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बस्तियों, मोहल्लों में ‘घूम’ रहा कोरोना, 2700 रिपोर्ट, आठ दिन से प्रतीक्षा में
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उन्नाव। जिले से लखनऊ पीजीआई भेजे गए सैंपलों में 2700 सैंपलों की रिपोर्ट का स्वास्थ्य विभाग को इंतजार है। 17 से 20 जुलाई तक के इन सैंपलों में प्रतीक्षारत लिखकर आया हुआ है। सैंपल देने वाले लोग होम आइसोलेशन न होकर गांव, मोहल्लों व बाजारों में घूम रहे हैं। स्वास्थ्य सूत्रों के अनुसार इनमें सैकड़ों सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव भी हो सकती हैं। ऐसे में जिन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी तब तक वह घर, परिवार और आसपास के तमाम लोगों को कोरोना दे चुके होंगे। इससे संक्रमण का खतरा और बढ़ने की संभावना है।
कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए तीन तरह से सैंपल लिए जा रहे हैं। इसमें जिला अस्पताल की ट्रूनेट मशीन, रैपिड टेस्ट किट व पूल सैंपलिंग में सैंपल लेकर लखनऊ पीजीआई जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया है। इसमें ट्रूनेट मशीन से तीन घंटे में व रैपिड टेस्ट किट से जांच कराने के आधे घंटे बाद रिपोर्ट मिल जाती है। इसमें देरी सिर्फ लखनऊ पीजीआई भेजे जाने वाले सैंपलों में होती है। 17 से 20 जुलाई तक पूल सैंपलिंग में करीब चार हजार सैंपल लिए गए थे। इसमें 2700 सैंपलों की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई हैं। सैंपल कराने वाले लोग होम आइसोलेट न रहकर व मोहल्लों में टहलने के साथ बाजारों में घूम कर संक्रमण का दायरा और बढ़ा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग यह कहकर पल्ला झाड़ रहा है कि सैंपल कराने वाले लोग समझदार होते हैं। इतने सैंपल हो रहे हैं किसका-किसका पता लगाया जाए। यह मोहल्ले वालों को चाहिए कि सैंपल देने वाले की रिपोर्ट न आने तक यदि वह टहलता दिखे तो पुलिस को सूचना दें। ताकि उस पर कार्रवाई हो सके।
सीएमओ बोले
सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि सैंपल लेने के बाद सभी से रिपोर्ट न आने तक होम आइसोलेट के निर्देश दिए जाते हैं। उसके बाद भी वह ऐसा नहीं कर रहे हैं तो पड़ोस के लोग पुलिस को सूचना दें। ताकि उन पर कार्रवाई हो सके।
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कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए तीन तरह से सैंपल लिए जा रहे हैं। इसमें जिला अस्पताल की ट्रूनेट मशीन, रैपिड टेस्ट किट व पूल सैंपलिंग में सैंपल लेकर लखनऊ पीजीआई जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया है। इसमें ट्रूनेट मशीन से तीन घंटे में व रैपिड टेस्ट किट से जांच कराने के आधे घंटे बाद रिपोर्ट मिल जाती है। इसमें देरी सिर्फ लखनऊ पीजीआई भेजे जाने वाले सैंपलों में होती है। 17 से 20 जुलाई तक पूल सैंपलिंग में करीब चार हजार सैंपल लिए गए थे। इसमें 2700 सैंपलों की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई हैं। सैंपल कराने वाले लोग होम आइसोलेट न रहकर व मोहल्लों में टहलने के साथ बाजारों में घूम कर संक्रमण का दायरा और बढ़ा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग यह कहकर पल्ला झाड़ रहा है कि सैंपल कराने वाले लोग समझदार होते हैं। इतने सैंपल हो रहे हैं किसका-किसका पता लगाया जाए। यह मोहल्ले वालों को चाहिए कि सैंपल देने वाले की रिपोर्ट न आने तक यदि वह टहलता दिखे तो पुलिस को सूचना दें। ताकि उस पर कार्रवाई हो सके।
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सीएमओ बोले
सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि सैंपल लेने के बाद सभी से रिपोर्ट न आने तक होम आइसोलेट के निर्देश दिए जाते हैं। उसके बाद भी वह ऐसा नहीं कर रहे हैं तो पड़ोस के लोग पुलिस को सूचना दें। ताकि उन पर कार्रवाई हो सके।
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