बालामऊ पैसेंजर, रायबरेली पैसेंजर समेत दो दर्जन से अधिक ट्रेनें और मालगाड़ियां इस चटके ट्रैक से गुजरीं।
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सूत्रों की मानें तो एक वेंडर ने इसकी जानकारी स्टेशन अधीक्षक छोटे लाल को दी। फिर भी उसकी सूचना को गंभीरता से नहीं लिया गया। इतना ही नहीं डाउन लाइन के पोल संख्या- 98/22 से लेकर 68/36 के बीच कई जगह पर पटरियों के बीच बड़े-बड़े गैप हैं।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि यदि गैप बड़े हो जाते हैं तो ट्रेन पलटने का डर बना रहता है। साथ ही जिन जगह पर पटरियां का लोहा गल रहा है, उससे भी ट्रेन हादसे के खतरे बने रहते हैं। ऐसे में तत्काल इनकी मरम्मत बेहद जरूरी है। स्टेशन अधीक्षक छोटे लाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस तरह की उन्हें कोई जानकारी किसी ने नहीं दी।
वर्जन- पटरी चटकने की जानकारी मुझे नहीं है, फिर भी गैंगमैन की टीम को भेजकर ट्रैक की मरम्मत कराई जाएगी।
एसके तिवारी, मुख्य रेल पथ निरीक्षक, उन्नाव
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